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हम सभी छुट्टी मनाने के लिए सबसे अच्छी जगह जाने का सपना देखते हैं, और चाहते हैं की सबकुछ योजना के मुताबिक रहे। लेकिन, इसके बावजूद अगर आपकी विदेश यात्रा के दौरान अगर कुछ गलत हो जाए, तो एक ट्रैवल इंश्योरेंस यह सुनिश्चित करेगा अचानक होने वाले खर्चे आपकी बीमा कंपनी उठाएगी।

travel insurance myths you shouldn't believe

अगर आपके पास ट्रैवल इंश्योरेंस को लेकर पहले से कोई विचार है, तो आप अकेले नहीं हैं। इसलिए हम यहां कुछ गलतफहमियां दूर करने आए हैं। 

  • जब मैं बेहद स्वस्थ हूं, तो मुझे इसकी आवश्यकता क्यों है?

ट्रैवल इंश्योरेंस में मेडिकल खर्चों के अलावा भी काफी कुछ कवर किया जाता है। यात्री का सामान गुम हो जाना, फ्लाइट रद्द या देर हो जाना, पासपोर्ट या कोई अन्य दस्तावेज खो जाने पर आने वाले खर्च जैसी स्थिति से निपटने में ट्रैवल इंश्योरेंस मददगार होता है और आपका आर्थिक नुकसान कम करता है।

मान लीजिए, अगर आप अकेले ही ऑस्ट्रेलिया गए हैं, और आपका वॉलेट चोरी हो जाए जिसमें आपके सारे पैसे रखे हैं, तो ऐसी स्थिति में आप अपनी इंश्योरेंस कंपनी से इमरजेंसी मनी देने के लिए अनुरोध कर सकते हैं, ताकि आप अपनी यात्रा जारी रख सकें। अगर आपकी फ्लाइट देर हो जाती है और एयरलाइन कंपनी की अपने यात्रियों को हर्जाना देने की कोई पॉलिसी नहीं है, ऐसे में आप अपने इंश्योरेंस कंपनी से रातभर के लिए होटल के खर्चों का कवर ले सकते हैं।

लेकिन मेरे पास इंश्योरेंस पॉलिसी है, फिर ट्रैवल इंश्योरेंस की जरूरत क्यों है?

ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी विदेशों में आपके इलाज खर्चों को कवर नहीं करती हैं। अगर कुछ कंपनियां कवर करेंगी भी तो उनका कवरेज भी कुछ देशों और क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा।

  • यह मेरे साथ नहीं होगा

हो सकता है अब तक आपकी यात्रा के दौरान कोई मुश्किल नहीं हुई, लेकिन इसकी कोई गारेंटी नहीं है कि आपकी किस्मत हमेशा आपका साथ देगी। मान लीजिए आप कभी अफ्रीका की यात्रा पर जाएं और वहां आप किसी बीमारी की गिरफ्त में आ जाएं, या हो सकता है कि अचानक से किसी आपात स्थिति की वजह से आपको घर वापस आना पड़े, तो ऐसे मामले में ट्रैवल इंश्योरेंस तत्काल और कम खर्च में घर वापसी की बेहतर व्यवस्था कर सकता है।

  • मैं ज्यादा जोखिम लेने वाला व्यक्ति नहीं हूं, इसलिए मुझे इसकी आवश्यकता नहीं है

निश्चित रूप से ट्रैवल इंश्योरेंस एडवेंचर में रुचि रखने वाले यात्रियों के लिए ज़रूरी है, लेकिन यह अन्य यात्रियों के लिए भी उतनी ही ज़रूरी है क्योंकि इससे एक सुरक्षा कवच हासिल होता है। इससे आपको अचानक किसी प्राकृतिक आपदा में फंस जाने (ज्वालामुखी फटने, बाढ़, भू-स्खलन आदि) या फिर आवश्यक दवाओं के खो जाने पर भी मदद मिलेगी। कुल ट्रैवल इंशयोरेंस क्लेम में तकरीबन 40 फीसदी क्लेम यात्रा रद्द होने से जुड़े होते हैं और सिर्फ 11 फीसदी क्लेम इलाज के खर्चों के लिए किये जाते हैं। 

  • अगर कुछ भी होता है, तो मैं वहां के किसी अस्पताल में चला जाऊंगा

एशियाई देशों में खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया में इलाज के खर्च अपेक्षाकृत सस्ते हो सकते हैं। लेकिन जैसे ही आप पश्चिमी देशों की तरफ जाते हैं, तो मेडिकल खर्च काफी बढ़ हो जाते हैं। भारत में एक अस्पताल का प्रति दिन औसत खर्च लगभग 250 डॉलर (रु. 15,000) है, जबकि अमेरिका में यह खर्च औसतन 1500 डॉलर (रु. 90,000) है। आपका ट्रैवल इंश्योरेंस यह सुनिश्चित करता है कि जिस हॉस्पिटल या क्लिनिक में आपका इलाज हो रहा है वह उच्च स्टैंडर्ड का हो और वहां के डॉक्टर भारतीय डॉक्टरों जितने कुशल हों। फिर भले ही आप किसी विकासशील देस में छुट्टियां बिताने क्यों ना गए हों। 

  • वैसे भी बीमा कंपनी मेरे क्लेम को खारिज करने वाली है, तो परेशानी क्यों उठाएं?

ज्यादातर ट्रैवल इंश्योरेंस में अगर उनके ग्राहकों द्वारा वैध दावे किए जाते हैं, तो पूरे क्लेम का भुगतान होता है। ऐसे में जरूरी है कि ट्रैवल इंश्योरेंस लेने से पहले आप पॉलिसी दस्तावेज को ध्यान से पढ़ें। हो सकता है, पॉलिसी में कुछ बातों को शामिल नहीं किया गया हो। उदाहरण के तौर पर, पहले से मौजूद बीमारियों के लिए क्लेम पर इंश्योरेंस कंपनी मना कर सकती है। अगर एडवेंचर स्पोर्ट्स की वजह से कोई दुर्घटना होती है या चोट लगती है, कोई आतंकवादी घटना हो जाती है, तो ऐसे मामले में भी इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से मना कर सकती है।

अक्सर अधिकतर यात्री ट्रैवल इंश्योरेंस के फायदे भूल जाते हैं या फिर नज़रअंदाज कर देते हैं। और बाद में ट्रैवल इंश्योरेंस स्कीम ना लेने का पछतावा होता है। हर यात्रा के दौरान छोटी सी कीमत देकर ट्रैवल इंश्योरेंस लेने से आप लाखों रुपए की बचत कर सकते हैं। बचाए गए इन पैसों से आप और भी ज्यादा जगहों पर जा सकेंगे और यात्रा का आनंद बढ़ा सकेंगे। 

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