एक डीमैट खाते के बारे में मूल बातों को समझें

एक निवेशक के रूप में डीमैट खाते के बहुत फायदे होते हैं |

एक डीमैट खाते के बारे में मूल बातों को समझें

एक डीमैट या डिमटेरियलाइज्ड खाता,बैंक खाते जैसा होता है ; केवल यही फर्क है कि एक बैंक खाते में आपकी तरल नकद जमा रहती है जबकि आपके डीमैट खाते में सिक्योरिटीज रहती हैं -स्टॉक्स, म्यूच्यूअल फंड्स, बांड्स और डिबेंचर के रूप में | यदि आप मार्केट -ट्रेडेड सिक्योरिटीज खरीदना या बेचना चाहते हैं तो एक डीमैट खाता अनिवार्य है | यह एक इलेक्ट्रॉनिक तिजोरी है जो भौतिक प्रमाणपत्र के विकल्प में आपके निवेशों को होल्ड करते है |

एक डीमैट खाता होने के फायदे

जब निवेश के प्रबंधन की बात आती है तो डीमैट खाता के कई लाभ होते हैं |

बहुउद्देशीय तिजोरी: जैसे-जैसे तकनीक तरक्की कर रही है, ऊपर बताये गए पारम्परिक निवेशों के अलावा, आप अपने डिजिटल सोने और बीमा पॉलिसियों को भी संग्रहित कर सकते हैं और उन तक पहुँच सकते हैं |

सुरक्षा और संरक्षा : चूँकि एसेट्स को डिजिटल प्रारूप में रखा जाता है ,इसलिए इसके कोई अतिरिक्त संग्रहण खर्च नहीं होते हैं | चोरी का जोखिम ,भौतिक दस्तावेजों का खो जाना या खराब होने का डर ख़त्म हो जाता है |

तीव्र हस्तानांतरण : एक डीमैट खाते से प्रतिभूतियों की खरीदी एवं बिक्री तात्कालिक होती है | इसमें कोई कागज़ी कार्यवाही नहीं होती है | खराब डिलीवरी या लाभार्थी के विवरण में त्रुटियाँ भी न्यूनतम होती है |

कोई स्टाम्प ड्यूटी नहीं है : भौतिक एसेट या दस्तावेजों से विपरीत ,इलेक्ट्रॉनिक एसेट्स के स्थानांतरण में आपको अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी के भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है |

नामांकन सुविधा : एक डीमैट खाते में आपको आपके खाते में एक नॉमिनी का चयन करने की सुविधा होती है | निवेशक के मृत्यु की स्थिति में, यह एसेट नॉमिनी या उत्तराधिकारी को आसानी से हस्तांतरित किया जाता है |

अपडेट: हर बार जब आप कोई प्रतिभूति खरीदते या बेचते हैं ,तो उसके बारे में आपको टेक्स्ट या इ-मेल द्वारा सूचित किया जाता है |इससे धोखाधड़ी या ख़राब प्रबंधन की संभावनाएं कम हो जाती है | हालांकि यदि इसमें कोई लेनदेन नहीं भी होता है ,तो भी आपको नियमित रूप से एक डीमैट स्टेटमेंट भेजा जाता है ताकि आप अपने निवेश के प्रदर्शन का आंकलन कर सके |

एक डीमैट खाता कैसे खोलें

एक डीमैट खाता एक डिपॉज़िटरी सहभागी के माध्यम से खोला जाता है जो निवेशक और ट्रेडिंग प्लेटफार्म के बीच एक मध्यस्थ का काम करता है,जहां वास्तविक खरीद एवं बिक्री होती है |आपका खाता खोलने के लिए नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉज़िटरी लिमिटेड (एन.एस.डी.एल.) या सेंट्रल डिपॉज़िटरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सी.डी.एस.एल.) में 850 से ज्यादा डी.पी. पंजीकृत हैं | इसमें स्टॉक-ब्रोकिंग फर्म,वाणिज्यिक बैंक और राज्य-संचालित वित्तीय कॉर्पोरेशंस भी शामिल हैं |

अलग-अलग संरचना के अनुसार ,कई डी.पी में 2-इन-1 या 3-इन-1 खाता होता है | एक 2-इन-1 खाता अधिकतर ब्रोकिंग फर्म और एन.बी.एफ.सी. द्वारा प्रदान किया जाता है और इसमें डीमैट खाता और सेवा प्रदाताओं द्वारा ट्रेडिंग प्लेटफार्म शामिल होता है | दूसरी ओर, बैंक 3-इन-1 खाता प्रदान करता है जिसमे बैंक खाता,डीमैट खाता और ट्रेडिंग प्लेटफार्म सब एक साथ जुड़ा होता है , जिसमे ट्रेडिंग के उद्देश्य से आसान फंड ट्रांसफर संभव होता है |

एक डीमैट खाता खोलने के लिए किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है ?

एक डीमैट खाता प्रदान करने वाले विभिन्न संस्थानों में सेबी द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज़ों की सूचि एक समान ही होती है :

  • पहचान प्रमाणपत्र : ड्राइविंग लाइसेंस /पासपोर्ट/ आधार कार्ड/ वोटर आई.डी.
  • पता का प्रमाण पत्र : ड्राइविंग लाइसेंस /पासपोर्ट/ आधार कार्ड/ वोटर आई.डी./ बैंक स्टेटमेंट
  • पैन का विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • बैंक खाते का विवरण: रद्द किया गया चेक
  • आय का प्रमाण : आई.टी.आर पावती की कॉपी ( डेरीवेटिव खंड में ट्रेडिंग के लिए)

एक डीमैट खाता खोलते वक़्त किस चीज़ का ध्यान रखना चाहिए

यदि आप एक महिला हैं जो निवेश की दुनिया को और जाना चाह रही हैं ,तो आपको डीमैट खाता खोलने से पहले यहां बताये कुछ चीज़ों पर विचार करना चाहिए :

डीमैट खाते के प्रकार : जैसे कि पहले ही बताया गया है कि आपके पास 2-इन-1 या 3-इन-1 खाते के बीच विकल्प होता है | जब तक आपको निवेश खाता अलग रखने की इच्छा न हो ,तब तक आपको अलग बैंक खाता खोलने की कोई ज़रूरत नहीं है | खाते में बैलेंस रखना और कर के उद्देश्य से हिसाब रखना ,इसमें एक अतिरिक्त काम है |

ब्रोकिंग सेवाओं के प्रकार: ट्रेडिंग प्लेटफार्म दो प्रकार के हो सकते हैं - एक पूर्ण सेवा ब्रोकरेज या डिस्काउंट ब्रोकरेज | आपके निवेश सम्बन्धी ज्ञान और आवश्यक मार्गदर्शन के अनुसार, आप दोनों में से किसी एक को चुन सकते हैं |

शुल्क और फीस: एक सेवा प्रदाता के चयन करने में रखरखाव शुल्क और ब्रोकिंग शुल्क बहुत एहम भूमिका निभाता है | किसी एक का चयन करें जिसकी लेनदेन शुल्क वहन योग्य हो परन्तु इस कारण सेवा की गुणवत्ता पर असर नहीं पड़ना चाहिए |

ट्रेडिंग प्लेटफार्म और ग्राहक सहायता : ट्रेडिंग प्लेटफार्म को ग्राहकों के लिए सरल और परेशानी मुक्त होना चाहिए| साइन-अप करने से पहले ग्राहकों की समीक्षाओं को पढ़ें और एक सॉफ्टवेयर डेमो लें|

सारांश में, आपका विकल्प चुनने से पहले एक अच्छा शोध करें और सेवा की गुणवत्ता की अच्छे से तुलना करें |




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