स्‍टार्टअप या कारोबार में करना चाहती हैं निवेश? इन महिला निवेशकों के नक्‍शेकदम पर चलिए 

भारतीय स्‍टार्टअप का मौजूदा परिदृश्‍य हर निवेशक को आकर्षित कर रहा है। वहीं देश की महिला निवेशक इसका सबसे ज्‍यादा लाभ उठा रही हैं।

Want to invest in a startup or business? Follow in the footsteps of these women investors

भारतीय स्‍टार्टअप की सफलता निवेशकों के बीच सबसे चर्चित विषयों में से एक है। हमारा देश पहले से ही दुनिया के तीन सबसे बड़े टेक्‍नोलॉजी स्टार्टअप में शामिल है। वहीं लगभग हर दूसरे क्षेत्र की तरह, महिलाएं भी यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। स्टार्टअप और व्यवसायों में निवेश करने वाली ये महिलाएं अपनी उपलब्धियों के साथ एक नई क्रांति की रचना कर रही हैं। यदि आप भी इन महिला निवेशकों के साथ जुड़ना चाहती हैं और व्यवसायों में निवेश करना चाहती हैं, तो यहां विशेषज्ञों द्वारा कुछ सुझाव दिए गए हैं।

आइए देखें कि इन पूर्व उद्यमियों, बैंकरों और सलाहकारों ने अपने निवेश के फैसले कैसे किए हैं: 

1. पद्मजा रूपारेल

पदनाम: सह-संस्‍थापक एवं प्रेसिडेंट, इंडिया एंजल नेटवर्क (आईएएन) 

पोर्टफोलियो:7 देशों में मौजूद 130 से अधिक कंपनियां, 17 विभिन्‍न क्षेत्रों में कार्यरत

पद्मजा रूपारेल ने 2006 में एक छोटे से ऑफिस से आईएएन की शुरुआत की थी। आज, आईएएन 10 देशों में काम कर रही है। जहां इसके 430 से अधिक एंजल सदस्य हैं। भारत में महिला निवेशकों की स्थिति को देखते हुए, उन्हें लगता है कि पूरे देश में एंजल फंडिंग की अवधारणा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही महिलाओं को निवेशक बनने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए। 

वे क्‍या चाहती हैं 

पद्मजा मानती हैं कि, ‘संगठन लोगों को नहीं बनाते, बल्कि लोग संगठन का निर्माण करते हैं।’ उन्‍हें संबंधित विषय की विशेषज्ञता के साथ एक असाधारण टीम की तलाश है। उन्हें लगता है कि उद्यमी और उनकी टीम को उस क्षेत्र की अच्छी समझ होनी चाहिए, जिसमें वे काम करना चाहते हैं। पद्मजा ऐसे स्टार्टअप की तलाश में हैं जो नए उत्पाद के साथ 'क्रांति' लेकर आए या फिर 'नई ज़रूरत पैदा' करे। 

2. वाणी कोला 

पदनाम : सह संस्‍थापक एवं मैनेजिंग डायरेक्‍टर (एमडी), कलारी कैपिटल 

पोर्टफोलियो:60 से ज्‍यादा स्‍टार्टअप जिसमें मिंत्रा, योरस्‍टोरी मीडिया, जिवामे, एक्टिव.एआई, अर्बन लैडर, क्‍योरफिट और ब्‍लूस्‍टोन शामिल हैं। 

सिलिकॉन वैली में वाणी का 22 साल का अनुभव बताता है कि क्‍यों वे आज देश की सबसे बड़ी वेंचर फर्मों में से एक की प्रमुख हैं। वे मिंत्रा और स्‍नैपडील में निवेश के साथ ही ईकॉमर्स सेक्‍टर पर भरोसा जताने वाले पहले निवेशकों में से एक थी। 

वे क्‍या चाहती हैं

जब बात निवेश की हो, वाणी ऐसे स्‍टार्टअप को तरजीह देती हैं जो महत्‍वाकांक्षी हों। वे कहती हैं कि ‘मैं यह नहीं सुनना चाहती कि आप किसके जैसे हो; या किसी और को आपके जैसा बनना चाहिए।’ वाणी दृढ़ता के साथ मानती हैं कि भारत के स्टार्टअप को मौजूदा नॉलेज ईकोसिस्‍टम से इनोवेटिव ईकोसिस्‍टम की ओर जाना होगा। वे स्टार्टअप को इसी बदलाव की दिशा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है।

3. नीता मीरचंदानी 

पदनाम : संस्‍थापक सदस्‍य एवं डायरेक्‍टर, काए कैपिटल 

पोर्टफोलियो :हैल्‍थकार्ट, हैलो इंग्लिश; पोर्टर; सिसक्‍लाउड, पेरेंटट्यून, ट्रूएबिल, मैपमाइटेलैंट.इन, मिंत्रा, एजुकार्ट, फ्रैक्‍टल इत्‍यादि। 

लंदन स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स से अर्थशास्‍त्र में बैचलर्स एवं मास्‍टर्स की डिग्री लिए, नीता मीरचंदानी इससे पहले जेएम मॉर्गन स्‍टैनली एवं एचडीएफसी सिक्‍योरिटीज़ में काम कर चुकी है। जहां उनकी विशेषज्ञता इक्विटी अनुसंधान के क्षेत्र में थी। 

वे क्‍या चाहती हैं 

नीता को उन कंपनियों की तलाश है जो अपने संबंधित बाजारों में मौजूदा किसी कमी की पहचान करती हैं, और इस कमी को पूरा करने के लिए अभिनव समाधान लेकर आती हैं। साथ ही वे यह भी देखती हैं कि क्या वे उस कंपनी के लिए निवेशक के रूप में पहली पसंद हैं। 

4. लतिका पई 

पदनाम : संस्‍थापक सदस्‍य, सोंडरकनेक्‍ट 

पोर्टफोलियो :शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, फिनटेक, पर्यावरण आदि जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्‍व वाले व्‍यवसाय। 

कई निवेशक और कारोबारी तब देखते ही रह गए जब लतिका पई ने 7 अनुभवी महिला कारोबारियों के साथ सोंडरकनेक्‍ट की स्‍थापना की। यह एक एंजल फंड है जो कि महिलाओं के नेतृत्‍व वाले व्‍यवसायों की मदद करने पर केंद्रित है। सोंडरकनेक्ट अमेरिकी एंजल नेटवर्क गोल्डन सीड्स का भारत संस्करण है। इसे देश का सबसे बड़ा एंजल फंड माना जाता है।

वे क्‍या चाहती हैं 

लतिका का कहना है कि वह भारत के विशाल स्टार्टअप परिदृश्य में अधिक संख्‍या में महिला निवेशकों को नहीं देखकर निराश हैं। उनका मानना है कि बहुत सी महिला उद्यमियों के पास ऐसा कोई नहीं है जो उन्‍हें कारोबार चलाने के बारे में जानकारी दे और मार्गदर्शन प्रदान करे। इसलिए वे और उनकी टीम ऐसी महिला उद्यमियों की तलाश करती हैं जिनके पास अपने कारोबार को वैश्विक स्‍तर पर ले जाने की सोच हो और वे अपना यह लक्ष्‍य पूरा करना चाहती हों। 

5. प्रेशा परागश एवं श्‍वेता सिंह 

पदनाम : सह-संस्‍थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर्स, सोल प्राइमेरो 

पोर्टफोलियो:क्‍यूबिटो, क्‍यूरोफाई, जस्‍टराइड, राइडिंगो, स्‍मार्ट पॉकेट, दकैरियर 

प्रेशा परागश एवं श्‍वेता सिंह ने शुरुआती चरण की निवेश कंपनी सोल प्राइमेरो की शुरुआत 2014 में की थी। इन दो महिलाओं में बहुत सी समानताएं हैं- वे वॉर्टन से एमबीए ग्रेजुएट हैं और उनके पास लंदन के यूबीएस इंवेस्‍टमेंट बैंक में इंवेस्‍टमेंट बैंकिंग का 5 साल से अधिक का अनुभव है।

वे क्‍या चाहती हैं 

प्रेशा एवं श्‍वेता ऐसे कारो‍बारियों के साथ काम करना चाहती हैं जिनके पास इनोवेशन के चलते बड़ी संख्‍या में अवसर उपलब्‍ध हों। वे ऐसी कंपनियों की तलाश करती हैं जिसमें वे मुख्य सीड इन्‍वेस्‍टर्स बन सकती हैं। 

निष्‍कर्ष 

यदि भारतीय स्टार्टअप को एक अग्रणी स्‍थान पाना है, तो इसे महिला निवेशकों की क्षमताओं को पहचानना और इसे बढ़ावा देना होगा। इन प्रेरणादायक महिलाओं के इशारे को समझिए और यदि आप महिला निवेशकों की सफलता के रथ पर सवार होना चा‍हती हैं, तो आज से बेहतर समय कोई और नहीं हो सकता।

डिस्‍क्‍लेमर: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेने के लिए आपको अलग से स्वतंत्र सलाह प्राप्त करनी चाहिए। 


 

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