HDFC Bank Merger : शेयरधारकों के लिए HDFC-HDFC बैंक के विलय होने का क्या मतलब है?

भविष्य में, हम और बड़ी NBFCs को बैंकों में परिवर्तित होते हुए देख सकते हैं।

HDFC merger

HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक के एकीकरण की घोषणा हफ्ते की शुरुआत में की गई थी और यह अखबारों के फाइनेंशियल पेज पर छाया हुआ है। इस डील को एक 'मेगा मर्जर' के रूप में वर्णित किया जा रहा है, उम्मीद है कि यह न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी एक बैंकिंग हैवीवेट बन जाएगा।

विश्लेषकों का कहना है कि नई कंपनी मार्केट कैपिटलाइजेशन (14 लाख करोड़ रुपए) के संदर्भ में भारत की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी होगी और इसी मापदंड पर यह दुनिया भर में आठवां सबसे बड़ा बैंक होगा। देश में इसकी बाजार की हिस्सेदारी इसके सबसे बड़े प्रतिद्वंदी ICICI बैंक से दोगुनी होगी।

इसका मतलब यह है कि बैंकिंग में HDFC-HDFC बैंक के विलय को भारत की सबसे बड़ी डील में से एक के रूप में याद किया जा सकता है।

HDFC बैंक की लोन बुक भी विलय के बाद काफी हद तक बढ़ जाएगी - लगभग 18 ट्रिलियन रुपए, दोनों कंपनियों के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में उनकी तीसरी तिमाही के प्रदर्शन से एक बड़ी छलांग: HDFC बैंक के 12.69 ट्रिलियन रुपए और HDFC लिमिटेड के 5.26 ट्रिलियन रुपए।

लेकिन बैंक के विलय के प्रभाव को बैंकिंग क्षेत्र से परे महसूस किया जाना तय है, जो व्यापक बाजारों को कई तरीकों से प्रभावित करता है। आइए हम देखते हैं कि कैसे।

शेयर प्राइस गेन

5 अप्रैल (सोमवार) को HDFC-HDFC बैंक के विलय की घोषणा का शेयर बाजार पर तत्काल प्रभाव पड़ा, जिससे दोनों कंपनियों के शेयर की कीमतों में तेजी देखी गई। दिन के दौरान, HDFC बैंक ने 1656.6 रुपए के इंट्रा-डे के उच्‍च स्‍तर को छुआ, जो 52-हफ्ते के उच्च स्तर 1725 रुपए प्रति शेयर के करीब पहुंच गया।

हालांकि, यह जल्द ही गिर गया, और अगले कुछ दिनों तक ट्रेंड नीचे की ओर जारी रहा; घोषणा के एक हफ्ते के बाद, HDFC सोमवार (11 अप्रैल) को दोपहर तक करीब 1504 रुपए पर ट्रेड कर रहा था।

ऐसा लगता है कि विश्लेषक अधिक क्‍लैरिटी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जैसा कि HDFC बैंक के लिए निर्धारित बहुत ही घटते-बढ़ते टार्गेट प्राइस में दिखाई देता प्रतीत होता है, जैसा कि नीचे दिया गया है:

  • एमके ग्लोबल: टार्गेट प्राइस - 2050 रुपए, 'बाई' रेटिंग;
  • निर्मल बांग: टार्गेट प्राइस - 2151 रुपए, 'बाई' रेटिंग;
  • आनंद राठी - 1923 रुपए का टार्गेट प्राइस, 'बाई' रेटिंग;
  • कोटक सिक्योरिटीज - 1780 रुपए का टार्गेट प्राइस, 'बाई' रेटिंग;
  • यस सिक्योरिटीज - 1900 रुपए का टार्गेट प्राइस, 'बाई' रेटिंग।

शेयरहोल्डिंग पैटर्न

विलय के बाद, HDFC लिमिटेड के शेयरधारकों को HDFC लिमिटेड के 2 रूपए प्रति मूल्‍य के 25 शेयरों के बदले में एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे, जिनमें से हर एक की फेस वैल्‍यू एक रुपए होगी। एक्‍सचेंज रेशियो 1:1.68 होगा। इससे उन्हें विलय किए गए बैंक में 41% की ओनरशिप मिलेगी।

HDFC का मॉर्गेज बिज़नेस और लोन सर्विसिंग प्रक्रियाएं भी HDFC बैंक के अंतर्गत आएंगी, जिससे इसके शेयरधारकों के लाभ के लिए इसके रेवेन्‍यू में वृद्धि होगी।

NBFCs का भविष्‍य

HDFC लिमिटेड जैसी वित्तीय कंपनियों के लिए, मार्केट या बैंकों से फंड सोर्सिंग करना महंगा हो सकता है, लेकिन बैंकों के लिए उधार की दरें बहुत कम हैं, जो उनके लिए उधार लेना सस्ता बनाता है। यह सबसे पहला HDFC के एकीकरण के पीछे के मुख्य कारणों में से एक है।

भविष्य में, हम भारत में और अधिक बैंक विलय देख सकते हैं क्योंकि प्रतिस्पर्धा यह जांच करती है कि HDFC का विलय कैसे हुआ। हम और अधिक NBFCs को बैंकों में परिवर्तित होते हुए देख सकते हैं, बशर्ते कि इन प्रस्तावों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मंजूरी मिली हो।

संवादपत्र

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