भारत में उच्चतम बाजार पूंजीकरण वाले स्टॉक्स? रिलायंस इंडस्ट्रीज़, टीएससी(TCS), एचडीएफसी(HDFC( बैंक, इन्फ़ोसिस और एचयूएल(HUL) | Which are the stocks with the highest market capitalisation in India

बाजार पूँजीकरण स्‍टॉक को चुनने का मुख्‍य मापदंड है। बाजार पूँजीकरण की तीन श्रेणियां हैं: लार्ज-कैप, मिड कैप, और स्‍मॉल कैप। बाजार पूँजीकरण के आधार पर स्‍टॉक का जोखिम प्रोफाइल भिन्‍न होता है, इसलिए केवल उन स्‍टॉक्‍स को चुनें जो आपकी रिस्‍क-रिटर्न इच्‍छा के अनूकूल हैं।

भारत में उच्चतम बाजार पूंजीकरण वाले स्टॉक कौन से हैं?

बाजार पूंजीकरण कंपनी के आकार का एक अच्छा संकेतक है। स्टॉक चुनते समय यह विचार करने के लिए यह एक मुख्य मानदंड है। बाजार पूंजीकरण की गणना प्रति शेयर मौजूदा बाजार मूल्य से बाकी शेयरों की संख्या को गुणा करके की जाती है। यह प्रचलित बाजार मूल्य के आधार पर कंपनी के कुल मूल्य को दर्शाता है।

बाजार में मौजूद शेयरों की संख्या (ट्रेड किए जा रहे) के आधार पर, कंपनियों को इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • लार्ज-कैप कंपनियां- ₹ 28,500 करोड़ या अधिक की पूँजीकरण
  • मिड-कैप कंपनियां- ₹ 8,500 करोड़ से अधिक लेकिन 28,500 करोड़ से कम बाजार पूंजीकरण
  • स्‍मॉल-कैप कंपनियां- ₹ 28,500 करोड़ से कम का बाजार पूँजीकरण

बाजार पूँजीकरण के आधार पर स्‍टॉक का जोखिम प्रोफाइल

कंपनी के साथ जुड़ा हुआ जोखिम आमतौर पर बाजार पूँजीकरण (लार्ज, मिड, या स्‍मॉल) पर आधारित होता है। लार्ज-कैप कंपनी को मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों की तुलना में अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।

लार्ज-कैप कंपनियों को ग्रोथ कंपनी भी कहा जाता है, क्‍योंकि उन्‍होंने अपने स्‍टॉकहोल्‍डर्स के लिए संपत्ति कमाने के एतिहासिक साक्ष्‍य स्‍थापित किये हैं। 

मिड-कैप कंपनियों को भी वैल्‍यू स्‍टॉक्‍स भी कहा जाता है, उनमें अगले दशक में लार्ज-कैप बनने की क्षमता है। हालांकि, उनमें लार्ज-कैप स्‍टॉक की तुलना में नीचे जाने का अधिक जोखिम होता है।

स्मॉल-कैप कंपनियों के पास स्थापित नकदी प्रवाह नहीं हो सकता है और निवेशकों का विश्वास हासिल करने के लिए बुक्स पर्याप्त शक्तिशाली नहीं दिखा सकती हैं। स्मॉल-कैप का भी अक्सर सट्टा लगाने के लिए उपयोग किया जाता है, जिससे अस्थिरता काफी अधिक होती है।

बाजार पूँजीकरण के आधार पर 5 शीर्ष स्‍टॉक्‍स

यहां उच्च बाजार पूंजीकरण वाले स्टॉक्स की सूची दी गई है। इस श्रेणी में आने वाले सभी शेयरों को दिखाना संभव नहीं है, इसलिए हम शीर्ष 5 स्टॉक्स की सूची बना रहे हैं

1. रिलायंस इंडस्ट्री 

आरआईएल(RIL) (रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड) Nifty 50 और सेन्सेक्स का हिस्‍सा है। यह ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधनों, पेट्रोकेमिकल्स आदि में काम करता है और इसका बाजार पूंजीकरण लगभग 14,79,123 करोड़ रुपये है। (यह आंकड़ा विशेष कारोबारी दिन के अंतिम मूल्य में बदलाव के आधार पर दैनिक बढ़ता-घटता रहता है।) प्रति शेयर कीमत 2200 रुपये से अधिक है। आरआईएल(RIL) ने कठिन समय के दौरान मजबूती दिखाई है और देश में सबसे अधिक लाभदायक कंपनियों में से एक बनी हुई है। यह प्रति वर्ष  लगभग 8% का इक्विटी पर मध्‍यम रूप से स्थिर रिटर्न (ROE) प्रदान करता है। कंपनी के लिए कीमत/आय (इसका सूचक कि प्रति शेयर अपनी आय के मुकाबले स्टॉक कितनी बार ट्रेड होता है) 31x पर है। स्टॉक के लिए लाभांश कमाई 0.31% है। 10 साल के लिए शेयर की कीमत का सीएजेआर (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 19% प्रति वर्ष है, तो यदि आपने 10 साल पहले आरआईएल(RIL) में निवेश किया होता, तो आपको हर साल 19% रिटर्न मिला होगा। 

2. टाटा कन्सल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS)

11,71,674 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ, टीसीएस(TCS), आरआईएल(RIL) के बाद दूसरे स्थान पर है। यह आईटी सर्विस सेक्‍टर में काम करता है। यह टाटा समूह की कंपनियों की एक सहायक कंपनी है जिसकी भारत में लंबी विरासत है। अकेले टीएसएस(TCS) में 5 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इसने कर्मचारियों की सुविधा और नौकरी की संतुष्टि को बढ़ाने के लिए एक अग्रणी प्रयास किया है। कंपनी अपने शेयरधारकों को नियमित डिविडेंट भी देती है। इस शेयर की डिविडेंड कमाई 1.02% है। आरओई(ROE) 39% पर है, जो दर्शाता है कि कंपनी बहुत प्रभावशाली गति से बढ़ रही है। स्टॉक 39x की आय के मूल्य पर ट्रेड करता है, जिसका अर्थ है कि स्टॉक की कीमत प्रति शेयर आय का 39 गुना है। 10 वर्षों के लिए शेयर की कीमत का सीएजीआर(CAGR) 22% प्रति वर्ष है।

3.एचडीएफसी(HDFC) बैंक 

यह कंपनी बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं के क्षेत्र में काम करती है और इसका मार्केट कैप 8,57,269 करोड़ रुपये है। इस शेयर पर डिविडेंड की कमाई 0.42% और आरओई(ROE) 16.5% है। 10 वर्षों के लिए शेयर मूल्य सीएजीआर(CAGR) 21% प्रति वर्ष रहा है। एचडीएफसी(HDFC) बैंक अपने क्षेत्र में एक मार्केट लीडर है और अपनी पहुंच बढ़ाने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कुछ नया करने का प्रयास करता रहता है।

4. इन्फ़ोसिस

टीसीएस(TCS) की तरह, यह दूसरी टीयर -1 IT सर्विस कंपनी है जो Nifty 50 और सेन्सेक्स में शामिल है। इसका मार्केट कैप 7,27,793 करोड़ रुपये है। स्टॉक आकर्षक डिविडेंट का भुगतान करता है; प्राप्ति 1.58% है और आरओई(ROE) 27% है। स्‍टॉक की कीमत का 10 साल का सीएजीआर(CAGR) 19% प्रति वर्ष है। इन्फ़ोसिस ने अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए क्लाउड प्लेटफॉर्म का लाभ उठाने का प्रस्ताव रखा है और स्थिर गति से अपनी टॉप लाइन (राजस्व) को बढ़ाती जा रही है।

5. हिंदुस्तान युनिलिवर (HUL)

भारत में सबसे पुरानी ब्रिटिश-डच कंपनियों में से एक, एचयूएल(HUL) की स्थापना 1933 में हुई थी और इसने फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स स्पेस (FMCG) में अपने कारोबार का विस्‍तार किया। कंपनी का मार्केट कैप 6,29,208 करोड़ रुपये है। डिविडेंड की कमाई 1.16% और आरओई 29% है। स्‍टॉक की कीमत का 10 साल का सीएजीआर(CAGR) 24% प्रति वर्ष है। कंपनी ऐसे सेक्‍टर में काम करती है जिसे कठिन समय के दौरान एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है।

हमें आशा है कि इस लेख ने आपको बाजार पूंजीकरण की अवधारणा को समझने में मदद की है। शुरुआत करने वाले लोगों के लिए, लार्ज-कैप कंपनियों में निवेश शुरू करना हमेशा अच्छा होता है।

 

 

बाजार पूंजीकरण कंपनी के आकार का एक अच्छा संकेतक है। स्टॉक चुनते समय यह विचार करने के लिए यह एक मुख्य मानदंड है। बाजार पूंजीकरण की गणना प्रति शेयर मौजूदा बाजार मूल्य से बाकी शेयरों की संख्या को गुणा करके की जाती है। यह प्रचलित बाजार मूल्य के आधार पर कंपनी के कुल मूल्य को दर्शाता है।

बाजार में मौजूद शेयरों की संख्या (ट्रेड किए जा रहे) के आधार पर, कंपनियों को इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • लार्ज-कैप कंपनियां- ₹ 28,500 करोड़ या अधिक की पूँजीकरण
  • मिड-कैप कंपनियां- ₹ 8,500 करोड़ से अधिक लेकिन 28,500 करोड़ से कम बाजार पूंजीकरण
  • स्‍मॉल-कैप कंपनियां- ₹ 28,500 करोड़ से कम का बाजार पूँजीकरण

बाजार पूँजीकरण के आधार पर स्‍टॉक का जोखिम प्रोफाइल

कंपनी के साथ जुड़ा हुआ जोखिम आमतौर पर बाजार पूँजीकरण (लार्ज, मिड, या स्‍मॉल) पर आधारित होता है। लार्ज-कैप कंपनी को मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों की तुलना में अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।

लार्ज-कैप कंपनियों को ग्रोथ कंपनी भी कहा जाता है, क्‍योंकि उन्‍होंने अपने स्‍टॉकहोल्‍डर्स के लिए संपत्ति कमाने के एतिहासिक साक्ष्‍य स्‍थापित किये हैं। 

मिड-कैप कंपनियों को भी वैल्‍यू स्‍टॉक्‍स भी कहा जाता है, उनमें अगले दशक में लार्ज-कैप बनने की क्षमता है। हालांकि, उनमें लार्ज-कैप स्‍टॉक की तुलना में नीचे जाने का अधिक जोखिम होता है।

स्मॉल-कैप कंपनियों के पास स्थापित नकदी प्रवाह नहीं हो सकता है और निवेशकों का विश्वास हासिल करने के लिए बुक्स पर्याप्त शक्तिशाली नहीं दिखा सकती हैं। स्मॉल-कैप का भी अक्सर सट्टा लगाने के लिए उपयोग किया जाता है, जिससे अस्थिरता काफी अधिक होती है।

बाजार पूँजीकरण के आधार पर 5 शीर्ष स्‍टॉक्‍स

यहां उच्च बाजार पूंजीकरण वाले स्टॉक्स की सूची दी गई है। इस श्रेणी में आने वाले सभी शेयरों को दिखाना संभव नहीं है, इसलिए हम शीर्ष 5 स्टॉक्स की सूची बना रहे हैं

1. रिलायंस इंडस्ट्री 

आरआईएल(RIL) (रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड) Nifty 50 और सेन्सेक्स का हिस्‍सा है। यह ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधनों, पेट्रोकेमिकल्स आदि में काम करता है और इसका बाजार पूंजीकरण लगभग 14,79,123 करोड़ रुपये है। (यह आंकड़ा विशेष कारोबारी दिन के अंतिम मूल्य में बदलाव के आधार पर दैनिक बढ़ता-घटता रहता है।) प्रति शेयर कीमत 2200 रुपये से अधिक है। आरआईएल(RIL) ने कठिन समय के दौरान मजबूती दिखाई है और देश में सबसे अधिक लाभदायक कंपनियों में से एक बनी हुई है। यह प्रति वर्ष  लगभग 8% का इक्विटी पर मध्‍यम रूप से स्थिर रिटर्न (ROE) प्रदान करता है। कंपनी के लिए कीमत/आय (इसका सूचक कि प्रति शेयर अपनी आय के मुकाबले स्टॉक कितनी बार ट्रेड होता है) 31x पर है। स्टॉक के लिए लाभांश कमाई 0.31% है। 10 साल के लिए शेयर की कीमत का सीएजेआर (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 19% प्रति वर्ष है, तो यदि आपने 10 साल पहले आरआईएल(RIL) में निवेश किया होता, तो आपको हर साल 19% रिटर्न मिला होगा। 

2. टाटा कन्सल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS)

11,71,674 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ, टीसीएस(TCS), आरआईएल(RIL) के बाद दूसरे स्थान पर है। यह आईटी सर्विस सेक्‍टर में काम करता है। यह टाटा समूह की कंपनियों की एक सहायक कंपनी है जिसकी भारत में लंबी विरासत है। अकेले टीएसएस(TCS) में 5 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इसने कर्मचारियों की सुविधा और नौकरी की संतुष्टि को बढ़ाने के लिए एक अग्रणी प्रयास किया है। कंपनी अपने शेयरधारकों को नियमित डिविडेंट भी देती है। इस शेयर की डिविडेंड कमाई 1.02% है। आरओई(ROE) 39% पर है, जो दर्शाता है कि कंपनी बहुत प्रभावशाली गति से बढ़ रही है। स्टॉक 39x की आय के मूल्य पर ट्रेड करता है, जिसका अर्थ है कि स्टॉक की कीमत प्रति शेयर आय का 39 गुना है। 10 वर्षों के लिए शेयर की कीमत का सीएजीआर(CAGR) 22% प्रति वर्ष है।

3.एचडीएफसी(HDFC) बैंक 

यह कंपनी बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं के क्षेत्र में काम करती है और इसका मार्केट कैप 8,57,269 करोड़ रुपये है। इस शेयर पर डिविडेंड की कमाई 0.42% और आरओई(ROE) 16.5% है। 10 वर्षों के लिए शेयर मूल्य सीएजीआर(CAGR) 21% प्रति वर्ष रहा है। एचडीएफसी(HDFC) बैंक अपने क्षेत्र में एक मार्केट लीडर है और अपनी पहुंच बढ़ाने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कुछ नया करने का प्रयास करता रहता है।

4. इन्फ़ोसिस

टीसीएस(TCS) की तरह, यह दूसरी टीयर -1 IT सर्विस कंपनी है जो Nifty 50 और सेन्सेक्स में शामिल है। इसका मार्केट कैप 7,27,793 करोड़ रुपये है। स्टॉक आकर्षक डिविडेंट का भुगतान करता है; प्राप्ति 1.58% है और आरओई(ROE) 27% है। स्‍टॉक की कीमत का 10 साल का सीएजीआर(CAGR) 19% प्रति वर्ष है। इन्फ़ोसिस ने अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए क्लाउड प्लेटफॉर्म का लाभ उठाने का प्रस्ताव रखा है और स्थिर गति से अपनी टॉप लाइन (राजस्व) को बढ़ाती जा रही है।

5. हिंदुस्तान युनिलिवर (HUL)

भारत में सबसे पुरानी ब्रिटिश-डच कंपनियों में से एक, एचयूएल(HUL) की स्थापना 1933 में हुई थी और इसने फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स स्पेस (FMCG) में अपने कारोबार का विस्‍तार किया। कंपनी का मार्केट कैप 6,29,208 करोड़ रुपये है। डिविडेंड की कमाई 1.16% और आरओई 29% है। स्‍टॉक की कीमत का 10 साल का सीएजीआर(CAGR) 24% प्रति वर्ष है। कंपनी ऐसे सेक्‍टर में काम करती है जिसे कठिन समय के दौरान एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है।

हमें आशा है कि इस लेख ने आपको बाजार पूंजीकरण की अवधारणा को समझने में मदद की है। शुरुआत करने वाले लोगों के लिए, लार्ज-कैप कंपनियों में निवेश शुरू करना हमेशा अच्छा होता है।

 

 

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