अपने निवेश को स्वचालित करने के फायदे: निश्चितता, समय की बचत, सुविधा, लागत लाभ आदि

अपने निवेश को स्वचालित करने से आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिल सकती है। जानें कैसे।

आपको अपना निवेश स्वचालित क्यों करना चाहिए

हर महीने के अंत में तनख्वाह मिलना एक आश्वस्त करने वाला अहसास है। ऐसा ही तब होता है जब कोई स्वरोजगार करने वाला व्यक्ति या किसी कारोबार का मालिक चालान संसाधित करवाता है। हम सभी अपनी आय को विवेकपूर्ण तरीके से खर्च करने की योजना बनाते हैं, लेकिन वित्तीय अनुशासन आसान नहीं है। अनियोजित और झटपट खर्च की आदत अक्सर हमारी निवेश योजनाओं को प्रभावित करती है। 

आप कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका इरादा वास्तव में किसी भी आपात स्थिति - या सेवानिवृत्त जीवन के लिए नियमित निवेश बचत का है? इसके लिए अपने आदर्श विकल्प के रूप में एक स्वचालित निवेश योजना (एआईपी) बनाने के बारे में सोचें। 

स्वचालित निवेश योजना (एआईपी) क्या है? 

स्वचालित निवेश योजना के तहत आप एक नियोजित रणनीति के जरिये नियमित अंतराल पर किसी निवेश साधन में पैसे निवेश कर सकते हैं। हर महीने, आपके बैंक खाते या तनख्वाह से एक निश्चित राशि काट ली जाएगी। वित्तीय सलाहकार डेविड बाख के अनुसार, यह 'खुद को पहले भुगतान करने' की अवधारणा है।

आपके द्वारा भुगतान किए जाने वाले विभिन्न खर्चों और बिलों की तरह, आप खुद को एक और बिल मान रहे हैं और खुद का भुगतान कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में, आप वास्तव में अपने सेवानिवृत्ति या वित्तीय लक्ष्यों के लिए बचत कर रहे हैं। चूंकि राशि स्वचालित रूप से काट ली जाती है, जब तक आप आवश्यक शेष राशि बनाए रखते हैं, तब तक भुगतान चूक की संभावना बहुत कम होती है। 

आपको अपना निवेश स्वचालित करने के बारे में क्यों सोचना चाहिए?

अपने निवेश को स्वचालित करने से अच्छे लाभ सुनिश्चित हो सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर आप इन लाभों से वंचित रह सकते हैं। आइए इसके फायदे देखते हैं।

  • शुद्धता: स्वचालित निवेश करने पर आपके नियमित निवेश से चूकने की संभावना नहीं है। यहां तक कि अगर अपर्याप्त धन के कारण ईसीएस आदेश विफल हो जाता है, तो आपको इसके बारे में सतर्क किया जाता है। आप पैसे का इंतजाम कर सकते हैं ताकि हर महीने योगदान सुनिश्चित हो सके। स्वचालन निवेश योगदान को एक दायित्व बना देता है और  लगभग हर महीने इसे मानने के लिए हम बाध्य हो जाते हैं। 
  • निश्चितता: महीना भर काम करने के बाद जब महीने के अंत में वेतन हाथ में आता है तो स्वाभाविक तौर पर उसे खर्च करने का मन कर सकता है। उसी तरह एक कारोबारी अपने पैसे को अपने व्यक्तिगत निवेश के बजाय अपने कारोबार पर पैसा निवेश कर सकता है। लेकिन एआईपी रहने पर आप अपने फंड के एक हिस्से को अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार खास निवेश साधन में निवेश करते हैं।
  • समय की बचत: एक बार जब आप अपने निवेश का मंच तय कर लेते हैं, तो अपना बैंक खाता खोलें और अपना आवर्ती मासिक भुगतान तय करें। ऐसा करके आप आराम से रह सकते हैं क्योंकि आपको निवेश करने के लिए अपने व्यस्त दिनचर्या में से समय निकालने की आवश्यकता नहीं है। आपको बस बाजार के रुझानों का पालन करना है और अपने पोर्टफोलियो की निगरानी करनी है। इस तरह से एआईपी आपका समय बचाता है।
  • सुविधा: यदि आप निवेश का पारंपरिक तरीका चुनते हैं तो आपको बहुत सारे प्रोटोकॉल का पालन करना होगा और लंबी दस्तावेज़ीकरण प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। लेकिन एआईपी परेशानी मुक्त है। निवेश को स्वचालित करने के लिए मोबाइल बैंकिंग ऐप और नेटबैंकिंग का लोकप्रिय रूप से उपयोग किया जाता है। एक बार शुरू करने के बाद अपने आप पैसे जमा हो जाते हैं। निवेश प्रदर्शन को ऑनलाइन जांचा जा सकता है या ईमेल के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है।
  • लागत लाभ:  एआईपी सस्ता है। इसमें आपको बहुत अधिक लेन-देन शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ता है, हालांकि नियमित शुल्क हो सकते हैं जो सभी प्लेटफार्मों पर लागू होते हैं। पारंपरिक निवेश में बहुत सारे छिपे हुए खर्च होते हैं, जैसे समन्वय करना, शाखाओं की बार-बार यात्रा करना, एजेंट के शुल्क आदि।  

संबंधित: यहां आप म्युचुअल फंड ऑटोमेटेड रीबैलेंसिंग सिस्टम के बारे में जानें 

अपने निवेश को कैसे स्वचालित करें?

अपने निवेश को स्वचालित करने के लिए निम्नलिखित तरीका अपनाएं:

  • अपने खातों को समेकित करें: बहुत अधिक बैंक खाते रखना उचित नहीं है। अपने सभी पैसों को एक या दो खातों के अंतर्गत लाने का प्रयास करें। यह आपके नकदी प्रवाह को ठीक से प्रबंधित करने में मदद करता है।
  • अपने निवेश को ऑटोपायलट पर रखें: एक स्वचालित निवेश प्रणाली स्थापित करें जिसके माध्यम से, जैसे ही आप अपना वेतन प्राप्त करते हैं, आपकी मासिक निवेश राशि आपके खाते से काट ली जाती है और निवेश खाते में जमा हो जाती है।
  • एक वित्तीय सलाहकार को नियुक्त करें: अपनी निवेश योजना के बारे में अधिक जानने के लिए, एक वित्त पेशेवर को नियुक्त करें जो आपको सही जानकारी के साथ मार्गदर्शन कर सके। वे आपकी स्वचालित निवेश योजना को ध्यान में रखते हुए आपके पोर्टफोलियो को डिजाइन करने में आपकी सहायता कर सकते हैं।
  • अपने निवेश की निगरानी करें: अपनी निवेश योजना पर हमेशा नजर रखें। मासिक स्टेटमेंट पर नज़र रखें। यदि कोई भ्रम है, तो पूछताछ करें। यदि आपका निवेश अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है, तो अपने पोर्टफोलियो में फेरबदल करने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले निवेशों को चुनने पर विचार करें। 

संबंधित: अपनी आमदनी को बेहतर बनाने के 100 स्मार्ट तरीके 

स्वचालित निवेश की सुविधा देने वाले शीर्ष 10 उत्पादों की सूची:

स्वचालित निवेश की सुविधा देने वाले शीर्ष 10 उत्पादों की सूची:

अंतिम शब्द

अपने निवेश को स्वचालित करते समय सबसे अच्छा पोर्टफोलियो चुनना और अपने समयावधि पर विचार करना महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने निवेश पोर्टफोलियो को बुद्धिमानी (या इसे पेशेवर मदद से पूरा करते हैं) से तैयार करते हैं तो इसमें दखलअंदाजी की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, आप कितने समय तक निवेश करने की योजना बना रहे हैं यह आपके वित्तीय लक्ष्यों और आपके आय प्रवाह की स्थिरता पर निर्भर करेगा।

इन बातों का ध्यान रखने के बाद, आप अपने निवेश को स्वचालित कर सकते हैं। मन की शांति का आनंद लें क्योंकि आपके निवेश में बिना चूक के पैसे अपने आप जमा होते रहेंगे-ऑटो-पायलट मोड में!

संबंधित लेख