कुछ आदतें जो आपकी पेशेवर जिंदगी को बेहतर बना सकती हैं

कुछ आदतों के नियमित इस्तेमाल से आपका पेशेवर जीवन बेहतर हो सकता है। यहां महिलाओं के लिए कुछ उपयोगी सलाह दी गई हैं।

 Work habits that can improve your professional life

पत्रकार श्वेता पुंज की किताब ‘व्हाई आई फेल्ड: लेसन्स फ्रॉम लीडर्स’ में बायोकॉन की प्रमुख किरण मजुमदार-शॉ याद करते हुए बताती हैं कि कैसे फाइनेन्सरों ने उन्हें कैपिटल लोन देने से मना कर दिया था क्योंकि उस समय वह सिर्फ 25 वर्ष की थी और उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं थी। हालांकि यूनाइटेड ब्रेवरीज में ब्रूमास्टर का काम करने वाले उनके पिता अगर उनके गारन्टर बन जाते तो फाइनेन्सर उन्हें पैसा दे सकते थे। 

यहां यह बताना प्रासंगिक नहीं है कि उन्होंने अपने पिता के नाम का सहारा लेने से मना कर दिया; बल्कि प्रासंगिक यह है कि इस अनुभव से भारत की सबसे सम्मानित उद्यमियों में से एक मजूमदार-शॉ ने क्या सीखा,  “आपको अपनी असफलता के कारणों को समझना होगा। आप असफल हो रहे हैं क्योंकि आपकी विश्वसनीयता नहीं है। आपको खुद की विश्वसनीयता बनानी होगी जिससे लोग आप पर भरोसा करें,”  उन्होंने यह सब किताब की लेखक को बताया। उस  किताब में महत्वपूर्ण हस्तियों के बारे में बताया गया है कि कैसे उन्होंने शुरूआत की असफलता के बाद सफलता हासिल की और इन लोगों में बायोकॉन के सह-संस्थापक भी शामिल हैं। 

जिस विश्वसनीयता की बात मजूमदार-शॉ कर रही है वह काम करने वाले हर व्यक्ति पर लागू होती है चाहे वह महिला हो या पुरूष : अगर आप विश्वसनीय होंगे तो आपके सहयोगी आप पर भरोसा करेंगे और आपके बॉस को भी लगेगा कि आप दिए गए काम को पूरा कर सकते हैं। 

12 ट्रेट्स थ्योरी

कोई काम करने की जगह पर अपनी विश्वसनीयता बनाना कैसे शुरू करे? जाने-माने लीडरशिप  विशेषज्ञ सैली हेल्जेसन और मार्शल गोल्डस्मिथ के कुछ सुझावों से आप शुरूआत कर सकते हैं। इन दोनों ने मिलकर एक किताब ‘हाउ विमेन राइज: ब्रेक द 12 हैबिट्स होल्डिंग यू बैक फ्रॉम योर नेक्सट राइज, प्रमोशन, ऑर जॉब’ लिखी है। इस किताब में हेल्जेसन और  गोल्डस्मिथ ने ऐसे एक दर्जन लक्षणों की पहचान की है जो महिलाओं को उनके करियर में आगे बढ़ने से रोकते हैं । 

इन दोनों का तर्क है कि पहले जो चीजें महिलाओं के लिए सही मानी जाती  थी जैसे कि काम की जगह पर लो प्रोफाइल बना कर रखना, अब ये सब बातें उनकी प्रगति के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। 

work habits

हेल्जेसन और गोल्डस्मिथ के अनुसार पहले के दो बिन्दु बहुत महत्वपूर्ण हैं, और ये बिन्दु बताते हैं कि महिलाएं जो अहमियत प्रदान कर रही हैं उसकी तरफ ‘सक्रिय तौर से ध्यान आकर्षित’ करने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए। इस संबंध में वे सिलिकॉन वैली की एक महिला इंजीनियर - जिसे वे ‘एलेन' नाम से बुलाते हैं - के बारे में बताते हैं जो ‘असाधारण रूप से व्यापक संपर्क’  बनाती है। कंपनी में रहने के दौरान वह एक जाने-माने व्यक्ति के तौर पर उभरी लेकिन उसकी सोशल स्किल पर उसके बॉस ने ध्यान नहीं दिया। उसे एक ऐसा व्यक्ति समझा गया जिसे संस्थान के भीतर अपनी पहचान बढ़ाने, ज्यादा मौजूदगी दिखाने और हमारी डिविजन क्या कर रही थी इसका सक्रियता से प्रचार करने की जरूरत थी। 

एलेन शुरू में बहुत हतोत्साहित हुई लेकिन महीनों बाद उसे अहसास हुआ कि उसने जो कुछ भी हासिल किया था उसके बारे में उसके बॉस को कोई जानकारी नहीं थी। “इसका कारण बहुत साधारण था उसने एक कनेक्टर के रूप में मेरी भूमिका को नहीं समझा: मैंने उसे कभी नहीं बताया कि मैं क्या कर रही थी। मैंने कभी नहीं बताया कि  दिन, हफ्ते या महीने के दौरान मैं कितने लोगों से मिली। मैं उम्मीद कर रही थी कि उसे यह सब पता होगा,” उसने किताब के लेखकों से बात करते हुए यह कहा। 

फोर्ब्स को दिए इन्टरव्यू में हेल्जेसन यह भी कहते हैं जब महिलाएं खुद को नुकसान पहुंचाने वाली इन आदतों से छुटकारा पाने की कोशिश कर रही हों तो उन्हें दूसरों से भी सहायता लेनी चाहिए। 

“मेरे हिसाब से यह सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु है जिसके बारे में हमने ‘हाउ विमेन राइज..’ में लिखा है। खुद को बदलने के प्रयासों में दूसरों को भी शामिल करें। उनसे कहें कि वे आपसे सवाल करें कि आपने ऐसा क्यों किया। उनसे पता करें कि आप कैसा कर रहे हैं। यह जरूरी है कि एक समय में किसी एक आदत या किसी आदत के एक पहलू पर काम करें। अगर आप दूसरों को इसमें शामिल कर रहे हैं तो आप चाहेंगे कि उन लोगों को साफ तौर से पता हो कि उन्हें किस बात पर नजर रखनी है। क्योंकि इस तरह से वे अपनी प्रतिक्रिया देने के साथ आपकी सहायता भी कर पायेंगे।”

कुछ दूसरे सुझाव

विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए कुछ दूसरी चीजें भी हैं जिन पर किसी महिला को ध्यान देना चाहिए, जैसे कि :

समय के पाबंद बनें:देर से जाने पर आपके सहयोगियों (और सबसे बुरा, आपके बॉस )  को यह संदेश जाता है कि आप अपनी नौकरी की इतनी परवाह भी नहीं करते कि समय से पहुंचे। समय से पहुंचना आपकी ईमानदारी को दिखाता है, यह बताता है कि आप अनुशासित है इसलिए आप पर भरोसा किया जा सकता है, और इससे आपकी विनम्रता भी जाहिर होती है;

झल्लाहट दिखाने से बचें:काम की जगह पर शांत रहें और कभी भी झल्लाएं नहीं, भले ही आप बुरी तरह निजी समस्याओं से घिरे हों: अगर आप खुद की भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रखेंगे तो आप पर एक ऐसे व्यक्ति होने का ठप्पा लग जाएगा जिसके जीवन में संतुलन का अभाव है;

अपनी नौकरी को समझें:आपको क्या काम करना है इस बात की साफ-साफ समझ होना बहुत महत्वपूर्ण है - कोई शंका हो तो उसके बारे में पूछें और दोबारा जाचें। इससे आपको वास्तविक लक्ष्य निर्धारित करने, सही योजना बनाने और अपेक्षाओं के हिसाब से काम पूरा करने में सहायता मिलेगी;

समयसीमा का पालन करें:विश्वसनीयता और भरोसे को बढ़ाने का एक पक्का तरीका है कि अपना काम समय सीमा से पहले पूरा करें और काम को कभी टालें नहीं: आपके काम को ही आपके बारे में बताने दें और यह दिखाएं कि आप नौकरी को लेकर बहुत गंभीर हैं;

सोशल मीडिया को ना कहें:आप अपने काम को गंभीरता से लेती हैं तो इसे दिखाने का एक और तरीका है कि काम के समय सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें: अगर आप ईमेल, सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के कारण होने वाले ध्यान के भटकाव को रोक सकें तो आपके काम करने की क्षमता काफी बढ़ सकती है;

अपनी बात कहें:यह हेल्जेसन और गोल्डस्मिथ की उस बात का ही विस्तार है जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं में अपने काम के लिए प्रशंसा पाने की इच्छा नहीं होती- आपको क्या मिलना चाहिए उसे बोलने में शर्मिंदा ना महसूस करें; इसमें कुछ भी गलत नहीं है। विनम्रता लेकिन पूरी दृढ़ता से अपनी बात रखें;

सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखें:अपने से ऊंचे ओहदे वालों से ही नहीं बल्कि सभी के साथ विनम्रता से व्यवहार करें - आपके जूनियर्स के साथ गलत व्यवहार करने वाले ऊंचे ओहदे वालों के प्रति दयालुता ना दिखाएं: इससे गलत असर पड़ता है।

आखिरी बात 

महिलाओं को एक बात याद रखनी चाहिए: स्वयं को सुधारने के सभी उपायों के बावजूद, उस बात से बचने की कोशिश करें जिसे हेल्जेसन और गोल्डस्मिथ ने महिलाओं का ‘स्वंय को सीमित’ रखने वाला व्यवहार बताया है। अगर वे खुद पर भरोसा करना बंद कर देती हैं तो सब कुछ खत्म हो जाता है। काम की जगह पर होने वाले अनुभवों से आपका व्यवहार तय होता है और हो सकता है कि महिलाओं के सुझावों और विचारों को लगातार नकारा जाए। खुद पर इस बात का प्रभाव ना पड़ने दें; अपनी बात रखें। 

समय के साथ लोग आपकी बातों को गंभीरता से सुनेंगे। और यही आपकी विश्वसनीयता का सबूत है।  

संबंधित लेख

Most Shared

5 Ways RBI has made e-wallet safer for users

5 RBI steps that have made e-wallet more customer friendly