ये शॉर्ट टर्म निवेश प्लांस उनके जिनके पास कोई वित्तीय लक्ष्य नहीं है

निवेशक एक जोखिम-समायोजित, शॉर्ट-टर्म निवेश पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं, जिसके लिए वे आय और जोखिम से जुड़े तमाम तरह के इंस्ट्रुमेंटों को शामिल कर सकते हैं।

जहां लॉन्ग-टर्म निवेश तब सबसे ज्यादा कारगर होते हैं, जब आपके पास स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य होते हैं, जबकि शॉर्ट -टर्म निवेश आपको किसी वित्तीय योजना को आकार देने में मदद कर सकते हैं। कई युवा निवेशकों के लिए, शॉर्ट-टर्म निवेश विकल्प निवेश अनुशासन लाने और पैसे की बचत करने में सही माध्यम पेश करते हैं, जिनका इस्तेमाल वे विशेष दीर्घकालिक वित्तीय योजनाओं में लगा सकते हैं या फंडों को किसी अल्पकालिक लक्ष्य के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि किसी अंतर्राष्ट्रीय छुट्टी के लिए या किसी नई कार के लिए डाउन पेंमेंट देने के लिए।

आइए पांच लोकप्रिय शॉर्ट-टर्म निवेश विकल्पों पर एक नज़र डालते हैं।

1. आवर्ती जमा (आय: 6%–7.25%)

छह महीनों से लेकर 10 वर्षों तक के समयावधि के साथ, यह मासिक जमा योजना एक अल्प पूर्व-निर्धारित लक्ष्य के लिए बचत और निवेश करने का एक बजट अनुकूल विकल्प है। ज्यादातर बैंक अब अपने मोबाइल ऐप के जरिए आरडी चालू करने का विकल्प देते हैं। हर महीने एक चुनी हुई तिथि पर, आप जिस धनराशि की बचत करना चाहते हैं, वह आपके बैंक अकाउंट से डेबिट कर आरडी के लिए जमा कर दी जाती है। परिपक्व होने पर पूंजी निवेश और उसपर मिलने वाले ब्याज के साथ एक मुश्त राशि मिलती है। 

इससे जुड़ी बातें: आवर्ती जमा सेजुड़े FAQs: आपको हर वह चीज जो जाननी होगी

2. मनी मार्केट/लिक्विड फंड्स (आय: 5.8%-6.6%)

जैसा कि नाम से पता चलता है, ये शॉर्ट-टर्म म्यूचुअल फंड्स काफी तरल होते हैं और उनमें एंट्री और एक्जिट की कोई रुकावट नहीं होती। मनी मार्केट फंड्स फिक्स्ड आय वाली प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) में निवेशित किए जाते हैं, जिनकी परिपक्वता 91 दिनों तक की होती है, जिससे ये सभी म्यूचुअल फंड विकल्पों में सबसे कम जोखिमभरे होते हैं। आप किसी अल्प अवधि के लिए लिक्विड फंड में बड़ी धनराशि का सुरक्षित निवेश कर सकते हैं और अच्छी रिटर्न की आशा कर सकते हैं।

इससे जुड़ी बातें: जब आप इन लिक्विड म्यूचुअल फंडों में निवेश कर सकते हैं, तो अपने पैसे को बचत खातों में क्यों रखना? 

3. बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (आय: 5%-8%)

एक भरोसेमंद बैंक एफडी अल्प-कालिक निवेश के लिए एक सबसे सुरक्षित विकल्प है। बैंक किसी जमा राशि पर अलग-अलग समयावधि की सुविधा देते हैं, जैसे कि 7 दिन, 14 दिन, 30 दिन, 45 दिन, 181 दिन, 390 दिन इत्यादि। कई बैंक खातों में ऑटो-स्वीप सुविधा देता है, जहां एक निश्चित सीमा से ऊपर का अकाउंट बैलेंस अपने आप 181-दिन की जमा योजना में 'स्वीप इन’ कर दिया जाता है। यदि अकाउंट बैलेंस उस सीमा से नीचे आ जाता है, तो संगत राशि और उसपर अर्जित ब्याज जमा से 'स्वीप आउट’ कर दिए जाते हैं।

4. डेट फंड्स (आय: 8.9%-11.9%)

कम अवधि वाले डेट फंड्स जिनकी परिपक्वता 390 दिनों की होती है, एक वर्ष की तुलना में अधिक लंबे समय के लिए ज्यादा कारगर होते हैं। ऐसे फंड मुख्यतः शॉर्ट-टर्म कॉरपोरेट बॉन्ड्स और ट्रेजरी बिल्स में निवेश किए जाते हैं और लिक्विड फंड्स से ज्यादा रिटर्न देते हैं। हालांकि, कई डेट फंड्स के पास उस स्थिति में समय से पहले बाहर निकलने का विकल्प नहीं होता है, जब आपको किसी आपातकालीन स्थिति में फंड को तरलीकृत करने की जरूरत होती है।

इससे जुड़ी बातें: डेट फंडों के बारे में दुविधाग्रस्त हैं? यहां छह आम प्रश्नों के उत्तर हैं 

5. इंडेक्स फंड्स (आय: 8%-14%)

ज्यादा जोखिम और एक वर्ष से ज्यादा समयावधि लेने का हौसला रखने वाले लोग बड़े कैप या इंडेक्स-आधारित म्यूचुअल फंडों पर विचार कर सकते हैं। ये फंड सभी स्टॉक मार्केट में कम से कम अस्थिर होते हैं और इनमें अन्य लघु-कालिक निवेशों के मुकाबले अधिक रिटर्न देने की संभावना होती है। 

इससे जुड़ी बातें: किसी बजट पर निवेश करना: मासिक वेतन Rs 50,000 के साथ कैसे निवेश करें [प्रीमियम]

इक्विटी निवेश कोई पूंजी सुरक्षा प्रदान नहीं करते, इसलिए निवेशकों को किसी इक्विटी-आधारित योजना में निवेश करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए। एक जोखिम-समायोजित, शॉर्ट-टर्म निवेश पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं, जिसके लिए वे आय और जोखिम से जुड़े इन सभी इंस्ट्रुमेंटों को शामिल कर सकते हैं। 

इससे जुड़ी बातें: 5 बड़े-कैप्स फंड्स जिन्होंने शानदार नतीजे दिए

अस्वीकरण: यह आलेख केवल एक सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है और इसे निवेश या कर या कानूनी सलाह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इन विषयों पर फ़ैसला लेते समय आपको अलग से स्वतंत्र राय लेनी चाहिए। 

संबंधित लेख