यहां बताया गया है कि धन को लेकर पुरुषों की तुलना में महिलाओं का दृष्टिकोण अलग क्यों होता हैं

महिलाएं खरीदारी पर अधिक खर्च करती होंगी, लेकिन वे पुरुषों की तुलना में अधिक दान भी करती हैं।

यहां बताया गया है कि धन को लेकर पुरुषों की तुलना में महिलाओं का दृष्टिकोण अलग क्यों होता हैं

‘पुरुष मंगल ग्रह से हैं; महिलाएं वीनस से ' यह एक घिसी-पीटी कहावत होगी , लेकिन यह निर्विवाद रूप से सच है, जैसा की हम देख रहे हैं कि दोनों कुछ चीजों के बारे में कितने भिन्न हो सकते हैं। चाहे वो रिश्ते हों या पैसे, पुरुष और महिलाएं अपने अपने तरीके से काम करते हैं। यह समझ में आता है, क्योंकि पुरुषों और महिलाओं के बीच बड़े होने तक जिस तरह के अनुभव, पूर्वाग्रह, संघर्ष और अपेक्षाएं होती हैं, वे अक्सर बहुत अलग होती हैं।

इतना ही नहीं, विज्ञान ने दिखाया है कि महिलाओं और पुरुषों के दिमाग के आकार,माप और तंत्रिका संरचनाओं में भी अंतर हैं। लिंगों के बीच इन सभी अंतरों से स्पष्ट होता है, धन के प्रति उनका दृष्टिकोण - खर्च, बचत और निवेश - में भी बहुत ही दिलचस्प रूप से विविध है।

1.खर्च

आपने अपने साथी के साथ खरीदारी करने जाते समय अंतर तो स्वयं देखा होगा। ऐसा नहीं है कि खरीदारी करते समय महिलाएं अधिक समय लेती हैं; उनके पुरे खर्च व्यवहार ही बहुत अलग हैं, खरीदारी और अन्य चीज़ों में भी। आइए इस पहलू की अधिक विस्तार से जाँच करें:

  • खरीदारी और छूट - महिलाऐं ऐसे आउटलेट पर खरीदारी करते वक़्त अधिक ध्यान देती है जो कम कीमतों पर उनके पसंदीदा ब्रांडों की पेशकश करते हैं। वे ऑनलाइन शॉपिंग करते समय पुरुषों की तुलना में अधिक सचेत रूप से छूट की तलाश करती हैं। और क्यों नहीं? जब खरीदारी की बात आती है तो रणनीतिक होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है!
  • ब्रांड स्टोर की तरफ रुख करना - एक नीलसन अध्ययन बताता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं का पैसे बचाने के लिए, कम महंगे किराने की दुकान के ब्रांडों की तरफ रुख करने की अधिक संभावना होती है। यह विशेष रूप से सच है जब उत्पाद में बहुत अधिक अंतर नहीं होता है, जैसा कि अधिकांश एफ.एम.सी.जी. उत्पादों के साथ होता है, और उनकी गुणवत्ता भी समान होती है।
  • पढ़ना और शिक्षा - अमेरिका में श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (बी.एल.एस.) द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, मिलेनियल महिलाएं पुरुषों की तुलना में पढाई और शिक्षा पर लगभग 850 डॉलर अधिक खर्च करती है। एक मिनट के लिए इसके बारे में सोचें और आप महसूस कर सकते हैं कि लड़कियों का ’किताबी ' होने का रूढ़िवाद और उनकी शिक्षा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की बात असल में सच हो सकती है!
  • भोजन और मादक पेय - एकल पुरुष ,एकल महिलाओं की तुलना में बाहर खाने या ऑर्डर करने के लिए अधिक पैसा खर्च करते हैं। जितना पैसा पुरुष शराब पर खर्च करते हैं, वे महिलाओं की तुलना में लगभग दोगुना है।
  • दान करने में - समान आय वर्ग के लिए, महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक दान करती हैं। ब्रिटेन के इंस्टीट्यूट ऑफ फंडिंग ने पाया कि पिछले वर्ष में 54% महिलाओं ने 40% पुरुषों की तुलना में एक चैरिटी के लिए पैसे दिए थे। इसके अलावा, लगभग 66% महिलाओं ने 36% पुरुषों की तुलना में एक चैरिटी स्टोर से सामान खरीदा था। यह सिर्फ पैसे के मामलो में नहीं है; महिलाएं अपने समय के साथ भी और अधिक उदार होती हैं जब बात समाज को वापस देने की होती है।

2. बचत

दुनिया भर में किए गए अध्ययन दो चीजें दिखाते हैं। पहला, महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक बचत करती हैं। दूसरा, महिलाओं को समान नौकरियों के लिए पुरुषों की तुलना में कम भुगतान किया जाता है। यह एक दुखद तथ्य उजागर करता है - भले ही महिलाएं अधिक बचत करती हैं,पर क्योंकि वे कम कमाती हैं, उनकी बचत पुरुषों की तुलना में कम ही होती है।

उदाहरण के लिए, यदि महिला प्रति माह 60,000 रुपये कमाती है और अपनी आय का 20% बचाती है, तो उसकी बचत 12,000 रुपये होगी। दूसरी ओर, उसके पुरुष सहकर्मी जो 75,000 रुपये (उसी काम के लिए) की मासिक आय का 18% बचाते हैं, 13,500 रुपये की बचत करता है।

आइए अब इन अध्ययनों के कुछ अन्य बचत रुझानों पर नज़र डालें:

  • आपातकालीन निधि - महिलाओं की तुलना में पुरुषों के पास अपने आपातकालीन कोष में लगभग दोगुना पैसा होता है। इसमें बदलाव पर गंभीरता से विचार करने लायक कुछ है, क्योंकि एक आपातकालीन निधि आपको जरूरत के समय धन की त्वरित पहुंच प्रदान करती है |
  • जीवनभर की बचत - ऊपर दिए गए उदाहरण से, यह गणना की जा सकती है कि पुरुष,महिलाओं की तुलना में अपने पुरे जीवनकाल के दौरान लगभग तीन गुना अधिक बचत करते हैं। यहां महिलाओं को संघर्ष अधिक बचत करने के लिए नहीं करना है, क्योंकि महिलाएं पहले से ही अपनी आय का उच्च प्रतिशत बचाती हैं, लेकिन उन्हें वेतन अंतर के खिलाफ लड़ने के लिए संघर्ष करना है ।
  • रोजगार की अवधि - पुरुषों और महिलाओं के बीच एक और अंतर है जो प्रभावित करता है कि वे कितना कमाते हैं (और इसलिए, बचत) ,वह उनकी रोजगार अवधि है। गर्भावस्था और मातृत्व के कारण महिलाओं की पुरुषों की तुलना में काम करने की अवधि कम होती हैं। यह सिर्फ मातृत्व अवकाश की बात नहीं है; कई महिलाएं बच्चों को पालने के लिए कुछ साल की छुट्टी लेती हैं, इससे पहले कि वे आधिकारिक तौर पर कार्यबल में वापस आएं, अगर हो पाए तो।

3. निवेश करना

परंपरागत रूप से, महिलाओं को पैसों संभालने नहीं दिए जाते थे और न ही परिवार में पैसे के फैसले में कोई राय ली जाती थी। सभी निवेश निर्णय पुरुषों द्वारा किए जाते थे। बेशक, समय बदल गया है, लेकिन इस परंपरा के कारण, महिलाओं की तुलना में जब निवेश करने की बात आती है तो पुरुष अधिक आत्मविश्वासी और सक्रिय होते हैं। महिलाएं निवेश निर्णय लेने में अधिक रूढ़िवादी होती हैं और पुरुषों की तुलना में इसे लेकर अधिक भयभीत रहती हैं।

आइए निवेश प्राथमिकताओं के बारे में मतभेदों पर विचार करें:

  • निवेश ज्ञान - 2014 में, अमेरिका स्थित वैश्विक वित्तीय साक्षरता उत्कृष्टता केंद्र (जी.एफ.एल.ई.सी.) ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें केवल 51% महिलाओं ने 59% पुरुषों की तुलना में ब्याज और मुद्रास्फीति जैसी वित्तीय अवधारणाओं को समझा, जब दोनों को एक परीक्षा देने के लिए कहा गया था।
  • पेशेवर मदद लेना - चाहे वह अपने निवेश पोर्टफोलियो को प्रबंधित करने के लिए हो या वित्तीय सलाह के लिए, महिलाएं वित्त पेशेवर से अधिक सलाह लेती है। यहां तक ​​कि जब महिलाएं स्वतंत्र रूप से निवेश करती हैं, तब भी वे पुरुषों की तुलना में अधिक शोध करती हैं। इसके लिए ज्ञान की कमी से ज्यादा सावधानी की चाह को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
  • जोखिम उठाना - जब महिलाओं की निवेश करने की बात आती है तो पुरुषों की तुलना में वे कम जोखिम लेती है, और अपने पैसे को फिक्स्ड डिपॉजिट या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पी.पी.एफ.) जैसे उपकरणों में निवेश करने की प्रवृत्ति रखती है, जो कम जोखिम वाले और कम रिटर्न वाले निवेश होते हैं। ।

पुरुषों और महिलाओं में निवेश और पैसे के व्यवहार पर किए गए शोध ज्यादातर यह निष्कर्ष निकालते हैं कि जब धन के प्रबंधन करने की बात आती है तो महिलाएं पुरुषों की तुलना में कम आत्मविश्वासी होती हैं। इसका मतलब यह भी है कि महिलाएं अपने जीवन में अपने पैसे का नियंत्रण और निर्णय लेने का हक़ पुरुषों को सौंपती हैं - पिता, पति, भाई,कोई भी हो ।

आत्मविश्वास का पहलू महत्वपूर्ण है क्योंकि जब महिलाएं अधिक जानती हैं, तो भी उन्हें लगता है कि वे पर्याप्त नहीं जानती हैं। एक महिला के रूप में, आपको अपने आप को अधिक श्रेय देने और अपने ज्ञान और पैसे की समझ में अधिक विश्वास रखने की आवश्यकता है। अपने अन्तःप्रेरणा पर भरोसा करें, अपनी गर्ल-बॉस ऊर्जा को चैनलाइज़ करें, और अपने वित्त पर नियंत्रण रखें - यह सशक्तिकरण और स्वतंत्रता का सबसे प्रभावी तरीका है।