Marijuana VS Hemp: भांग और गांजे के बीच होते हैं कई अंतर, नहीं जानते तो जान लें

Marijuana VS Hemp: अरबपति नितिन कामत ने गांजा और भांग के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि भांग लोगों को गांजा की तरह हाई नहीं लगता। दरअसल, ये दोनों एक जैसे दिखते हैं और एक ही परिवार से आते हैं, इस वजह से हेम्प (भांग) को अक्सर मारिजुआना (गांजा) की तरह ही समझा जाता है।

Marijuana VS Hemp

Marijuana VS Hemp: जेरोधा के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने मारिजुआना (गांजा) और हेम्प (भांग) के बीच अंतर स्पष्ट किया है। उन्होंने शनिवार को ट्विटर पर मारिजुआना और भांग के बीच के अंतर समझाने के लिए एक सुपरफूड के रूप में हेम्प के लाभों के बारे में विस्तार से बताया और स्पष्ट किया कि गांजा की तरह भांग हाई नहीं लगती है। कामत ने ट्वीट में लिखा- ‘गांजा कैनबिस सैटिवा परिवार से संबंधित है। वे समान दिखते हैं, लेकिन भांग बहुमुखी है और इसके कई उपयोग हैं, जिसमें सुपरफूड भी शामिल है। यह प्लैनेट के लिए भी अच्छा है। 

अरबपति आंत्रप्रेन्योर ने कहा कि क्योंकि वे एक जैसे दिखते हैं और एक ही परिवार से आते हैं, इस वजह से गांजा मुख्यधारा में शामिल नहीं है। नितिन कामत ने भांग के बारे में जागरूकता फैलाने के फैसले को लेकर कहा कि भांग प्रोटीन पर काम कर रहे एक स्टार्टअप का मूल्यांकन करते समय मुझे भांग के बारे में पता चला। अब हम भांग पर काम करने वाले स्टार्टअप के लिए पैसे आवंटित करने के बारे में आश्वस्त हैं, लेकिन इसमें रेगुलेटरी की मांग भी कर रहे हैं।

उन्होंने रेनमैटर फाउंडेशन की वेबसाइट पर इसी तरह की चर्चा का डिटेल भी साझा किया। आपको बता दें कि कामत द्वारा गठित एनजीओ जलवायु कार्रवाई के लिए संगठनों और परियोजनाओं का समर्थन करता है। जेरोधा के सीईओ ने कहा कि एफएसएसएआई ने मानव उपभोग के लिए भांग के बीज को मंजूरी दे दी है, लेकिन गांजा फैमिली से होने की वजह से इसे भी दिक्कत होती हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार भी भांग की खेती को वैध बनाने की योजना बना रही है। यह राज्य के लिए राजस्व पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। औषधीय गुणों के कारण यह रोगियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।

 

Marijuana VS Hemp: जेरोधा के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने मारिजुआना (गांजा) और हेम्प (भांग) के बीच अंतर स्पष्ट किया है। उन्होंने शनिवार को ट्विटर पर मारिजुआना और भांग के बीच के अंतर समझाने के लिए एक सुपरफूड के रूप में हेम्प के लाभों के बारे में विस्तार से बताया और स्पष्ट किया कि गांजा की तरह भांग हाई नहीं लगती है। कामत ने ट्वीट में लिखा- ‘गांजा कैनबिस सैटिवा परिवार से संबंधित है। वे समान दिखते हैं, लेकिन भांग बहुमुखी है और इसके कई उपयोग हैं, जिसमें सुपरफूड भी शामिल है। यह प्लैनेट के लिए भी अच्छा है। 

अरबपति आंत्रप्रेन्योर ने कहा कि क्योंकि वे एक जैसे दिखते हैं और एक ही परिवार से आते हैं, इस वजह से गांजा मुख्यधारा में शामिल नहीं है। नितिन कामत ने भांग के बारे में जागरूकता फैलाने के फैसले को लेकर कहा कि भांग प्रोटीन पर काम कर रहे एक स्टार्टअप का मूल्यांकन करते समय मुझे भांग के बारे में पता चला। अब हम भांग पर काम करने वाले स्टार्टअप के लिए पैसे आवंटित करने के बारे में आश्वस्त हैं, लेकिन इसमें रेगुलेटरी की मांग भी कर रहे हैं।

उन्होंने रेनमैटर फाउंडेशन की वेबसाइट पर इसी तरह की चर्चा का डिटेल भी साझा किया। आपको बता दें कि कामत द्वारा गठित एनजीओ जलवायु कार्रवाई के लिए संगठनों और परियोजनाओं का समर्थन करता है। जेरोधा के सीईओ ने कहा कि एफएसएसएआई ने मानव उपभोग के लिए भांग के बीज को मंजूरी दे दी है, लेकिन गांजा फैमिली से होने की वजह से इसे भी दिक्कत होती हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार भी भांग की खेती को वैध बनाने की योजना बना रही है। यह राज्य के लिए राजस्व पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। औषधीय गुणों के कारण यह रोगियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।

 

संवादपत्र

संबंधित लेख

Union Budget