Zilingo CEO Ankiti Bose again in controversy as report says she gave herself 10x salary hike without approval in hindi

Ankiti Bose Zilingo: सिंगापुर बेस्ड फैशन स्टार्टअप जिलिंगो ने कंपनी के अकाउंट्स में कथित गड़बड़ियों के बाद पिछले साल भारतीय मूल की को-फाउंडर और सीईओ अंकिती बोस को बर्खास्त कर दिया था।

Ankiti Bose Zilingo

Ankiti Bose Zilingo Controversy: अंकिती बोस पिछले काफी समय से लगातार चर्चा में हैं और अब उनको लेकर एक और विवाद गहरा गया है। एक रिपोर्ट में कथित तौर पर यह बात सामने आ रही है कि उन्होंने कंपनी के बोर्ड की मंजूरी के बिना अपनी सैलरी में 10 गुना इजाफा कर लिया था। सिंगापुर स्थित फैशन टेक फर्म जिलिंगो की भारतीय मूल की को-फाउंडर अंकिती बोस को कथित वित्तीय गड़बड़ियों की वजह से पिछले साल सीईओ के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। 

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब 31 वर्षीय अंकिती बोस ने अवैध रूप से एक स्टार्ट-अप से पैसा लेने का आरोप लगाने के लिए निवेशक महेश मूर्ति के खिलाफ 100 मिलियन डॉलर (लगभग 820 करोड़ रुपये) का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। साल 2017 और 2019 के बीच अंकिती ने कथित तौर पर खुद को और को-फाउंडर ध्रुव कपूर के साथ ही मुख्य परिचालन अधिकारी आदि वैद्य की सैलरी बढ़ा दी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंकिती का वेतन 2017 में 5,500 सिंगापुर डॉलर से बढ़कर साल 2019 में 58,900 (10 गुना से ज्यादा) सिंगापुर डॉलर हो गया।

आपको बता दें कि मुंबई में पली-बढ़ी अंकिती बोस ने सीईओ के रूप में अपनी बर्खास्तगी को ‘विच हंट’ करार दिया था और अपने और फैमिली के लिए खतरा बताया था। जिलिंगो की स्थापना अंकिती बोस और ध्रुव कपूर ने साल 2015 में साउथ और साउथ ईस्ट एशिया के छोटे बिजनेस को अपना सामान ऑनलाइन बेचने में मदद करने के लिए की थी। कंपनी की स्थापना के समय बोस सिर्फ 23 साल की थीं। बी2बी स्टार्ट-अप फैशन रिटेल सेलर्स को थोक आपूर्ति के लिए एक तकनीकी मंच प्रदान करता है। जिलिंगो साउथ-ईस्ट एशिया के सबसे पॉपुलर स्टार्टअप्स में से एक है।

संवादपत्र

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