निवेश के सात सुझाव जो सुनिश्चित करते हैं कि आपका रिटायरमेंट तनाव-मुक्‍त है

रिटायरमेंट प्लानिंग एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है जो इस बात को सुनिश्चित करती है कि आपका रिटायर्ड जीवन तनाव मुक्त, मजेदार और आनंदमय होगा। यहां बताया गया है कि आपको रिटायरमेंट प्लानिंग के बारे में क्‍या जानना चाहिए।

6 investment Tips That can Ensure Your Retirement is Worry Free

निवेश के छह सुझाव जो सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका रिटायरमेंट चिन्‍ता-मुक्‍त है

रिटायरमेंट प्लानिंग एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है जो इस बात को सुनिश्चित करती है कि आप तनाव मुक्त और सुरक्षित रिटायर्ड जीवन का आनंद लेते हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि रिटायरमेंट के बाद का जीवन रिटायरमेंट से पहले के जीवन जैसा नहीं हो सकता, लेकिन यह एक मिथक है। यदि आपने उचित फाइनेंशियल और रिटायरमेंट प्‍लान बनाया गया है, तो आप निश्चित रूप से अपने सपनों के रिटायर्ड जीवन का आनंद ले सकेंगे। 

इसके साथ ही, आपको कर योजना का भी ध्यान रखना होगा ताकि रिटायरमेंट के समय आपको भारी कर का भुगतान न करना पड़े, जो आपके रिटायरमेंट फंड पर बड़ा असर डाल सकता है।

इस प्रकार, इस लेख में, हम निवेश के 6 प्रमुख सुझावों को कवर करेंगे जो आपको यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगे कि आप एक चिंता मुक्त रिटायर्ड जीवन का आनंद लें।

1. बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया ना दें

आपकी गलतियों में से एक मुख्यधारा के मीडिया फाइनेंशियल न्‍यूज़ प्रोग्राम और सोशल मीडिया इन्‍फ्लूएंसर्स को सक्रिय रूप से सुनना हो सकता है। ये चैनल ज्यादातर उस तरफ फोकस करते हैं जिसके जरिए उनकी व्यूअरशिप और टीआरपी बढ़ाई जा सके।

इस प्रकार आंख बंद करके उनकी बातों को मानकर, आप निश्चित रूप से एक खराब वित्तीय निर्णय लेंगे जो आपके रिटायरमेंट इन्‍वेस्‍टमेंट को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। इसके बजाय, वित्तीय सलाहकारों की मदद लें जो इस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं और अपने रिटायरमेंट की योजना बनाने के लिए उनके व्यक्तिगत मार्गदर्शन का इस्‍तेमाल करें।

इसके साथ ही, Google पर पोस्ट किए गए कुछ रैंडम लोगों के निवेश संबंधी सुझाव और सलाह का पालन न करें क्योंकि आप व्यक्ति और जानकारी दोनों की प्रामाणिकता से परिचित नहीं हैं; इस प्रकार, आवेग में निर्णय लेने से आप अपनी भविष्य की योजनाओं और निवेशों पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

2. अपने पैसे को शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म में अलग करें

एक और आम गलती जो ज्यादातर लोग करते हैं, वह यह है कि वे अपनी सारी बचत और निवेश को एक समान मानते हैं और उन्हें अलग नहीं करते हैं। यह समस्या मुख्य रूप से इसलिए होती है क्योंकि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उनका सारा पैसा एक पॉट में रखे पैसे की तरह है, और वे इसे किसी भी समय कहीं से भी इस्तेमाल कर सकते और निकाल सकते हैं।

यह समस्या सलाहकारों और लोगों के बीच किसी तरह की गलतफहमी के कारण भी होती है। जब एक सलाहकार कहता है, "आप अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने निवेश से पैसे का कुछ प्रतिशत निकाल सकते हैं,"  तो लोग समझते हैं कि वे इसे कहीं से भी निकाल सकते हैं क्योंकि सभी चीजें एक जैसी हैं।

इस प्रकार, इस सच्‍चाई को समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि सब कुछ समान नहीं है, और आपके अलग-अलग निवेश का मूल्य, रिटर्न और लक्ष्य अलग-अलग है, इसलिए आपको उन्‍हें समान नहीं मानना चाहिए।

इस समस्या को दूर करने के लिए, आपको अपनी रिटायरमेंट प्‍लानिंग की यात्रा की शुरुआत से ही, दो समय-सीमा के आधार पर अपने निवेश को अलग करना चाहिए:

  1. शॉर्ट-टर्म के लिए निवेश
  2. लॉन्‍ग-टर्म के लिए निवेश

3. अपनी आय के स्रोतों को बढ़ाएं

ऐसे जीवन से हटना मुश्किल है जहां आपने हर दिन काम किया और महीने के अंत में वेतन प्राप्त किया जिसने आपको और आपके परिवार को रिटायरमेंट के बाद जीवन जीने में मदद की, जब आपको अपनी कंपनी से कोई और भुगतान नहीं मिलेगा। इस प्रकार, सेवानिवृत्ति के बाद, पेचेक के रूप में आपके लिए काम करने के लिए अपनी बचत और निवेश पर निर्भर रहना होगा।

इस समस्याग्रस्त स्थिति का समाधान अपनी आय के स्रोतों को बढाना है। क्योंकि रिटायरमेंट इन्‍कम स्‍ट्रीम को बढ़ाने से आपको उन चीजों को करने के लिए और अधिक आत्मविश्वास पाने में मदद मिलेगी जो आप अपनी रिटायरमेंट के बाद करना चाहते थे। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करेगा कि आप इस वित्तीय तनाव से भावनात्मक रूप से मुक्त हैं कि आप मासिक बिलों का भुगतान कैसे करेंगे या उन सामानों पर खर्च कैसे करेंगे जिन्हें आपने अपनी रिटायरमेंट के बाद खरीदने की योजना बनाई थी।

इसलिए आप अपने पैसे का कुछ हिस्‍सा किसी ऐसी चीज़ में निवेश कर सकते हैं जो स्टॉक मार्केट पर आधारित नहीं है, जैसे बॉन्ड, मनी मार्केट फंड, सीडी, एफडी, और इसी तरह से अन्‍य, ताकि आपका पूरा पोर्टफोलियो स्टॉक और म्यूचुअल फंड्स पर आधारित न हो।

इसके साथ ही, आप अपना कुछ पैसा सरकारी पेंशन योजनाओं, डाकघर मासिक आय योजनाओं, डिजिटल गोल्ड बॉन्ड आदि में भी निवेश कर सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपका पोर्टफोलियो वास्तव में विविध है और इक्विटी बाजार पर बहुत अधिक निर्भर नहीं है। इसके अलावा, यह कदम यह भी सुनिश्चित करेगा कि आपके पास एक स्थिर रिटायरमेंट लाइफ जीने के लिए एक सुरक्षित रिटायरमेंट आय है।

4. गुणवत्ता वाली कंपनियों में लंबी अवधि के लिए निवेश करें

अपने रिटायरमेंट के दौरान आपको जिन कुछ प्रमुख कारकों का सामना करना होगा, वे हैं मुद्रास्फीति, आपातकालीन व्यय, दीर्घायु, आदि। इन कारकों को दूर करने के लिए, आपको एक लॉन्‍ग टर्म ग्रोथ प्‍लान की आवश्यकता होगी, जो यह सुनिश्चित करती है कि आप अपनी रिटायरमेंट लाइफ का आनंद लेते हैं और 'इस बारे में चिंता नहीं करते हैं कि आगे क्या करना है।

इस प्रकार, इस समस्या का समाधान करने के लिए, लार्ज-कैप गुणवत्ता वाली कंपनियों में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह आपके रिटायरमेंट के समय अच्छी मात्रा में कॉर्पस जनरेट करने में आपकी मदद करेंगी। यदि आप भारतीय शेयर बाजार के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हैं, तो यह आसानी से कहा जा सकता है कि यदि आप लंबी अवधि के लिए अच्छी कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, तो अच्छी मात्रा में रिटर्न और धन जनरेट होने की गारंटी है।

यह भी एक प्रसिद्ध कहावत है कि "अपने सभी अंडे एक टोकरी में न रखें।" इस प्रकार, इक्विटी बाजार में निवेश करके, आप अपने निवेश में विविधता ला सकते हैं ताकि एक स्थान पर कुछ भी गलत होने पर यह आपके अन्य निवेशों के साथ संतुलित हो सके।

5. कर-कुशल होने पर फोकस करें

यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि आप कर-कुशल होने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको रिटायरमेंट के समय एक बड़ा झटका लग सकता है जब आप अपना निवेश वापस लेना शुरू करेंगे। उस समय, आपको अपने निवेश से होने वाले लाभ पर भारी कर चुकाना होगा।

इस प्रकार, आप अपने निवेश को 2 श्रेणियों में विभाजित कर सकते हैं:

  1. कर-मुक्त
  2. कराधीन

टैक्स प्लानिंग प्रोफेशनल को नियुक्त करना और टैक्स हार्वेस्टिंग जैसी प्रसिद्ध रणनीति को नियोजित करना भी एक अच्छा विचार है, ताकि अधिक से अधिक कर को बचाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि जब रिटायर होने का समय आता है, तो आप अपने निवेश की एक बड़ी राशि का कर के रूप में भुगतान नहीं करते हैं। इसलिए, आपके रिटायरमेंट के लक्ष्‍यों को प्राप्त करने के लिए एक कर योजना या आपके करों की योजना बनाना आवश्यक है।

6. इंटीग्रेटेड प्‍लानिंग से आपको सही निर्णय लेने में मदद मिलती है

यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आपकी सभी देनदारियों, निवेशों, करों, बीमा और बचत को एक ही स्थान पर एकीकृत किया जाए ताकि आप उन्‍हें आसानी से देख सकें, उनका प्रबंधन कर सकें और जब भी आवश्यक हो आवश्यक कदम उठा सकें।

सभी चीजों को एक स्थान पर एकीकृत करने का एक और आवश्यक लाभ यह है कि आप आसानी से कर-बचत के अवसरों को देख पाएंगे, जो आपको लंबे समय में कर बचाने में मदद करेगा।

अक्सर, यह कदम वित्तीय सलाहकार द्वारा छोड़ दिया जाता है क्योंकि उनकी रूचि उत्‍पाादों को ही स्थान पर एकीकृत करने के बजाय विभिन्न प्रकार के उत्पादों को बेचने में अधिक होती है, इसलिए आपको यह पता होना चाहिए और ध्यान रखना चाहिए कि यह महत्वपूर्ण कदम छूट न जाए।

सारांश

आपको उन समाचारों और निवेश के सुझाव पर प्रतिक्रिया या कार्यवाही नहीं करनी चाहिए जिन्‍हें आप Google, समाचार चैनल्‍स आदि पर देख सकते हैं। इसके बजाय उचित व्यक्तिगत वित्तीय और रिटायरमेंट प्‍लानिंग के लिए एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। यह आवश्यक है कि आप अपने निवेश को शॉर्ट-टर्म और लॉन्‍ग टर्म निवेश के रूप में विभाजित करते हैं, और उन्हें एक जैसा नहीं मानते हैं। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपके पास अलग-अलग आय के स्रोत हैं और पूरी तरह से आय के एक स्रोत पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

यह भी जरूरी है कि आपके निवेश विविध हों, और आपके पास इक्विटी बाजार में भी निवेश हो, जहां से आप लंबे समय में अच्छी मात्रा में रिटर्न कमा सकते हैं। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप टैक्स हार्वेस्टिंग और टैक्स प्लानिंग का कुशलतापूर्वक लाभ उठा रहे हैं ताकि आपको रिटायरमेंट के समय अधिक कर का भुगतान न करना पड़े। अपने सभी निवेशों को एक ही स्थान पर एकीकृत करना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि उसे आसानी से मॉनिटर किया जा सके और यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सके कि आपके निवेश सही रास्ते पर जा रहे हैं।

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