छोटे व्यवसाय मालिकों के लिए रिटायरमेंट के 6 सुझाव

छोटे व्यवसाय मालिक को व्यक्तिगत और कार्य जीवन को अलग-अलग रखना होता है, और बेहद सुनियोजित तरीके से दोनों को वित्तीय रूप से मजबूत करना होता है।

छोटे व्यवसाय मालिकों के लिए रिटायरमेंट के 6 सुझाव

छोटा व्यवसाय का संचालन एक टीम द्वारा होता है जिसमें प्राय: 1 या 2 व्यक्ति होते हैं जो शासित होते हैं। मालिक छोटे व्यवसाय के केंद्रबिंदु या आत्मा होते हैं और ज्यादातर कामों का संचालन उन्हीं के द्वारा होता है। व्यवसाय में अपना सबकुछ लगाकर, वे अपने वित्तीय भविष्य और सुरक्षा की अनदेखी करके जोखिम लेते हैं। छोटे व्यवसाय का मालिक अपने रिटायरमेंट के बाद के भविष्य की योजना बना सकता है और उन्हें बनाना चाहिए, और अपने दीर्घ-कालिक लक्ष्यों के रूप में रिटायरमेंट के साथ व्यवसाय चलाना चाहिए। 

यहां कुछ आसान सुझाव दिए गए हैं जिनसे छोटे व्यवसाय मालिकों को उनके अपने टर्म्स पर अपने व्यवसाय से रिटायर होने में मदद मिल सकती है।

1. खुद को मेहनताना दें

अक्सर, छोटे व्यवसाय के साथ, मालिक और व्यवसाय व्यावहारिक रूप से एक जैसे ही होते हैं। किंतु इसे ऐसा ही होना चाहिए, कम से कम अकाउंटिंग के मामले में। ‘लग व्यवसाय इकाई’ अवधारणा के तहत, आपको और आपके व्यवसाय को दो अलग-अलग इकाई माना जाना चाहिए। इस अनुसार, व्यवसाय को चलाने में आपके प्रयासों के एवज में आपको आपके व्यवसाय से मेहनताना मिलना चाहिए। हो सकता है कि यह एक जेब से पैसे निकालकर दूसरे जेब में रखने जैसा लगता हो, लेकिन खुद को मेहनताना देने से व्ययसाय चलाने की दिशा में आपका नजरिया बदल सकता है। और अपने अकाउंट में एक नियमित आय प्राप्त करना रिटायरमेंट योजना का शुरुआती बिंदु है।

इससे जुड़ी बातें: यहां कुछ बातें बताई गई हैं जिन्हें मैंने अपने व्यवसाय को शुरु करते समय किया था

2. वित्तीय सलाह लेने में संकोच न करें

यदि आप स्वयं एक वित्तीय सलाहकार नहीं हैं, तो इसका कोई कारण नहीं है कि आपने अपने व्यवसाय और व्यक्तिगत वित्तीय नियोजन के लिए किसी से संपर्क न करें। पेशेवर सलाह के साथ, आप अपने वित्त को स्ट्रीमलाइन करने और अपने वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान देनें में सक्षम होंगे। एक वित्तीय सलाहकार आपको महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों पर भी सलाह दे सकता है और आपको उन कदमों पर मार्गदर्शन कर सकता है जिन्हें लेने के लिए आप अन्यथा रूप से दुविधा में पड़ जाएंगे। 

3. अपने रिटायरमेंट लक्ष्यों की योजना बनाएं

स्पष्ट रिटायरमेंट लक्ष्यों का निर्धारण करने से आपको वित्तीय रूप से मजबूत होने और सही आकार का रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार करने में, और साथ ही बाहर निकलने की अपनी रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। आपको अपनी रिटायरमेंट आयु तय करनी चाहिए, बाकी बचे सक्रिय वर्षों पर विचार करना चाहिए, रिटायरमेंट के बाद की योजना बनानी चाहिए, रिटायरमेंट के बाद की अपनी जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए, आय के वैकल्पिक स्रोतों की पहचान करनी चाहिए, रिटायरमेंट के बाद अपने व्यवसाय को सौंपने से होने वाले मौद्रिक लाभों को देखना चाहिए इत्यादि। कॉर्पस की मात्रा के निर्धारण के साथ, आप इसे अधिक व्यवस्थित तरीके से बनाने पर अपने सभी प्रयासों पर फोकस कर सकते हैं। 

इससे जुड़ी बातें: गोल्ड लोन छोटे व्यवसाय के लिए अवसरों का द्वार खोलता है

4. रिटायरमेंट फंड बनाएं 

इसके द्वारा मिलने वाले टैक्स लाभों के अलावा, ज्यादातर वेतनभोगी लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड्स एक स्टैंडर्ड रिटायरमेंट कॉर्पस है। हालांकि, किसी छोटे व्यवसाय के मालिक को निवेश के अनेक इंस्ट्रूमेंट के माध्यम से रिटायरमेंट फंड को अलग करना चाहिए। पीपीएफ, एलआईसी पॉलिसी, नेशनल सेविंग स्कीम और नेशनल पेंशन स्कीम जैसे निवेश न केवल आपकी रिटायरमेंट कॉर्पस का निर्माण कर सकते हैं बल्कि आपको टैक्स लाभ भी प्रदान करते हैं। अमाउंट छोटा हो तो भी जल्द से जल्द शुरू करना महत्वपूर्ण है। यदि लंबी अवधि के लिए बचत योजना अपनाई जाती है तो चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ लिया जा सकता है। सुरक्षित निवेशों के अलावा, आप म्यूचुअल फंड का विकल्प भी चुन सकते हैं और हाइअर रिटर्न के लिए इक्विटी में निवेश कर सकते हैं। चूंकि आप अपने छोटे व्यवसाय से खुद को मेहनताना देते हैं, इसलिए आप इसमें से कुछ को इन रिटायरमेंट योगदानों की ओर मोड़ सकते हैं।

5. अपने पैसे सुरक्षित रखें

यदि आपका व्यवसाय आपके व्यवसाय के बजट को लगातार कम कर रहा है, तो हो सकता है कि यह आपके लिए कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने का समय है। लेकिन अगर यह नियमित आय और लाभ प्रदान करता है, तो आपके लिए प्रमुख लक्ष्य होगा व्यवसाय की स्थिरता। अनेक छोटे-छोटे व्यवसाय वित्तीय दूरदर्शिता की कमी के कारण अच्छे फायदे के बावजूद बंद हो जाते हैं। खरीद की अपनी शुरुआती खर्चे को फिर से लगाने के अलावा, अपने लाभ के एक हिस्से को व्यवसाय में वापस लगाना महत्वपूर्ण होता है। फायदों के दूसरे हिस्से को तरलता (लिक्विडिटी) बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि बाजार में अस्थायी मंदी है, तो यह नकद आरक्षित (कैश रिज़र्व) आपको अपने निश्चित खर्चों को पूरा करने और अपने व्यवसाय को चालू रखने में मदद करेगा। अपने व्यवसाय को सुरक्षित रखने का दूसरा महत्वपूर्ण तरीका है एक एमर्जेंसी फंड तैयार करना। इस फंड से आपको मशीनरी के ब्रेकडाउन या पेंडेमिक लॉकडाउन जैसे अचानक होने वाली और अप्रत्याशित स्थितियों में परिचालन खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

इससे जुड़ी बातें: रिटर्न फाइल करने के बारे में GST-रजिस्टर्ड व्यवसाय को क्या-क्या जानना चाहिए?

6. एक एग्जिट रणनीति तैयार करें

आपकी एग्जिट रणनीति का पहला चरण होगा हमेशा एक रास्ता तैयार रखना। उदाहरण के लिए, अपनी व्यावसायिक प्रक्रियाओं को स्ट्रीमलाइन रखें, कानूनी झगड़ों का निपटारा करें और अनुपालन बनाए रखें। इससे आपका व्यवसाय सेल के लिए तैयार रहेगा जब कोई सही ऑफर आएगा, यहां तक कि यदि यह आपके रिटायर होने की योजना से पहले आए तो भी। आपके बिजनेस में न केवल जायज परिसंपत्तियां और धन होने चाहिए, बल्कि इसकी देयताएं भी पूरी होने चाहिए। एक बेहतर आय विवरण और बाजार में अच्छी मौजूदगी के साथ, भावी खरीदार आपने व्यवसाय में अच्छी वाणिज्यिक भावना देखेंगे। आप इस बात के लिए कानूनी और वित्तीय सलाह ले सकते हैं कि अपने व्यवसाय बिक्री का सही तरीके से संचालन कैसे किया जाए। जब आपका नियोजित रिटायरमेंट निकट आता है, तो आपको अपने व्यवसाय को उस कीमत में सौंपने में सक्षम होना चाहिए जो इसके लायक है।

इससे जुड़ी बातें: प्रोफेशनलों के लिए रिटायरमेंट योजना: नैशनल पेंशन स्कीम

अंतिम शब्द

छोटे व्यवसाय के मालिक अक्सर अपने व्यवसाय से खुद को अलग नहीं मानते हैं, और ऐसा ही होता भी है। यह मालिकों को रिटायरमेंट के बारे में सोचने से रोकता है, आइए अच्छी तरह से इसकी योजना बनाएं। लेकिन किसी के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित रखना एक जरूरी काम है, और छोटे व्यवसाय के मालिकों को इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। रिटायरमेंट प्लैनिंग: 55% वरिष्ठ नागरिक यह मानते हैं कि उन्होंने रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त बचन नहीं की है। 

संबंधित लेख