Here is you can register online: डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए पंजीकरण करना चाहते हैं?

यदि आप स्‍वयं को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए पंजीकृत करने में परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो यह लेख आपको विस्‍तृत विवरण प्रदान करता है। अधिक जानने के लिए पढें।

Registered for a Digital Life Certificate

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए पंजीकरण करना है? यहां बताया गया है कि ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें 

यदि आप पेंशनर हैं, तो डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) होना आज के समय की आवश्यकता है, और यह आपकी कई तरह से मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, मान लें कि आप सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपकी पेंशन बिना किसी झंझट के आपके बैंक खाते में पहुंचती है। इस मामले में, सरकारी आदेश का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है और लागू आवश्यकता जिसको आपको तत्काल पूरा करना है। इसलिए, प्रत्येक पेंशनर को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट देना आवश्यक है जिससे उनके जीवित होने का प्रमाण मिले और उनके खाते में पेंशन आसानी से आती रहे।

भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए इसे प्राथमिक ध्यान के रूप में लिया है कि डिफॉल्टर की संख्या कम हो। इसने पेंशन डिस्‍बर्सिंग अथॉरिटी के लिए पेंशन प्रदान करना और उन लोगों की सूची बनाना आसान बना दिया है जो अब पेंशन प्राप्‍त करने के पात्र नहीं हैं।

यह भी पढें: अनिश्चित समय में सेवानिवृत्त? इस थ्री-बकेट स्‍ट्रेटजी को आजमाएं

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट क्‍या है?

अपने बैंक अकांउट नंबर को अपने आधार से जोड़ने और आधार सत्यापन करने के अलावा, प्रत्येक पेंशन धारक को हर साल एक लाइफ सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत करना होता है। हालांकि, कई बार पेंशनधारकों के लिए बैंक जाना और प्रक्रिया को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए इस परिस्थिति में, डीएलसी सभी के लिए सबसे सुविधाजनक विकल्प बन जाता है।

एक डीएलसी दर्शाता है कि पेंशन धारक अभी भी जीवित है और उनका पेंशन खाता है। हालांकि, कभी-कभी ऐसा होता है कि पेंशन धारक की मृत्यु के बाद भी खाता बंद नहीं होता है, जिससे दूसरों को पेंशन का हिस्सा मिल जाता है। इसलिए, इस तरह की धोखाधड़ी की गतिविधि को रोकने के लिए एक लाइफ सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया जाना चाहिए। पेंशनर के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कुछ सरल चरणों का पालन करके आधिकारिक साइट से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

जीवन प्रमाण आपके डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट का एक विकल्प है क्योंकि कभी-कभी पेंशनर्स द्वारा इसके लिए ऑनलाइन साइन-अप करना कठिन हो जाता है। दूसरी ओर, जीवन प्रमाण को आपके आधार बायोमेट्रिक्स की मदद से प्राप्‍त किया जा सकता है। इसलिए यह एक अधिक सीधी प्रक्रिया है और यह सुनिश्चित करती है कि आप जल्दी से ऑन-बोर्ड हो सकते हैं।

यह भी पढें: क्‍या आपने सेवानिवृत्‍त जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित किया है? 

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन साइनिंग अप करने की क्‍या प्रक्रिया है?

यदि आप सोच रहे हैं कि डिजिटल जीवन प्रमाण सर्टिफिकेट, तो चिंता न करें क्योंकि हमारे पास कुछ सरल चरण हैं जो आपको आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया को शुरू करने में सक्षम बनाएंगे। चरण बहुत सरल हैं, और आपको बस उनका बारीकी से पालन करना है और सफल प्रमाणीकरण के लिए कोई भी गलती करने से बचना है।

  • चरण 1: डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए पंजीकरण का पहला चरण किसी भी डिजिटल डिवाइस पर समर्पित जीवन प्रमाण एप्लिकेशन को खोलना है। एप्लिकेशन को साइन-अप करने की प्रक्रिया को बिना किसी झंझट के एक सीधी प्रक्रिया बनाने के लिए तैयार किया गया है।
     
  • चरण 2: जब आप एप्लिकेशन खोल लेते हैं, तो उसमें चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प होंगे। आपको ड्रॉप-डाउन मेनू को सिलेक्ट करना होगा और फिर "नया पंजीकरण" विकल्प पर टैप करना होगा, जो आपको ऑनलाइन डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए साइन-अप करने में सक्षम करेगा।
     
  • चरण 3: आधार नंबर पेंशन भुगतान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहचान के सबसे मूल प्रकारों में से एक है। आपके पेंशन पेमेंट ऑर्डर, बैंक अकाउंट नंबर, नाम और फोन नंबर जैसे अन्य विवरण शामिल करना भी अनिवार्य है।
     
  • चरण 4: जानकारी भरने के बाद, आपको आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा गया एक ओटीपी जनरेट करना होगा। ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया को आगे शामिल किया गया है ताकि प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। अंत में, पंजीकरण जारी रखने के लिए आपको अपने मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को डालना होगा।
     
  • चरण 5: आपको स्क्रीन पर दिये गए विवरण का पालन करना होगा, जो इसे आधार कार्ड के बायोमेट्रिक्स का उपयोग करके प्रमाणित करना अनिवार्य बनाता है। सत्यापन के सबसे उन्नत तरीकों में से बायोमेट्रिक सत्यापन एक है और इसे इस फॉर्मेट में शामिल किया गया है। सभी विवरण जमा करने पर, यूआईडीएआई द्वारा अच्छी तरह से जांच की जाएगी और फिर इसके परिणामस्वरूप स्‍वीकृत किया जाएगा।

यह भी पढें: पेंशन स्‍कीम्‍स के प्रकार और उनके कर लाभ 

निष्‍कर्ष

यदि आप एक पेंशन धारक हैं और आपने अभी भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए अपना पंजीकरण पूरा नहीं किया है, तो सुझाव दिया जाता है कि आप इसे जल्द से जल्द पूरा कर लें। अधिकांश राज्यों की राज्य सरकार ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट या जीवन प्रमाण के साथ इसे करना अनिवार्य कर दिया है, यदि आप अपनी पेंशन प्राप्त करते रहना चाहते हैं तो यह अनिवार्य है। पेंशन धारक के जीवित रहने तक हर साल प्रमाणीकरण किया जाना चाहिए।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए पंजीकरण करना है? यहां बताया गया है कि ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें 

यदि आप पेंशनर हैं, तो डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) होना आज के समय की आवश्यकता है, और यह आपकी कई तरह से मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, मान लें कि आप सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपकी पेंशन बिना किसी झंझट के आपके बैंक खाते में पहुंचती है। इस मामले में, सरकारी आदेश का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है और लागू आवश्यकता जिसको आपको तत्काल पूरा करना है। इसलिए, प्रत्येक पेंशनर को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट देना आवश्यक है जिससे उनके जीवित होने का प्रमाण मिले और उनके खाते में पेंशन आसानी से आती रहे।

भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए इसे प्राथमिक ध्यान के रूप में लिया है कि डिफॉल्टर की संख्या कम हो। इसने पेंशन डिस्‍बर्सिंग अथॉरिटी के लिए पेंशन प्रदान करना और उन लोगों की सूची बनाना आसान बना दिया है जो अब पेंशन प्राप्‍त करने के पात्र नहीं हैं।

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डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट क्‍या है?

अपने बैंक अकांउट नंबर को अपने आधार से जोड़ने और आधार सत्यापन करने के अलावा, प्रत्येक पेंशन धारक को हर साल एक लाइफ सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत करना होता है। हालांकि, कई बार पेंशनधारकों के लिए बैंक जाना और प्रक्रिया को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए इस परिस्थिति में, डीएलसी सभी के लिए सबसे सुविधाजनक विकल्प बन जाता है।

एक डीएलसी दर्शाता है कि पेंशन धारक अभी भी जीवित है और उनका पेंशन खाता है। हालांकि, कभी-कभी ऐसा होता है कि पेंशन धारक की मृत्यु के बाद भी खाता बंद नहीं होता है, जिससे दूसरों को पेंशन का हिस्सा मिल जाता है। इसलिए, इस तरह की धोखाधड़ी की गतिविधि को रोकने के लिए एक लाइफ सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया जाना चाहिए। पेंशनर के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कुछ सरल चरणों का पालन करके आधिकारिक साइट से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

जीवन प्रमाण आपके डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट का एक विकल्प है क्योंकि कभी-कभी पेंशनर्स द्वारा इसके लिए ऑनलाइन साइन-अप करना कठिन हो जाता है। दूसरी ओर, जीवन प्रमाण को आपके आधार बायोमेट्रिक्स की मदद से प्राप्‍त किया जा सकता है। इसलिए यह एक अधिक सीधी प्रक्रिया है और यह सुनिश्चित करती है कि आप जल्दी से ऑन-बोर्ड हो सकते हैं।

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डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन साइनिंग अप करने की क्‍या प्रक्रिया है?

यदि आप सोच रहे हैं कि डिजिटल जीवन प्रमाण सर्टिफिकेट, तो चिंता न करें क्योंकि हमारे पास कुछ सरल चरण हैं जो आपको आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया को शुरू करने में सक्षम बनाएंगे। चरण बहुत सरल हैं, और आपको बस उनका बारीकी से पालन करना है और सफल प्रमाणीकरण के लिए कोई भी गलती करने से बचना है।

  • चरण 1: डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए पंजीकरण का पहला चरण किसी भी डिजिटल डिवाइस पर समर्पित जीवन प्रमाण एप्लिकेशन को खोलना है। एप्लिकेशन को साइन-अप करने की प्रक्रिया को बिना किसी झंझट के एक सीधी प्रक्रिया बनाने के लिए तैयार किया गया है।
     
  • चरण 2: जब आप एप्लिकेशन खोल लेते हैं, तो उसमें चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प होंगे। आपको ड्रॉप-डाउन मेनू को सिलेक्ट करना होगा और फिर "नया पंजीकरण" विकल्प पर टैप करना होगा, जो आपको ऑनलाइन डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए साइन-अप करने में सक्षम करेगा।
     
  • चरण 3: आधार नंबर पेंशन भुगतान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहचान के सबसे मूल प्रकारों में से एक है। आपके पेंशन पेमेंट ऑर्डर, बैंक अकाउंट नंबर, नाम और फोन नंबर जैसे अन्य विवरण शामिल करना भी अनिवार्य है।
     
  • चरण 4: जानकारी भरने के बाद, आपको आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा गया एक ओटीपी जनरेट करना होगा। ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया को आगे शामिल किया गया है ताकि प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। अंत में, पंजीकरण जारी रखने के लिए आपको अपने मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को डालना होगा।
     
  • चरण 5: आपको स्क्रीन पर दिये गए विवरण का पालन करना होगा, जो इसे आधार कार्ड के बायोमेट्रिक्स का उपयोग करके प्रमाणित करना अनिवार्य बनाता है। सत्यापन के सबसे उन्नत तरीकों में से बायोमेट्रिक सत्यापन एक है और इसे इस फॉर्मेट में शामिल किया गया है। सभी विवरण जमा करने पर, यूआईडीएआई द्वारा अच्छी तरह से जांच की जाएगी और फिर इसके परिणामस्वरूप स्‍वीकृत किया जाएगा।

यह भी पढें: पेंशन स्‍कीम्‍स के प्रकार और उनके कर लाभ 

निष्‍कर्ष

यदि आप एक पेंशन धारक हैं और आपने अभी भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए अपना पंजीकरण पूरा नहीं किया है, तो सुझाव दिया जाता है कि आप इसे जल्द से जल्द पूरा कर लें। अधिकांश राज्यों की राज्य सरकार ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट या जीवन प्रमाण के साथ इसे करना अनिवार्य कर दिया है, यदि आप अपनी पेंशन प्राप्त करते रहना चाहते हैं तो यह अनिवार्य है। पेंशन धारक के जीवित रहने तक हर साल प्रमाणीकरण किया जाना चाहिए।

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