रिटायरमेंट के बाद शानदार जिंदगी के लिए क्या हो निवेश की सही रणनीति

बुढ़ापे में ठाट से रहना है तो रिटायरमेंट फंड बनाने की शुरुआत पहली सैलरी से ही कर दें।

 रिटायरमेंट के बाद शानदार जिंदगी के लिए क्या हो निवेश की सही रणनीति

अक्सर लोग अपने बच्चों को रिटायरमेंट फण्ड की तरह देखते हैं। मगर बुजुर्ग माता-पिता या बुजुर्ग सास-ससुर को घर से बाहर निकाल देने वाले बेटे-बेटियों-बहू-दामाद की खबरें भी आप अक्सर सुनते-पढ़ते होंगे। हालाँकि हर जगह स्थिति एक सी नहीं होती, मगर फिर भी आपको रिटायरमेंट के बाद भी आपको अपनी जरूरतें पूरी करने में सक्षम होना चाहिए। इसलिए आपको अपने लिए रिटायरमेंट फण्ड जरूर बनाना चाहिए। 

रिटायरमेंट प्लान जरूरी क्यों?

1. जरूरत कभी खत्म नहीं होती:

 इंसान काम करे या ना करे, जब तक वह जिंदा रहता है उसकी जरूरतें कभी खत्म नहीं होती हैं। हर भौतिक जरूरत पूरी करने के लिए पैसे चाहिए। इसलिए जब तक जिंदगी है, पैसा तो चाहिए ही होगा। 

2. औसत उम्र में वृद्धि: 

काम से रिटायर होने के बाद भी इंसान के पास जिंदगी जीने का मौका होता है। आम तौर पर लोग 60 साल में रिटायर हो जाते हैं। जहां तक बात लोगों की औसत उम्र की है तो 2016 में 68.7 वर्ष की हो चुकी है, जबकि 1991 में यह 60.3 वर्ष थी। एक स्वस्थ इंसान रिटायरमेंट के बाद भी लम्बी जिंदगी जी सकता है।  

3: रिटायरमेंट के बाद की संभावित चुनौतियाँ: 

बढ़ती उम्र के साथ लोग गंभीर बीमारियों के भी शिकार होते चले जाते हैं। उन्हें कुछ ऐसी बीमारियां भी हो सकती हैं जिनके इलाज और दवा में काफी पैसे खर्च होते हैं। हमेशा स्वस्थ रहना और सकारात्मक सोच रखना अच्छी बात है, लेकिन संभावित मुश्किलों का सामना करने के लिए पहले से ही तैयारी कर लेने में ही समझदारी है। 

4. परिवार आपकी जिम्मेदारी: 

रिटायरमेंट के बाद भी एक अभिभावक के तौर पर आप अपने परिवार के लिए और ज्यादा करना चाहते हैं। इसलिए भी रिटायरमेंट फंड की जरूरत पड़ेगी।

रिटायरमेंट फंड कितना होना चाहिए? 

अब सवाल है कि आपका रिटायरमेंट फंड कितना बड़ा होना चाहिए। अगर आप पैसों से जुड़े बातों को समझते हैं तो यह अंदाजा आप खुद से भी लगा सकते हैं। यदि आप चाहें तो किसी भरोसेमंद वित्तीय सलाहकार की भी मदद ले सकते हैं। गूगल में आपको रिटायरमेंट फंड कैलकुलेटर मिल जाएगा, वहां से भी एक अंदाजा लगाया जा सकता है। 

आपका रिटायरमेंट फंड कम से कम कितना होना चाहिए, इसे ‘रूल ऑफ थम्ब’ का इस्तेमाल करके आसानी से जान सकते हैं। इस नियम के मुताबिक, आरामदायक रिटायरमेंट जिंदगी जीने के लिए आपके पास समय रहते कम से कम आपकी सालाना कमाई का 50 गुना होना चाहिए। इसका सीधा मतलब हुआ कि अगर आपकी सालाना कमाई 10 लाख रु. है, तो आपके पास 10 लाखx50= 5 करोड़ रु. का रिटायरमेंट फंड तो होना ही चाहिए। 

रिटायरमेंट प्लान के लिए निवेश कब शुरू करें? 

अगर आप सोच रहे हैं कि अभी तो रिटायर होने में काफी समय है, इसलिए अभी से क्यों रिटायरमेंट का प्लान करें। लेकिन, बाद में आपको आपकी ये सोच नुकसान पहुंचाएगी। जितनी जल्दी रिटायरमेंट के लिए पैसा निवेश करना शुरू करेंगे, रिटायरमेंट के समय तक उतना ही ज्यादा फंड इकट्ठा कर सकेंगे। जानकारों का मानना है कि पहली सैलरी से ही रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए, भले ही आपकी उम्र 20-25 साल की क्यों ना हो। शुरू से ही प्लान करके चलेंगे तो आपमें पैसों की बचत और निवेश को लेकर अच्छी आदत भी बनी रहेगी।    

रिटायरमेंट प्लान के लिए कहां निवेश करें? 

इस बारे में किसी वित्तीय सलाहकार की मदद लें। वैसे आप खुद से ही इन निवेश साधनों में पैसे लगा सकते हैं। 

1. नौकरी करते हुए यहां पैसे लगाएं: 

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस), सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), पेंशन प्लान, इक्विटी और बैलेंस्ड म्युचुअल फंड स्कीम, रिटायरमेंट म्युचुअल फंड स्कीम, अटल पेंशन योजना (एपीवाई), प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (पीएमएसवाईएम)। 

2. रिटायर हो गए हैं या रिटायर होने वाले हैं तो यहां पैसे लगाएं: 

वरिष्ठ नागरिक बचत स्कीम (एससीएसएस), एन्यूइटी प्लान, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई), डेट आधारित म्युचुअल फंड स्कीम, बैंक एफडी, पोस्ट ऑफिस एफडी, नेशनल सेविंग्स मासिक आय योजना (एनएसएमआईएस), राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी), कर मुक्त बॉन्ड्स, भारत सरकार 7.75% सेविंग्स (करयोग्य) बॉन्ड्स। 

रिटायरमेंट के बाद भी हर महीने रेगुलर इनकम जारी रहनी चाहिए, तभी आप स्वास्थ्य और परिवार की चिंताओं से ऊपर उठकर अपने जीवन का आनंद ले पाएंगे। इसलिए अपने लिए सही निवेश निवेश विकल्पों का चयन करें और आज से ही अपने रिटायरमेंट फण्ड में निवेश शुरू कर दें।  

 

संवादपत्र

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