How to become Crorepati, read this carefully: करोड़पति बनने के उपाय चाहते हैं तो पढ़िए यह लेख

Early retirement: यदि यह विषय आपको बार-बार परेशान करता है तो इस लेख के माध्यम से हम आपको कुछ फायदेमंद मनी इन्वेस्टमेंट टिप्स (retirement planning tips) देंगे।

जल्दी रिटायरमेंट

Tips for Early Retirement: मौजूदा हालातों में लोगों की अपनी नौकरी या काम को लेकर सोच तेजी से बदल रही है। 2 साल के कोविड के मुश्किल दौर के बाद लोग अब अपने काम और निजी जीवन को बराबर महत्त्व देना चाह रहे हैं। ऐसे में जल्दी रिटायरमेंट (early retirement plan) एक बहुत अच्छा विकल्प बनकर सामने आया है। लेकिन इसके लिए आगे की ज़िंदगी को फाइनेंशियली सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। मौजूदा पीढ़ी 40 की उम्र में ही अब नौकरी छोड़कर रिटायर होने के विकल्प तलाश रही है। यदि सही तरीके से अपना निवेश किया जाए या सोच समझकर सही रणनीति अपनाते हुए योजनाबद्ध तरीके से निवेश किया जाए तो आप भी 40 की उम्र में रिटायर (how to retire at 40) हो सकते हैं। इसके लिए कुछ खास मनी इन्वेस्टमेंट टिप्स हम इस लेख के माध्यम से दे रहे हैं । 

रिटायरमेंट कॉर्पस कितना बड़ा होना चाहिए? 

इस सवाल का जवाब हर एक के लिए अलग-अलग हो सकता है। सबसे पहले तो सोचना चाहिए कि अपनी मौजूदा जीवनशैली बनाए रखने के लिए कितनी इनकम की जरूरत है? यानी प्रतिमाह और प्रतिवर्ष कितना खर्च अपेक्षित है? इसके लिए 4% का, एक थंब रूल बहुत मददगार साबित हो सकता है। यदि आपके पास रिटायरमेंट के समय ₹5 करोड़ हैं तो आप उसमें से 4% उपयोग कर सकते हैं यानी ₹20 लाख। दूसरा तरीका है 4% का उल्टा यानी 25 गुना। इसका मतलब है पहले साल आपने जितना धन निकाला है उसका 25 गुना आपका कुल रिटायरमेंट कॉर्पस होना चाहिए। दूसरे शब्दों में यदि रिटायरमेंट के पहले साल में ₹10 लाख की जरूरत पड़ती है तो उसे 25 से गुणा करते हुए आपको रिटायरमेंट कॉर्पस ₹2.5 करोड़ होना चाहिए। यह धन रिटायरमेंट लेते समय आपके पास मौजूद होना चाहिए।  

फायर (FIRE) स्ट्रैटजी अर्ली रिटायरमेंट में काफी काम आती है। इस रणनीति के तीन सिद्धांत हैं। पहला अपनी आय के 50-70% की बचत; दूसरा, खर्चों में कमी और आर्थिक अनुशासन लगाना; और तीसरा, बचत को लो कॉस्ट इंडेक्स फंड में अपनी पसंद के हिसाब से चतुराई के साथ निवेश करना। 

अर्ली रिटायरमेंट की ऐसे करें तैयारी 

पहले कदम से हर महीने बचत के साथ आप अपनी आय भी बढ़ाते हैं। आवश्यक खर्चों में आय का लगभग आधा हिस्सा खर्च होने की संभावना होती है इसलिए जितना संभव हो अपने तरीके से ज्यादा से ज्यादा बचत करें। इसके लिए चाहें तो अपनी आमदनी बढ़ाने की भी कोशिश करें जैसे कि कुछ अतिरिक्त जॉब, वेतनवृद्धि, बेहतर वेतन की नौकरी करना या कोई साइड बिज़नेस आदि किया जा सकता है।

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खर्च में कटौती 

फायर रणनीति के तहत खर्चों को सीमा में रखना बहुत जरूरी है। यहाँ कुछ टिप्स दे रहे हैं जो फायदेमंद हो सकती हैं; जैसे नई कार की जगह पुरानी कार का इस्तेमाल, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, घर खरीदने की जगह किराये पर लेना, होटलों या बाहर भोजन न करते हुए घर में भोजन बनाना, क्रेडिट कार्ड आदि के लोन से दूर रहना। यह कुछ काम आनेवाले उपाय हो सकते हैं। 

आय के अन्य साधन 

फायर रणनीति अपनाने वाले लोगों में पैसिव इनकम को लेकर खासी सजगता दिखती है। इसके लिए निवेशक चाहें तो शेयर से डिविडेंड, एफडी से ब्याज, सोशल मीडिया जैसे यू ट्यूब, ब्लॉग आदि द्वारा होनेवाली अतिरिक्त आमदनी या फिर संपत्ति से मिलने वाले किराया आदि के बारे में सोच सकते हैं। 

याद रखिए, यदि आप रिटायरमेंट के बाद भी एक अच्छी जिंदगी जीना चाहते हैं तो सही जगह देखकर निवेश करना बहुत जरूरी है। जितना संभव हो उतना अधिक और जल्दी निवेश किया जाना चाहिए। ऐसे में निवेश करते समय जहाँ अधिक लाभ और अच्छे अवसर हों उन निवेशों को प्राथमिकता देनी चाहिए। पश्चिमी देशों में ऐसे निवेशों के लिए लो कॉस्ट इंडेक्स फंड या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड का इस्तेमाल किया जाता है। अब भारत में भी इंडेक्स फंड और ईटीएफ फंड विकसित हो रहे हैं जिनका समझदारी के साथ उपयोग करते हुए निवेशक उम्मीद से ज्यादा रिटर्न कमा सकते हैं।  

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४० के पहले रिटायर हो जाए

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