पी.एम.वी.वी.वाई.: वह सब जो आपको प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के बारे में जानना चाहिए

वित्तीय वर्ष समाप्त होने में तीन महीने से कम समय बाकि रह गया है, जानें कि क्या पी.एम.वी.वी.वाई. वह योजना है जिसमें आपको निवेश करना चाहिए।

पी.एम.वी.वी.वाई.: वह सब जो आपको प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के बारे में जानना चाहिए

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पी.एम.वी.वी.वाइ.) सरकार द्वारा शुरू की गई सेवानिवृत्ति आय योजना है जो वरिष्ठ नागरिकों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। यह भारतीय जीवन बीमा निगम (एल.आई.सी.) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है और 4 मई 2017 से 31 मार्च 2020 के बीच इसका लाभ उठाया जा सकता है।

इसी आयु वर्ग के लिए अन्य योजनाएं पहले भी शुरू की गई थीं, जैसे कि वरिश्ठ पेंशन बीमा योजना 2003 और वरिश्ठ पेंशन बीमा योजना 2014, जिसका अच्छा स्वागत हुआ था।

पी.एम.वी.वी.वाई. का उद्देश्य 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बाजार की अनिश्चितताओं और ब्याज दर में गिरावट से बचाना है। यह गारंटीकृत 8% की दर पर पेंशन प्रदान करता है। इसकी खरीद राशि न्यूनतम 1,50,000 रुपये से लेकर अधिकतम 15,00,000 रुपये तक होती है।

पी.एम.वी.वी.वाई. के लिए कौन पात्र है?

पी.एम.वी.वी.वाई. योजना के लिए पात्र होने के लिए, निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना चाहिए:

  • कम से कम 60 वर्ष की आयु हो (ऊपरी आयु सीमा नहीं दी गई है)।
  • पी.एम.वी.वी.वाई. नीति का अधिकतम 10 वर्षों के लिए लाभ उठाया जा सकता है।
  • इस नीति के विरुद्ध पेंशन मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक आधार पर प्राप्त की जा सकती है।
  • एक महीने के लिए न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये तक जा सकती है; यह भुगतान अंतराल के आधार पर आनुपातिक रूप से लागू होगा|

पी.एम.वी.वी.वाई. के लिए आवेदन कैसे करते हैं ?

एक पी.एम.वी.वी.वाई. नीति, फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों की आपूर्ति करके खरीदी जा सकती है। आवेदन यहां किया जा सकता है और निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने होंगे :

  • पैन कार्ड की कॉपी
  • पता-प्रमाण (आधार, पासपोर्ट आदि) की कॉपी ।
  • रद्द चेक या बैंक पासबुक की कॉपी (पेंशन राशि इस खाते में जमा की जाएगी)

कृपया ध्यान दें कि वित्त मंत्रालय के हालिया अधिसूचना के अनुसार,पी.एम.वी.वी.वाई. नीतियों के मामले में आधार को लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है।

पी.एम.वी.वी.वाई. का लाभ क्यों उठाना चाहिए ?

पी.एम.वी.वी.वाई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत ही लाभदायक योजना साबित हो सकती है। यहाँ बताया गया है कि क्यों इन्हे इस पर विचार करना चाहिए:

  • पॉलिसीधारक को 8% के रिटर्न की निश्चित दर पर 10 वर्षों की नियमित आय प्राप्त होती है|
  • पॉलिसीधारक अपनी सुविधा के अनुसार उपलब्ध आवृत्ति विकल्पों में से किसी भी आवृत्ति में पेंशन भुगतान प्राप्त करना चुन सकता है।
  • पॉलिसी की अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाने के मामले में, खरीद मूल्य लाभार्थी को हस्तांतरित किया जाता है।
  • यदि पॉलिसीधारक पॉलिसी अवधि में जीवित रहता है, तो पॉलिसी की खरीद मूल्य अंतिम पेंशन राशि के साथ उन्हें वापस कर दी जाती है।
  • पॉलिसीधारक तीन साल पूरे होने के बाद, पॉलिसी के एवज में आप ऋण प्राप्त कर सकते है। खरीद मूल्य के 75% राशि के ऋण को 10% की ब्याज दर पर लिया जा सकता है। ऋण पर ब्याज, पेंशन राशि से वसूला जाता है और पॉलिसी अवधि के दौरान अर्ध-वार्षिक रूप से चुकाना होता है।
  • पी.एम.वी.वी.वाई. नीति एक 'फ्री-लुक' अवधि प्रदान करती है। यदि कोई व्यक्ति पॉलिसी की शर्तों से संतुष्ट नहीं है, तो खरीद के 15 दिनों के भीतर (30 दिन अगर पॉलिसी ऑनलाइन खरीदी जाती है) एक व्यक्ति पी.एम.वी.वी.वाई. पॉलिसी को त्याग सकता है। खरीदी शुल्क पॉलिसीधारक को स्टांप ड्यूटी शुल्क काटने के बाद वापस कर दिया जाता है।
  • पॉलिसीधारक या उनके पति/पत्नी के अंतिम समय या गंभीर बीमारी के मामले में पॉलिसी को समय से पहले छोड़ा जा सकता है। ऐसे मामलों में, खरीद मूल्य की 98% राशि पॉलिसीधारक को वापस भुगतान की जाती है।

पी.एम.वी.वी.वाई. पॉलिसी कैसे खरीदे?

एक पी.एम.वी.वी.वाई. पॉलिसी को एकमुश्त राशि देकर खरीदी जा सकती है, जो पॉलिसी की खरीद मूल्य या पेंशन राशि का चयन करते समय भुगतान किया जाता है। पॉलिसी की न्यूनतम और अधिकतम खरीद मूल्य क्रमशः 1,50,000 रुपये और 15,00,000 रुपये है।

वरिष्ठ नागरिक मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक आधार पर पेंशन भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। आधार-अधिकृत भुगतान प्रणाली या राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स फंड ट्रांसफर (एन.इ.एफ.टी.) के माध्यम से राशि पॉलिसीधारक को उपलब्ध कराई जाती है। अब जब आप पी.एम.वी.वी.वाई. के बारे में जानते हैं, तो इन प्रकार की पेंशन योजनाओं और उनके कर लाभों को देखें।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कर या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको अलग से स्वतंत्र सलाह लेनी चाहिए।