Be self-reliant even after retirement with Freedom SIP: फ्रीडम एसआईपी के साथ अवकाश प्राप्ति के बाद भी आत्मनिर्भर रहें

अवकाश प्राप्ति के बाद भी स्वनिर्भरता और आत्मसम्मान से जीना चाहते हैं तो अभी से योजना बनाएं

Plan retirement with Freedom SIP

Freedom SIP: उम्रदराज होना और अवकाश प्राप्ति तो निश्चित है। बदलते समय और आवश्यकताओं का सामना करने के लिए पहले से तैयारी करना ही बुद्धिमानी है। अगर आप भी अपने अवकाश प्राप्त जीवन के लिए एक रिटायरमेंट फंड बनाने पर विचार कर रहे हैं तो आपको बिना देर किए इसके लिए अभी कदम उठाना होगा। जितनी कम उम्र से इस कोष के लिए निवेश करना आरंभ करेंगे, अवकाश प्राप्ति के समय आपके पास उतने अधिक संसाधन होंगे। आप किसी पर आश्रित न रहकर अपना जीवन पूरे सम्मान तथा उन्हीं सुविधाओं के साथ बिताने में सक्षम होंगे जिस तरह आज बिता रहे हैं।   

शेयर बाजार से जुड़ी परिसंपत्तियो की कीमतों में काफी अस्थिरता छाई हुई है, इनकी कीमतों में भी बहुत तेज बदलाव दिख रहा है। इस समय यह अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है कि लंबे समय में इनकी कीमतों पर क्या असर होगा। ऐसे में अवकाश प्राप्ति की योजना बनाना रोजमर्रा के खर्च को पूरा करने के लिए नकदी की व्यवस्था करना भी कठिन हो सकता है। तो किसी ऐसी योजना में निवेश करने पर विचार करें जो आपके उद्देश्य पर खरी उतर सके। तो आज एक ऐसी यी योजना, फ्रीडम एसआईपी के बारे में बात करते हैं, जिससे आप अवकाश के बाद भी शानदार तरीके से जीवन बिता सकते हैं। 

कंपनियों का सोचना है कि पेंशन के लाभों की फाइनेंसिंग में होने वाली लागत और जोखिम का अनुमान लगाना मुश्किल है, ये अनुमान से बढ़ सकते हैं। इसलिए म्यूचुअल फंड के वितरक जिमित शाह की सलाह है कि अगर आप रिटायरमेंट फंड बनाने की सोच रहे हैं तो इसके लिए अभी से कदम उठाएं। इस पर बात करते हुए लोग कहते है कि अवकाश प्राप्ति में जीना और खर्चों का भुगतान करना कठिन हो जाता है। इसलिए ब्याज दरों, महंगाई आदि से निपटने के लिए अवकाश प्राप्ति की योजना बनाने में काफी शोध करने और हिसाब लगाने की ज़रूरत होती है। इसके लिए सबसे अच्छा साधन चुनना चाहिए। यह साधन ऐसा हो जो सभी अनिश्चितताओं से मुक्त करे और इसका भी हिसाब लगाये कि कितनी और कैसे बचत करनी है। अवकाश प्राप्ति की योजना बनाने के कई साधन हैं पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्रीडम एसआईपी से आप आसानी से यह कर सकते हैं। यह सुविधा निवेशक को जीवन के आखिरी सालों के लिए निवेश और संचय करने तथा आय पाने में मदद करती है।

भारत के म्यूचुअल फंड बाजार में भी बूस्टर एसआईपी आरंभ हो गई है। इसे प्रस्तुत किया है आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने। भारत में म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने बूस्टर एसआईपी की सेवा आरंभ की है। कंपनी का दावा है कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बूस्टर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान इस उद्योग की पहली सुविधा है।

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फ्रीडम एसआईपी के चरण

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्रीडम एसआईपी के दो चरण हैं। पहले चरण में निवेशक को कम से कम आठ साल और अधिक से अधिक 15 साल तक मासिक एसआईपी के माध्यम से मूल फंड में निवेश करना होगा। दूसरे चरण में, एसआईपी के द्वारा बनाये गये फंड को एक लक्ष्य योजना में परिवर्तित कर दिया जाएगा, जो आमतौर पर डेट फंड या हाइब्रिड योजना होगा। फ्रीडम एसआईपी से अपनी आवश्यकता और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन कर उचित संयोजन बनाने में मदद मिलती है।

बूस्टर एसआईपी एक ऐसी सुविधा है, जिसमें सोर्स स्कीम में पहले से तय समय पर एक निश्चित राशि का निवेश करना होता है। साथ ही इक्विटी वैल्यूएशन इंडेक्स के आधार पर इसे एक लक्ष्य योजना में परिवर्तित कर दिया जाता है। इसमे निवेशक के पास अपने एसआईपी में से कुछ प्रतिशत को निवेश के लिए बढ़ाने का विकल्प होता है। यह 5, 10 या इससे अधिक भी हो सकता है। जानकार लोगों का कहना है कि बूस्टर एसआईपी से साधारण एसआईपी की तुलना में अधिक लाभ मिलता है। इसमें लागत और मूल्य औसत का फायदा मिलता है। किस्त की राशि मार्केट वैल्यूएशन जिसके आधार पर तय की जाती है। नियमित निवेश से निवेशक को अधिक फायदा होता है, क्योंकि उसे बाजार का पता करने की ज़रूरत नहीं होती है। यह सुविधा निवेशकों को बाजार की अस्थिर स्थितियों से अधिक लाभ उठाने में मदद करती है और उनकी भी मदद करती है जो लंबी अवधि के लिए निवेश करने के लिए इष्टतम निवेश के साधन की तलाश में हैं।

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फ्रीडम एसआईपी

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