ये भयावह संकेत बताते हैं कि आप शायद धनवान होकर रिटायर न हों

ये कुछ संकेत हैं जिनपर आपको ध्‍यान देना चाहिए क्‍योंकि ये आपके रिटायरमेंट लक्ष्‍य में बाधा डाल सकते हैं

ये भयावह संकेत बताते हैं कि आप शायद धनवान होकर रिटायर न हों

बिल गेट्स का एक लोकप्रिय कथन है कि गरीब पैदा होना इंसान की गलती नहीं होती, लेकिन गरीब मरना वास्‍तव में उसकी ही गलती होती है। उनका तर्क है: जन्‍म लेते समय इंसान की परि‍स्थितियां जो भी हों, लेकिन यह सब उस व्‍यक्ति को आगे बढ़ने से कभी नहीं रोक सकतीं जो कि हमेशा स्‍वयं को बेहतर बनाने की कोशिश में लगा रहता है।

वहीं, यदि कोई व्‍यक्ति गरीब मरता है, तो ऐसा शायद इसलिए क्‍योंकि उसने सही निर्णय न लिए हों, या फिर उसके पास स्‍वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करने के लिए पर्याप्त प्रेरणा नहीं थी।

इस पैमाने को साथ लेकर, सोच कर देखें आप कितनी अच्‍छी स्थिति में हैं? वे क्‍या मुश्किलें हैं जिनकी वजह से आप वित्‍तीय रूप से उतनी सुखद स्थिति में नहीं हैं जितना कि आप होना चाहते हैं?  यहां कुछ संकेत हैं जो आपको चिंता में डाल सकते हैं- क्‍या आप उन्हें खोजने के लिए पर्याप्त स्मार्ट हैं। आइए एक नज़र डालते हैं।

सैलरी से संतुष्टि

शुरू से आरंभ करते हैं: क्‍या आप अपनी स्थिर सैलरी से खुश हैं? यदि आप एक सुरक्षित दायरे में हैं और आप संतुष्‍ट हैं: तो यह एक खतरे की घंटी हो सकती है: यह आपकी सच्ची क्षमता को समझने के लिए प्रेरणा की कमी को दर्शाता है।

यदि आप सोचते हैं कि आपका प्रोविडेंट फंड और बैंक में रखी बचत आपके रिटायर जीवन के लिए पर्याप्‍त है, तो दोबारा सोचिए- यहां एक चीज़ है जिसे महंगाई कहते हैं। रिटायरमेंट कैल्‍कुलेटर का उपयोग करें और देखें आवश्यक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाने के लिए आपको कितनी बचत करनी होगी। यदि आपको यह मुश्किल लगता है, तो यह एक संकेत है कि आप पैसा कमाने के सही रास्ते पर नहीं हैं।

महीने के आखिर का दबाव

क्‍या आप महीने के आखिरी दिनों में जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं? यदि हां, तो यह या तो अच्‍छा या बुरा संकेत हो सकता है। यदि आप इस समय नकदी की कमी महसूस करते हैं क्योंकि आपने अपने रिटायरमेंट फंड को पूरा करने के लिए भारी निवेश किया है, तो आप सही रास्ते पर हैं। यदि नहीं, तो आपकी यह तंगी इन दोनों में से किसी एक या दोनों कारणों से हो सकती है: आपके हाथ में आने वाला वेतन पर्याप्‍त नहीं है, और/या आप फालतू खर्च करते हैं।

समाधान क्‍या है? या तो ऐसी नौकरी में ढूंढें जो आपको ज्‍यादा वेतन दे, या अपनी लाइफस्‍टाइल पर दोबारा गौर करें जिससे कि आप और ज्‍यादा बचा सकें। एमएनवाइएलएनसीएईआर इंडिया फाइनेंशियल प्रोटेक्‍शन सर्वे में पता चला है कि भारत की वेतनभोगी आबादी का केवल एक छोटा सा हिस्सा 18.5% ही आर्थिक रूप से सुरक्षित माना जा सकता है। एक अन्‍य सर्वेक्षण से पता चलता है कि वेतनभोगी लोग केवल अपनी आय का लगभग 7% ही बचाते हैं। यदि आप इस वर्ग से संबंधित हैं, तो आपके अमीर बनने की कोई भी संभावना नहीं है।

कर्ज का बोझ

क्‍या आप पर कई सारे कर्ज हैं? बहुत से लोग बिना सोचे समझे बनवाए क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन को अपनी जीवनरेखा बना लेते हैं और ‘ईएमआई के जाल’ में फंस जाते हैं। यह संकेत है कि आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते हैं। आप भी ये जानते हैं कि इस जाल से निकलना बहुत आसान नहीं है। कर्ज का एक उद्देश्‍य जरूर होना चाहिए– जैसे घर खरीदना, बच्‍चे को शिक्षित करना और बीमारी जैसी आपात स्‍थिति से निपटने के लिए।

हालांकि, सावधान रहें। कभी-कभी लोग दूसरा घर खरीदते हैं और सोचते हैं कि इससे उनकी संपत्ति बढ़ेगी और यह उन्‍हें टैक्‍स बचाने में मदद करेगा। लेकिन ऐसा सोचना गलत हो सकता है। क्योंकि यह पाया गया है कि होम लोन पर टैक्‍स लाभ को अक्सर बढ़ा चढ़ा कर बताया जाता है। साथ ही, रियल एस्‍टेट बहुत ही पेचीदा क्षेत्र भी है।

न्‍यूनतम निवेश

यदि आपके कोई वित्‍तीय लक्ष्‍य नहीं हैं, आपने निवेश करना शुरू नहीं किया है, आय उत्‍पन्‍न करने वाली सम्‍पत्ति नहीं है, आय को निवेश करने की बजाए बचत पर जोर देते हैं, आपको यह जानने में कोई दिलचस्‍पी नहीं है कि वित्‍तीय संपत्ति क्‍या है और बचत तथा निवेश के बीच अन्‍तर क्‍या है, तो समझ लीजिए कि आप बड़ी मुश्किल में हैं। यदि आप इन सब से सहमत हैं, तो हो सकता है कि जब आपके बच्‍चों की शादी हो, तब आपको उधार लेना पड़े। या भगवान न करे कि आपको तब काम करना पड़े जब आप बूढ़े हों।

यहां तक कि भारत के केंद्रीय बैंक ने भी एक रिपोर्ट में पाया है कि: “भारतीय परिवार अधिक उम्र में उधार लेते हैं और इस बात की अधिक संभावना होती है कि वे कर्ज का बोझ लेकर रिटायर होंगे। यह एक जोखिम है क्‍योंकि रिटायरमेंट के बादे के वर्षों में वे कुछ भी कमा नहीं रहे होंगे।”

अनुवाद: यदि आप इस श्रेणी में आते हैं, तो आप कभी भी अमीर नहीं होंगे।

अंतत: स्‍वास्‍थ्‍य; यदि आपका स्‍वास्‍थ्‍य ठीक नहीं है, तो संभावना है कि जब आप बूढ़े होंगे तब आपकी बचत आपके इलाज से जुड़ी जरूरतों की बढ़ती लागत को पूरा करने में खर्च होगी, क्‍योंकि इस समय विभिन्‍न बीमारियों की चपेट में आने की संभावना सबसे ज्‍यादा होती है। इस प्रकार, बुढ़ापे में आप वित्तीय रूप से कितने मजबूत हैं, इसमें आपका अच्‍छा स्‍वास्‍थ्‍य एक बड़ी भूमिका निभाता है। नाइटिंगल मेडिकल ट्रस्‍ट के सह संस्‍थापक एस. प्रेमकुमार राजा ने मिंट अखबार में हाल ही में कहा था कि अनुमानत: भारत में 90% सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी बचत पर जीवित रहते हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद कुछ ही वर्षों के भीतर समाप्त हो जाती है।

 

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