युगल के लिए 5 सेवानिवृत्ति योजनाओं की युक्तियाँ

किसी व्यक्ति के जीवन में सेवानिवृत्ति की योजना एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है और यह महिलाओं के लिए और भी अधिक ख़ास है। यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं कि आप अपने जीवनसाथी के साथ कुशलतापूर्वक कैसे इसकी योजना बना सकते हैं।

युगल के लिए 5 सेवानिवृत्ति योजनाओं की युक्तियाँ

सेवानिवृत्ति को अक्सर स्वर्ण वर्ष या किसी के जीवन की दूसरी पारी के रूप में जाना जाता है। यह एक ऐसा समय है जब लोग दुनिया के नीरसता में नहीं फंसते हैं और अपने निजी हितों और रिश्तों को वापस से जी सकते हैं, आराम से बैठ सकते हैं । लेकिन यह सब तभी संभव हो सकता है जब आप आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन की ओर अग्रसर हों। पर्याप्त नियोजन के बिना सेवानिवृत्ति में प्रवेश करना विनाशकारी हो सकता है; यह आपको आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर कर सकता है।

सेवानिवृत्ति योजना बनाने का एक प्रभावी तरीका यह है कि आप अपने जीवनसाथी के साथ चर्चा करें। चूंकि पति-पत्नी एक साथ रहते हैं और एक-दूसरे की सेवानिवृत्ति के भत्तों का लाभ उठा सकते हैं, इसलिए अपने साथी की रणनीतियों, लक्ष्यों और उनके कुल सेवानिवृत्ति कोष के लाभों को बढ़ने की ज़रूरत को समझने की आवश्यकता है। भारत जैसे देश में, जहां महिलाओं को अक्सर वित्तीय मामलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता है, महिलाओं के लिए विशेष रूप से अपने पति की सेवानिवृत्ति योजनाओं का हिस्सा होना और प्रमुख वित्तीय निर्णयों के बारे में एक ही कथन होना महत्वपूर्ण है।

तो यहां पांच सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें जोड़े अपना सकते हैं:

1. ईमानदार और खुली चर्चा करें

जोड़ों के लिए सेवानिवृत्ति योजना के बारे में ईमानदार और खुली चर्चा करना जरूरी है। एक साथी अपने 60 के पड़ाव में भी काम करना जारी रखना चाह सकता है, जबकि दूसरा व्यक्ति प्रारंभिक सेवानिवृत्ति को प्राथमिकता दे सकता है। पुरुषों और महिलाओं, दोनों को उन बातचीत और निर्णयों में समान रूप से शामिल होना चाहिए जो सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें प्रभावित कर सकते हैं। महिलाओं को किसी भी तरह से मामले पर अपने विचार प्रस्तुत करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। अपने इच्छित जीवन के बारे में ईमानदारी से बातचीत करके, आप इसे प्राप्त करने के तरीकों में मदद पा सकते हैं। यह आपको एक ऐसा आइना भी दिखा सकता है ,कि आप कैसे कर रहे हैं ताकि आप अपने खर्चों में कटौती कर सकें और बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी बचत को बढ़ा सकें।

2. सभी संभावित खर्चों पर विचार करें

इसमें आप जिस शहर में रिटायर होना चाहते हैं, जिस तरह की मकान या कार आप चाहते हैं , आपका व्यक्तिगत स्वास्थ्य इतिहास, कितनी बार यात्रा करते हैं,आदि, ये सब शामिल हैं। आपके व्यक्तिगत और साझा खर्चों की संभावित सूची,रिटायर होने के बाद आपका जीवन कैसा हो सकता है, इसकी सटीक झलक दे सकती है । आप सेवानिवृत्ति के बाद एक साधारण जीवन जी सकते हैं, लेकिन आपके पति या पत्नी की अन्य योजनाएं हो सकती हैं। जोड़ों के लिए अपने विचारों का मिलना और आपसी सहमति पर आना महत्वपूर्ण है।

3. एक साथ बचत करें

सेवानिवृत्ति के लाभों को प्राप्त करने के लिए, साझेदारों को संयुक्त रूप से बचत करने और अपनी सेवानिवृत्ति कोष में योगदान करना महत्वपूर्ण है। कई परिवार सामान्य खर्चों के लिए एक व्यक्ति की आय का उपयोग करते हुए सेवानिवृत्ति की बचत के रूप में दूसरे व्यक्ति की आय को अलग करने की गलती करते हैं। अकेले कमाने वाले सदस्य के रूप में परिवारों में, सेवानिवृत्ति की योजना का बोझ अकेले उस व्यक्ति पर पड़ता है। यह सेवानिवृत्ति के बाद दोनों भागीदारों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। दोनों पति-पत्नी की अलग-अलग कमाई होनी चाहिए और दोनों को अलग-अलग सेवानिवृत्ति खाता हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। भारत में कई सेवानिवृत्ति योजनाएं हैं, जो जोड़ों को इन दिनों विकल्प के रूप में चुनना चाहिए । आप अपने नियोक्ता के साथ या बैंक में एक ऐसा खता खोल सकते हैं। यहां तक ​​कि गृहणियां भी अपना भविष्य निधि (पी.एफ.) खाता खोल सकती हैं और अपनी बचत पर संचित ब्याज का लाभ उठा सकती हैं। अपने भविष्य के लिए योगदान देकर न केवल आप सुरक्षा के लिए आश्वस्त रहते है, बल्कि गर्व और स्वामित्व की भावना भी पैदा होती है।

4. सेवानिवृत्त होने का समय तय करें

समय आपकी सेवानिवृत्ति के वर्षों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि 60 की उम्र में रिटायर होना आदर्श उम्र माना जाता है, लेकिन स्वास्थ्य, व्यक्तिगत हितों, वर्तमान वित्तीय स्थिति आदि जैसे कारकों के आधार पर जोड़ों को यह तय करना चाहिए कि कब सेवानिवृत्त होना चाहिए। यदि दोनों साझेदार काम कर रहे हैं, तो उन्हें एक ही समय में सेवानिवृत्त नहीं होने का प्रयास करना चाहिए। इससे उन्हें नए जीवन में स्थिर होने के लिए और अधिक समय मिलेगा और तदनुसार वे अपने समय और खर्चों का प्रबंधन कर पाएंगे ।

जोड़े को उनके आगामी वर्षों को भी ध्यान में रखना चाहिए। महिलाएं, सामान्य तौर पर, पुरुषों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहती हैं। इसका मतलब सेवानिवृत्ति की अवधि में समग्र वृद्धि हो सकती है। सेवानिवृत्ति के लक्ष्यों को यथार्थवादी रखना भी महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने लक्ष्यों को पूरा कर चुके हैं, तो आप शीघ्र सेवानिवृत्ति पर विचार कर सकते हैं। जोड़े जो पिछड़ जाते हैं वे अपनी सेवानिवृत्ति को स्थगित करने या अपनी सेवानिवृत्ति कोष बढ़ाने के लिए अंशकालिक नौकरी लेने पर विचार कर सकते हैं। ऑनलाइन सेवानिवृत्ति नियोजन कैलकुलेटर का उपयोग करने से आप बेहतर योजना बना पाएंगे ।

5. सुनिश्चित करें कि वैधता लागू हो

आपके साथी के साथ आपका व्यक्तिगत समीकरण भी आपकी सेवानिवृत्ति की योजना को प्रभावित कर सकता है। जोड़ों के तलाक या साथी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के मामले में उनकी सेवानिवृत्ति के निहितार्थ पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है। यह तब अधिक महत्वपूर्ण होता है यदि आपके पास बच्चे हैं जो आर्थिक रूप से आप पर निर्भर हैं। जोड़ों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी वसीयत पूरी हो चुकी हैं और बीमा पॉलिसी और सेवानिवृत्ति खातों में नामांकित व्यक्ति के रूप में सही लाभार्थी का नाम है। यह विशेष रूप से महिलाओं के लिए ,उनकी वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना, उनकी वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

आखिरी पंक्तियाँ

सेवानिवृत्ति योजना एक महत्वपूर्ण काम है, लेकिन जोड़ो के लिए एक साथ सफर करना ज्यादा जरूरी है। दो लोगों के विचारों और विभिन्न दीर्घकालिक लक्ष्य बिल्कुल अलग हो सकते है, लेकिन सही योजना उन्हें सशक्त बना सकती है और यह सुनिश्चित कर सकती है कि दोनों पति-पत्नी अपने बुढ़ापे के वर्षों में आरामदायक और आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन जीने में सक्षम हो। हमारा समाज अक्सर महिलाओं को प्रमुख वित्तीय निर्णय लेने से रोकता है, लेकिन महिलाओं को सेवानिवृत्ति की योजना का हिस्सा बनने की कोशिश करनी चाहिए और इस प्रक्रिया में योगदान करने के तरीके खोजने चाहिए।

यदि आपने अपने पति या पत्नी के साथ सेवानिवृत्ति की चर्चा नहीं की है, तो यह शुरुआत करने का समय है।

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