१३ आय के घटक जिनको नई कर व्यवस्था के तहत छूट दी गई है

नई कर व्यवस्था ने कई कटौती और छूट को कम कर दिया है, लेकिन कुछ आय स्त्रोत हैं जो अभी भी कर-मुक्त रहेंगे।

१३ आय के घटक जिनको नई कर व्यवस्था के तहत छूट दी गई है

केंद्रीय बजट 2020 के मुख्य आकर्षण में से एक, नई आयकर व्यवस्था की शुरुआत थी। अब वैकल्पिक समझे जाने वाले इस ढाँचे में विभिन्न आय स्लैबों के लिए कम कर दरें, इसकी विशेषताएँ है। यह 80 सी, 80 डी, और 80 टी.टी.ए. जैसे लोकप्रिय वर्गों सहित कई कर कटौती को भी हटा रहा है।

नई कर व्यवस्था, हालांकि, उन विभिन्न आय घटकों को बनाए रखने की कोशिश करता है जो कर की दायरे से बाहर हैं। आइए इन पर एक विस्तृत नज़र डालें।

1. डाकघर बचत खाते से ब्याज

डाकघर की बचत पर अर्जित ब्याज आयकर अधिनियम की धारा 10 (15) (i) के तहत छूट प्राप्त होती है। एक वित्तीय वर्ष के लिए छूट की सीमा 3500 रुपये (व्यक्तिगत खातों के लिए) और 7000 रुपये (संयुक्त खातों के लिए) है। यह बैंक और डाकघर के बचत खातों के ब्याज पर संबंधित धारा 80 टी.टी.ए. के तहत कटौती को रद्द करने की क्षतिपूर्ति के लिए है।

2. नियोक्ता से प्राप्त ग्रेच्युटी

एक नियोक्ता से प्राप्त ग्रेच्युटी, सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी तरह कर से मुक्त होती है। अन्य कर्मचारियों के मामले में, आजीवन ग्रेच्युटी प्राप्तियां 20 लाख रुपये तक की राशि तक कर-मुक्त हैं। दूसरी ओर, किसी कर्मचारी की मृत्यु पर प्राप्त ग्रेच्युटी राशि, बिना किसी अधिकतम सीमा के कर-मुक्त होती है।

3. भविष्य निधि से अर्जित ब्याज

नई कर व्यवस्था में आपके कर्मचारी भविष्य निधि खाते से प्राप्त ब्याज पर कर छूट जारी रहेगा । हालांकि, यह छूट उस ब्याज आय के लिए उपलब्ध नहीं है, जो प्रति वर्ष 9.5% से अधिक हो। इसलिए, यदि आप अपने ई.पी.एफ. जमा राशि पर 10% ब्याज प्राप्त कर रहे हैं, तो इसका 0.5% कर योग्य होगा।

4. जीवन बीमा मैच्युरिटी रसीद

जीवन बीमा पॉलिसियों की मैच्युरिटी पर प्राप्त राशि धारा 10 (10 डी) के तहत कर मुक्त होगी। ध्यान रहे कि इस पर भुगतान किये गए प्रीमियम पर धारा 80 सी हटाने के बाद अब कर लाभ नहीं मिलेगा ।

5. ई.पी.एफ. / एन.पी.एस. खाते में नियोक्ता का योगदान

ई.पी.एफ., एन.पी.एस. और / या कर्मचारियों के पेंशन फंड में नियोक्ता द्वारा किया गया योगदान कर मुक्त है। हालांकि, कर छूट के उद्देश्य से, एक वित्तीय वर्ष के लिए इन सभी खातों में नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान की सीमा 7.5 लाख रुपये है। इस प्रकार, केवल 60 लाख रुपये से अधिक कमाने वाले कर्मचारियों को ही कुल सीमा प्रभावित करेगी। इसके अलावा, एक वित्तीय वर्ष में केवल सेवानिवृत्ति खाते की सीमा 1.5 लाख रुपये है। कर्मचारी के मूल मासिक वेतन का 12% ही नियोक्ता द्वारा इ.पी.एफ. में योगदान रहेगा। एन.पी.एस. के मामले में, नियोक्ता एन.पी.एस. टियर-1 खाते में मूल वेतन का केवल 10% योगदान करने में सक्षम होगा।

6. पी.पी.एफ. मैच्युरिटी आय और ब्याज

नई कर व्यवस्था पी.पी.एफ. खाते की मैच्युरिटी पर प्राप्त राशि पर कर छूट जारी रखेगी। इसमें अर्जित ब्याज को भी कर से छूट दी जाएगी। कटौती रद्द होने के कारण, आप प्रतिवर्ष पी.पी.एफ. खाते में निवेश की गई राशि पर कटौती का दावा नहीं कर पाएंगे।

7. सुकन्या समृद्धि योजना से भुगतान

पी.पी.एफ. पर दी जाने वाली छूट के समान, एस.एस.वाई. योजना में मैच्युरिटी राशि और ब्याज आय को कर में छूट दी गई है। एस.एस.वाई. योगदान धारा 80 सी के तहत कर लाभ के लिए पात्र था, जो अब नहीं है।

8. नियोक्ता से उपहार

मौजूदा व्यवस्था कि तरह नयी व्यवस्था में भी नियोक्ता से 5000 रुपये तक के उपहार की अनुमति दी गई है।

9. खाद्य कूपन

नियोक्ता से प्राप्त खाद्य कूपन के विषय पर किसी भी घोषणा के अभाव में, प्रति भोजन 50 रुपये की सीमा और दो भोजन प्रति दिन कर-मुक्त रहेंगे। वर्तमान में, इस मामले पर सरकार की ओर से और स्पष्टीकरण लंबित है।

10. एन.पी.एस. खाते के एवज में भुगतान

एन.पी.एस. खाते की मैच्युरिटी पर प्राप्त राशि को कर से छूट प्राप्त है। हालांकि, केवल 60% कोष कि राशि को ही मैच्युरिटी पर निकाला जा सकता है; शेष 40% को वार्षिकी योजनाओं में निवेश किया जाना होता है। नयी व्यवस्था आपको अपने एन.पी.एस. टियर -1 खाते से कर मुक्त आंशिक निकासी की भी अनुमति देती है।

11. सेवानिवृत्ति पर अवकाश - नकदीकरण

एक सेवानिवृत्त कर्मचारी द्वारा प्राप्त अप्रयुक्त (बिना इस्तेमाल की गई) छुट्टी के एवज में कोई भी भुगतान कर से मुक्त होगा । राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी के मामले में, सेवानिवृत्ति या इस्तीफे पर प्राप्त पूरी राशि को कर से छूट प्राप्त है। गैर-सरकारी कर्मचारियों के मामले में, छूट पर सीमा 3 लाख रुपये है।

12. स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना की रसीदें

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना से प्राप्त राशियों पर 5 लाख रुपये की कर छूट है। यह लाभ पुरानी कर व्यवस्था में उपलब्ध था और इसे नए व्यवस्था में भी ले जाया जा रहा है।

13. पेंशन कम्यूटेशन

कुछ सीमाओं के अधीन,सेवानिवृत्ति राशि का कुछ हिस्सा कर से मुक्त है। यदि ग्रेच्युटी प्राप्त होती है, तो पेंशन राशि का एक तिहाई राशि कर मुक्त प्राप्त हो सकता है; जबकि सेवानिवृत्ति पर कोई ग्रेच्युटी राशि प्राप्त नहीं होने पर, इसका आधा हिस्सा ही प्राप्त किया जा सकता है। यह आंशिक छूट सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू नहीं है क्योंकि उनके लिए पूरी संराशित मूल्य कर-मुक्त है।

आखिरी शब्द

अपने बजट प्रस्तुति भाषण में, वित्त मंत्री ने कहा कि नई कर व्यवस्था वास्तव में करदाताओं के लिए कटौती और छूट हटाने के बावजूद, वित्तीय रूप से लाभकारी है। स्पष्ट रूप से, हालांकि पुरानी व्यवस्था कुछ कटौती और छूट का लाभ प्रदान करती थी, पर नई व्यवस्था करदाता को कम कर दरों और सरल अनुपालन से आकर्षित करने की उम्मीद करती है।

दो व्यवस्थाओं के बीच चयन करने से प्राप्त वास्तविक वित्तीय लाभ, हर मामले के आधार पर अलग-अलग होगा। एक करदाता के रूप में, दोनों व्यवस्थाओं के अंतर्गत ,आपको अपनी कर योग्य आय और कर देयता की गणना करनी होगी ताकि आप सबसे अधिक लाभ पहुंचाने वाली व्यवस्था का चयन कर सके।

 

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