जानें कि आप चिकित्सा खर्चों के लिए धारा 80DD, 80DDB और 80U के तहत कैसे कर बचा सकते हैं | All about income tax deduction under Sec 80DD, 80DDB 80U

धारा 80DD, 80DDB और 80U के तहत कुछ मानक कटौती विकल्प नीचे दिए गए हैं

जानें कि आप चिकित्सा खर्चों

अधिकतर लोगों को पता है कि स्वास्थ्य बीमा योजना कर बचाने में आपकी मदद कर सकती है। स्वयं, पति/पत्नी,  बच्चों या माता-पिता की बीमा योजनाओं के लिए दिया गया बीमा शुल्क, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80D के तहत कर कटौती के योग्य होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप चिकित्सा उपचार पर होने वाले खर्चों के लिए भी कर छूट का दावा कर सकते हैं? अधिक जानने के लिए आगे पढ़ें। 

क्या चिकित्सा व्यय कर कटौती योग्य हैं?

हाँ, आयकर अधिनियम, 1961 की विभिन्न धाराओं के तहत चिकित्सा व्यय में कर घटाया जाता है। किसी बीमारी की वजह से आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आपकी वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालाँकि, स्वास्थ्य बीमा योजनाएँ इस दबाव को कम करने में मदद करती हैं, फिर भी आपको अपनी पास से एक मोटी रकम का भुगतान करना पड़ सकता है।

शुक्र है, कर बचाने के कुछ तरीके हैं, जिन्हें नीचे बताया गया है। जिनसे आप अपने या जीवनसाथी, बच्चे, माता-पिता, भाई या बहन पर किए गए खर्चों के एवज में कर बचा सकते हैं।

धारा 80DD के तहत कटौती

धारा 80DD के अनुसार, मूल निवासी या HUFs (हिंदू अविभाजित परिवार) दिव्यांग आश्रित के लिए मानक कटौती का दावा कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति, दिव्यांग पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता, भाई या बहन के चिकित्सा उपचार पर किए खर्च के एवज में तब तक कर छूट 

का दावा कर सकता है, जब तक वे अपनी आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह से उस व्यक्ति पर निर्भर हैं। HUFs के मामले में, आश्रित व्यक्ति को HUF का सदस्य होना चाहिए।

निम्नलिखित सीमा तक स्वास्थ्य जांच, नर्सिंग, प्रशिक्षण, पुनर्वास, एलआईसी(LIC) योजनाओं आदि जैसे खर्चों पर कर कटौती की जा सकती है:

  • अगर दिव्यांगता 40% से अधिक लेकिन 80% से कम है, तो आप 75,000 रुपये तक का दावा कर सकते हैं।
  • अगर दिव्यांगता 80% से ऊपर है, तो आप 1,25,000 रुपये तक का दावा कर सकते हैं।

धारा 80DDB कटौती

धारा 80DDB के अनुसार, मूल निवासी या HUFs अधिनियम में सूचीबद्ध कुछ बीमारियों के लिए स्वयं या परिवार के आश्रित सदस्य पर किए गए चिकित्सा खर्च पर कर कटौती का दावा कर सकते हैं। धारा 80DD की तरह, धारा 80DDB में  पति या पत्नी, बच्चे, माता-पिता, भाई या बहन को भी शामिल किया गया है, जो आप पर आश्रित हैं। HUFs के लिए, आश्रित व्यक्ति HUF का सदस्य होना चाहिए। अधिनियम के अंतर्गत निम्न बीमारियाँ शामिल हैं: 

  • घातक कैंसर 
  • न्यूरोलॉजिकल रोग 
  • एड्स
  • किडनी खराब होना 
  • रक्त संबंधी विकार

आप 60 साल से कम उम्र के आश्रितों के लिए ₹40,000 या वास्तविक खर्च, जो भी कम हो, का दावा कर सकते हैं। और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए, आप 1,00,000 रुपये या किए गए वास्तविक खर्च, जो भी कम हो, तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।

धारा 80के तहत कटौती

धारा 80U, धारा 80DD के समान है, लेकिन एक बड़ा अंतर है। जहाँ धारा 80DD कटौती आश्रितों के लिए है, वहीं धारा 80U स्वयं पर किए गए चिकित्सा खर्च के लिए है। 

ऐसे मूल निवासी जो कम से कम 40% दिव्यांगता से पीड़ित हैं, इस धारा के तहत कर कटौती का दावा कर सकते हैं। प्रमाणित चिकित्सा अधिकारियों द्वारा विकलांगता का निदान और पुष्टि की जानी चाहिए।

इस धारा में शामिल और कवर की गई दिव्यांगता के प्रकारों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • सुधारात्मक लेंस के साथ 20 डिग्री के कोण से अंधापन या कम या 6/60 से कम दृश्यता
  • खराब दृष्टि जिसे सर्जरी द्वारा ठीक नहीं किया जा सकता है
  • 60 डेसीबल से कम सुनने की क्षमता 
  • मानसिक मंदता
  • मानसिक रोग
  • कुष्ठ रोग (अब ठीक हो गया है) या नेत्र पक्षाघात के कारण हाथों या पैरों में में कुछ महसूस न होना 
  • लोकोमोटर दिव्यांगता 

अगर दिव्यांगता 40% से ऊपर है लेकिन 80% से कम है, तो आप 75,000 रुपये तक का दावा कर सकते हैं। और यदि विकलांगता 80% से ऊपर है, तो 1,25,000 रुपये तक का दावा कर सकते हैं।

धारा 80DD, 80DDB और 80के बीच अंतर

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अंत में 

अब जब आप इनमें से प्रत्येक धारा के प्रावधानों को जान चुक हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप अपने कर विवरण को दाखिल करते समय उन्हें अपने लाभ के लिए उपयोग करें। इससे यह जानने में भी मदद मिलती है कि बेहतर बचत के लिए कर योजना कैसे बनाई जाए। कोविड -19: चिकित्सा खर्च और शर्तें जो आपके स्वास्थ्य बीमा में संभवतः कवर न हो

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