आईटीआर भरने से पहले ध्यान में रखने वाली बात: आईटीआर फॉर्म, कर व्यवस्था, पहले से भुगतान किए गए करों को सत्यापित करना, योग्य कटौती का लाभ उठाना

करों के भुगतान से पहले याद रखने और दोबारा जांच करने के लिए कुछ प्रमुख विषयों की सूची।

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क्या आपका आईटीआर दाखिल करने का समय आ गया है? खैर, आखिरी तारीख कितनी भी करीब या दूर क्यों ना हो, आपको पहले से इसके लिए अच्छी तरह से तैयार रहना चाहिए। अगर आप तैयार नहीं हैं तो आयकर रिटर्न दाखिल करना काफी मुश्किल हो सकता है। भले ही यह प्रक्रिया जटिल लगे, लेकिन इसके कई वित्तीय लाभ हैं। समय पर अपने करों का भुगतान नहीं करने से आपको आईटी अधिकारियों का सामना करना पड़ सकता है। 

तो, क्या आप जानते हैं कि आईटीआर कैसे भरा जाता है? हमने आपके करों को भुगतान से पहले याद रखने और दोबारा जांच करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की एक सूची तैयार की है। चलिये, इस बारे में बात करते हैं। 

1. AY और FY के बीच का अंतर जानें

भारत में प्रत्येक लेखा वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है और अगले वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होता है। टैक्स भरने के संदर्भ में हमें यह समझने की जरूरत है कि निर्धारण वर्ष (AY) और वित्तीय वर्ष (FY) क्या होते हैं। FY उस वर्ष को संदर्भित करता है, जिसमें आपने आय अर्जित की। चूंकि करों का मूल्यांकन अगले वर्ष किया जाता है, इसलिए वित्तीय वर्ष के ठीक बाद वाले वर्ष को निर्धारण वर्ष के रूप में जाना जाता है।

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2. अपने आयकर स्लैब को जानें 

विभिन्न आय समूहों पर उनके आयकर स्लैब के हिसाब से अलग-अलग दरों पर कर लगाया जाता है। टैक्सपेयर्स को सही आयकर राशि का भुगतान करने के लिए सही आयकर स्लैब का पता होना चाहिए। यहां नई कर व्यवस्था के अनुसार ताजा कर स्लैब का सारांश दिया गया है:

  • रु. 2,50,000 प्रति वर्ष तक की आय कर योग्य नहीं है।
  • रु 2,50,001 से रु 5,00,000 के बीच कमाने वालों पर 5% कर लगता है।
  • रु 5,00,001 से रु 7,50,000 के बीच कमाने वालों पर 10% कर लगता है।
  • रु 7,50,001 से रु 10,00,000 के बीच कमाने वालों पर 15% कर लगता है। 
  • रु 10,00,000 से रु 12,50,000 तक की आय वालों पर 20% कर लगता है।
  • रु 12,50,001 से रु 15,00,000 के बीच कमाने वालों पर 25% कर लगता है। 
  • रु 15,00,000 से अधिक की किसी भी आय पर 30% कर लगता है।

रु 50,00,000 से अधिक आय वालों के लिए एक अधिभार लागू होता है। विभिन्न स्लैब के लिए अधिभार की दर अलग अलग होती है।

3. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 

कई अलग-अलग आईटीआर फॉर्म उपलब्ध हैं। आपको अपनी आवासीय स्थिति और अन्य स्रोतों से आय जैसे कारकों के आधार पर जो भी फॉर्म आपके लिए सही हो, उसे चुनना होगा। विशिष्ट आईटीआर फॉर्म को अंतिम रूप देने से पहले उससे संबंधित सभी निर्देश पढ़ें।

यहां विभिन्न आईटीआर फॉर्म की संक्षेप में जानकारी दी गई है: 

आईटीआर फॉर्म

4. उपयुक्त कर व्यवस्था चुनें 

वित्त अधिनियम, 2020 के जरिये संशोधित कर स्लैब और दरों के साथ एक नई कर व्यवस्था की शुरुआत की गई। यह नई व्यवस्था वैकल्पिक है और इसे पिछले निर्धारित कटौतियों और छूटों के स्थान पर पेश किया गया था। करदाता अब पुरानी और नई व्यवस्था के बीच चयन कर सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें कौन अधिक फायदेमंद लगता है।

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5. निम्नलिखित की जानकारकी दें 

अपना आईटीआर दाखिल करते समय आपको सभी आवश्यक संपत्तियों और वित्तीय निवेशों का खुलासा करने में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। यहां कुछ चीजें दी गई हैं, जिनका आपको अनिवार्य रूप से खुलासा करना चाहिए:

  • सभी बैंक खातों का विवरण (भारतीय)
  • असूचीबद्ध इक्विटी शेयरों का विवरण
  • निदेशक पद का विवरण (भारतीय और विदेशी)
  • अनुसूची संपत्तियां और देनदारियां
  • अनुसूची विदेशी संपत्ति

6. पहले से भुगतान किए गए अपने करों की पुष्टि करें

स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस), अग्रिम कर और स्व-मूल्यांकन कर के साथ पहले से भुगतान किए गए अपने करों को सत्यापित करने के लिए आपको फॉर्म 26एएस भरना होगा। किसी भी विसंगति के मामले में कर विभाग से कर रिटर्न की निर्बाध प्रोसेस को सक्षम करने के लिए संबंधित पार्टी को सुधार के लिए सूचित करें।

7. योग्य कटौतियों का लाभ

मौजूदा कर कानून के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक व्यक्तिगत इकाई के रूप में अपनी कुल आय पर कुछ कटौतियों का हकदार होता है। ये कटौती कुल आय को कम करती है, जिससे आपकी कर देयता कम हो जाती है। आप पर कौन सी कटौतियां लागू होती हैं, यह जानने के लिए आयकर अधिनियम के प्रासंगिक अनुभाग देखें।

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आखिरी शब्द

तो ये कुछ चीजें हैं जो आपको अपना आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले करने की आवश्यकता है। यह सूची व्यापक नहीं है; आईटीआर फाइल करते समय आपको और भी बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस त्वरित गाइड का उद्देश्य आईटीआर फाइल करने की मूल बातें समझने में आपकी मदद करना है ताकि आप तैयार रहें। आखिरकार, किसी कर सलाहकार पर विशेष रूप से निर्भर रहने के बजाय प्रक्रिया को समझना अच्छा है।

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