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यदि आपको उपर्युक्त उपहारों में से कोई भी प्राप्त होता है, तो आपको कर के प्रावधान पर विचार करना चाहिए।

श्रीमान शर्मा को उनके दादाजी से उनके वसीयतनामा के तहत विरासत में काफी बड़ी रकम मिली। उसमें से उन्होंने कुछ पैसे परिवार पर खर्च किया और बाकी बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने का मन मनाया। हालांकि, उनकी पत्नी ने इस बारे में अपनी चिंता जाहिर की कि उपहार में मिला पैसा कर योग्य है या नहीं। वो खासकर हाल ही में नोटबंदी और उसके बाद उच्च मूल्य वाले लेनदेन पर करों से जुड़े जांच-पड़ताल में आई तेजी को लेकर चिंतित थीं। दरअसल, उनकी चिंता का कारण था वसीयतनामा में मिले पैसे।

यदि आप भी इस तरह के तनाव से बचना चाहते हैं तो यह जानना जरूरी है कि भारत में किन-किन उपहारों पर कर लगता है।

उपहार किसे माना जाता है?

आयकर के दृष्टिकोण से, निम्नलिखित को उपहार माना जाता है:

• नकदी, चेक या मांग ड्राफ्ट के माध्यम से मिले पैसे

• भुगतान करके* या बिना भुगतान के* प्राप्त घर, भूखंड या भवन जैसी अचल संपत्ति जिसे ना तो स्थानांतरित किया जा सकता है और ना ही नष्ट।

• आभूषण, सोना, कलाकृति आदि जैसी चल संपत्ति।

* भुगतान का अर्थ या तो संपत्ति के बदले में पैसे का भुगतान या किसी अन्य चीज का भुगतान किया गया हो।

क्या ये उपहार कर योग्य हैं?

यदि आपको उपर्युक्त उपहारों में से कोई भी प्राप्त होता है, तो आपको कर के प्रावधान पर विचार करना चाहिए। उपहार कर-मुक्त या कर योग्य हो सकते हैं, यह उपहार  की प्रकृति पर निर्भर करता है। उपहार शपथ पत्र हालांकि अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा करके आप कर की जटिलताओं से बच सकते हैं। इसलिए आपको जो भी उपहार मिले, वह आदर्श रूप से एक हलफनामा द्वारा समर्थित होना चाहिए। इसलिए, इसमें शामिल सभी विभिन्न उदाहरणों को समझना जरूरी है।

कर के दायरे में आने वाले कुछ सबसे सामान्य प्रकार के उपहार यहां दिए गए हैं:

• गैर-रिश्तेदारों से उपहार के रूप में प्राप्त धन

आपके रिश्तेदारों के अलावा अन्य किसी से, उदाहरण के लिए, आपके मित्र या सहकर्मियों से सालभर में 50,000 रुपये से अधिक मिलता है तो वह कर योग्य है। इसमें एक बात ध्यान देने वाली है कि उपहार के रूप में 50 हजार रुपये या उससे अधिक मिलता है तो पूरी उपहार राशि ही कर योग्य होगी। इस पर आपको आपके आयकर स्लैब के हिसाब से कर चुकाना होगा। हालांकि, इस नियम के लिए एक अपवाद है। शादी का उपहार, विरासत में या वसीयतनामा के तहत रिश्तेदारों और गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाली कोई भी मौद्रिक उपहार प्राप्तकर्ता के लिए कर मुक्त है।  

रिश्तेदारों से उपहार के रूप में मिला पैसा:

रिश्तेदारों से मिलने वाले मौद्रिक उपहारों पर आपको कर का भुगतान करने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपके द्वारा प्राप्त की गई पूरी रकम कर मुक्त है, चाहे आपको कितना भी पैसा क्यों ना मिला हो।

मौजूदा नियमों के मुताबिक, योग्य रिश्तेदारों में शामिल हैं:

 - आपके जीवनसाथी

-  आपके भाई बहन

- आपके जीवनसाथी के भाई-बहन

- आपके माता-पिता और भाई-बहन के अलावा आपके जीवनसाथी के भाई-बहन

- आपके जीवनसाथी के पूर्वज और वंशज

उपहार के रूप में मिली अचल संपत्ति

शादी के मौके पर या किसी वसीयतनामा के तहत या विरासत में रिश्तेदारों से उपहार के रूप में प्राप्त जमीन का टुकड़ा या घर कर योग्य माना जाता है, अगर स्टैम्प शुल्क 50,000 रुपये से अधिक हो जाता है। इसलिए अगर स्टैम्प शुल्क 50,000 रुपये से अधिक हो, तो उसे आपकी कर योग्य आय में शामिल किया जाता है और फिर आप पर आयकर स्लैब के अनुसार कर लगाया जाता है। लेकिन 50,000 रुपये से कम स्टैम्प शुल्क रहने पर ऐसा नहीं होगा। स्टैम्प शुल्क की राशि आमतौर पर संपत्ति के मूल्य के फीसदी के रूप में आंकी जाती है और यह जिस राज्य में संपत्ति है उस पर निर्भर करता है।

अगर आप भुगतान करके संपत्ति प्राप्त करते हैं और स्टैम्प शुल्क 50,000 रुपये से अधिक है, तो भुगतान किया गया स्टैम्प शुल्क और संपत्ति के मूल्य का अंतर कर योग्य होता है। यह अंतर 'अन्य स्रोतों से आय' श्रेणी में शामिल किया जाएगा और आपकी कर योग्य आय में जोड़ा जाएगा। इस पर कर आपकी आयकर स्लैब दर के हिसाब से लगाया जाएगा।

उपहार के रूप में प्राप्त चल परिसंपत्तियां

यदि आप रिश्तेदारों से शादी के मौके पर या किसी वसीयतनामा के तहत या विरासत में उपहार के रूप में चल संपत्ति प्राप्त करते हैं, तो संपूर्ण फेयर मार्केट वैल्यू (एफएमवी) कर योग्य हो जाता है, अगर पूरी संपत्ति 50,000 रुपये से अधिक होती है। यदि उपहार में मिली चल संपत्ति 50 हजार रुपये या उससे कम होती है तो आप सभी करों से मुक्त हैं। अगर आप भुगतान करके संपत्ति प्राप्त करते हैं और एफएमवी 50,000 रुपये से अधिक है, तो एफएमवी और संपत्ति के मूल्य का अंतर कर योग्य होता है। यह अंतर 'अन्य स्रोतों से आय' श्रेणी में शामिल किया जाएगा और आपकी कर योग्य आय में जोड़ा जाएगा। इस पर कर आपकी आयकर स्लैब दर के हिसाब से लगाया जाएगा।

क्या दाता को किसी भी तरह का कर लाभ मिलता है?

भारतीय नियमों के अनुसार, कुछ मामले में प्रतिभागियों द्वारा उपहारों पर कर वहन किया जाता है, लेकिन दाता द्वारा वास्तव में कभी नहीं। हालांकि, उन्हें किसी भी कर का भुगतान नहीं करना पड़ता है, उपहार देने वालों को उपहारों पर छूट भी नहीं मिलती है।

जब श्रीमान शर्मा ने अपनी पत्नी को उपहारों से जुड़े कराधान कानूनों के बारे में बताया, तो उनकी चिंता खुशी में बदल गई। वह इतनी उत्साहित थीं मानो उनके पति श्री शर्मा आगामी यूरोप यात्रा की योजना विरासत में मिले इन्हीं पैसों से ही बनाई हो।

तो जब भी उपहार देने और लेने  की बात हो, तो सुनिश्चित कर लें कि महंगे उपहार के मामले में कराधान कानूनों के संभावित असर के बारे में आपके पास पर्याप्त जानकारी है। उपहार लेने पर कर चुकाने के लिए कुछ पैसे अलग रखने हैं या नहीं, अगर इसकी जानकारी हो जाए तो भविष्य में यह आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।

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