टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉज़िट क्या है? फिक्स्ड डिपॉज़िट्स में निवेश करके टैक्‍स कैसे बचाएं? | How to save income tax by investing in fixed deposits

फिक्‍सड डिपॉज़िट एक लोकप्रिय निवेश विकल्‍प है, लेकिन इसके साथ आप टैक्‍स भी बचा सकते हैं

फिक्‍स डिपॉज़िट में निवेश करके आयकर कैसे बचाएं?

फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट (FDs) भविष्‍य के लिए बचत करने का एक लोकप्रिय तरीका है। टैक्‍स-सेविंग FD अकाउंट बैंक में फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट अकाउंट का एक प्रकार है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत टैक्‍स में बचत पेश करता है। 

FD टैक्‍स-सेविंग स्‍कीमों के लिए लॉक-इन पीरियड पांच साल का है, जिसके दौरान आप पैसा नहीं निकाल सकते हैं।यह आपको उच्च ब्याज दर अर्जित करने में मदद करता है; यह हालांकि कर योग्य है, लेकिन आपको FD निवेश पर टैक्‍स बचाने में मदद करेगा। आप टैक्‍स-सेविंग फिक्‍ड डिपॉज़िट में 1.5 लाख तक का निवेश कर सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आप टैक्स-सेविंग FD की सबसे अच्छी ब्याज़ दरें पाने के लिए विकल्पों की तुलना करते हैं.

FD पर कमाया गया ब्‍याज मद 'अन्‍य स्रोतों से आय' के अंतर्गत आता है। धारा 80C के आयकर बचत के विकल्‍प के अतिरिक्त, आप अपनी FD की आय पर TDS से भी बच सकते हैं। यदि आप आयकर स्लैब से नीचे आते हैं, और केवल टैक्स रिफंड के लिए रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया से बचना चाहते हैं तो यह विशेष रूप से मददगार है। इस संबंध में आप कुछ दिये गए कदम उठा सकते हैं।

फॉर्म 15G/15H जमा करना 

आपने जिस बैंक में अपनी FD के लिए आवेदन किया है, वहां आपको यह बताते हुए फॉर्म 15G जमा करना होगा, कि आपकी कोई कर योग्य आय नहीं है। तब बैंक आपके द्वारा अर्जित ब्याज पर कोई TDS नहीं काटेगा। जो वरिष्ठ नागरिक TDS से बचना चाहते हैं, उन्हें फॉर्म 15H जमा करना होगा।

अपने फिक्‍सड डिपॉज़िट निवेश को बांटें

अपने निवेश को अलग-अलग बैंकों में बांटना यह सुनिश्चित करता है कि इनमें से किसी भी निवेश से अर्जित ब्याज 10,000 रुपये की सीमा से अधिक न हो। इस तरह से, आप अपने फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट पर अर्जित ब्याज पर TDS से बच सकते हैं। हालांकि, उस पर टैक्स की गणना करते समय ब्याज की पूरी आय जोड़नी होती है।

फिक्स्ड डिपॉज़िट का समय

अपने फंड को फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट में इस तरह से निवेश करें कि एक वित्तीय वर्ष में अर्जित ब्याज कर योग्य राशि से अधिक न हो। उदाहरण के लिए, अगर आप एक साल के लिए FD में निवेश करना चाहते हैं, तो आप सितंबर से शुरू होने वाले 6 महीने के फिक्स्ड डिपॉज़िट में (मान लेते हैं) निवेश कर सकते हैं। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्‍त होता है। इसलिए, आपका ब्याज दो वित्तीय वर्षों में बंट जाता है और इस प्रकार दोनों वित्तीय वर्षों में ब्याज की राशि अपने आप कम हो जाएगी, जिससे आपकी FD पर TDS से बचा जा सकेगा और ब्याज की आय को दो वित्तीय वर्षों में विभाजित किया जा सकेगा।

फिक्स्ड डिपॉज़िट को बांटना

यदि आप HUF पहचान के साथ एक निवेशक हैं, तो आपके पास दूसरा विकल्‍प है। आप एक फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट अपने बैंक अकाउंट में शुरू कर सकते हैं और दूसरा अपने HUF अकाउंट में। सबसे अच्‍छी FD दर के साथ एक FD प्‍लान चुनें और प्रत्‍येक को अपने और अपने HUF के तहत खोलें।

आप अपना FD अकाउंट ऑनलाइन या ऑफलाइन खोल सकते हैं। पहले वाले के लिए, बैंक की वेबसाइट पर जाएं और आवश्यक निर्देशों का पालन करें। ऑफलाइन के मामले में, अपनी नजदीकी शाखा पर जाएं और FD आवेदन फॉर्म के लिए अनुरोध करें। दोनों ही मामलों में, अपने पास जरूरी दस्तावेज रखें। टैक्स सेविंग FD को मासिक और तिमाही भुगतान के साथ भी बुक किया जा सकता है। 

टैक्स सेविंग FD एक लोकप्रिय निवेश है जो आपको कर लाभ लेने लायक बनाता है। आप पूरी हो गयी FD का दोबारा निवेश करके भी इन लाभों को पाना जारी रख सकते हैं।

फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट (FDs) भविष्‍य के लिए बचत करने का एक लोकप्रिय तरीका है। टैक्‍स-सेविंग FD अकाउंट बैंक में फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट अकाउंट का एक प्रकार है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत टैक्‍स में बचत पेश करता है। 

FD टैक्‍स-सेविंग स्‍कीमों के लिए लॉक-इन पीरियड पांच साल का है, जिसके दौरान आप पैसा नहीं निकाल सकते हैं।यह आपको उच्च ब्याज दर अर्जित करने में मदद करता है; यह हालांकि कर योग्य है, लेकिन आपको FD निवेश पर टैक्‍स बचाने में मदद करेगा। आप टैक्‍स-सेविंग फिक्‍ड डिपॉज़िट में 1.5 लाख तक का निवेश कर सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आप टैक्स-सेविंग FD की सबसे अच्छी ब्याज़ दरें पाने के लिए विकल्पों की तुलना करते हैं.

FD पर कमाया गया ब्‍याज मद 'अन्‍य स्रोतों से आय' के अंतर्गत आता है। धारा 80C के आयकर बचत के विकल्‍प के अतिरिक्त, आप अपनी FD की आय पर TDS से भी बच सकते हैं। यदि आप आयकर स्लैब से नीचे आते हैं, और केवल टैक्स रिफंड के लिए रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया से बचना चाहते हैं तो यह विशेष रूप से मददगार है। इस संबंध में आप कुछ दिये गए कदम उठा सकते हैं।

फॉर्म 15G/15H जमा करना 

आपने जिस बैंक में अपनी FD के लिए आवेदन किया है, वहां आपको यह बताते हुए फॉर्म 15G जमा करना होगा, कि आपकी कोई कर योग्य आय नहीं है। तब बैंक आपके द्वारा अर्जित ब्याज पर कोई TDS नहीं काटेगा। जो वरिष्ठ नागरिक TDS से बचना चाहते हैं, उन्हें फॉर्म 15H जमा करना होगा।

अपने फिक्‍सड डिपॉज़िट निवेश को बांटें

अपने निवेश को अलग-अलग बैंकों में बांटना यह सुनिश्चित करता है कि इनमें से किसी भी निवेश से अर्जित ब्याज 10,000 रुपये की सीमा से अधिक न हो। इस तरह से, आप अपने फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट पर अर्जित ब्याज पर TDS से बच सकते हैं। हालांकि, उस पर टैक्स की गणना करते समय ब्याज की पूरी आय जोड़नी होती है।

फिक्स्ड डिपॉज़िट का समय

अपने फंड को फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट में इस तरह से निवेश करें कि एक वित्तीय वर्ष में अर्जित ब्याज कर योग्य राशि से अधिक न हो। उदाहरण के लिए, अगर आप एक साल के लिए FD में निवेश करना चाहते हैं, तो आप सितंबर से शुरू होने वाले 6 महीने के फिक्स्ड डिपॉज़िट में (मान लेते हैं) निवेश कर सकते हैं। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्‍त होता है। इसलिए, आपका ब्याज दो वित्तीय वर्षों में बंट जाता है और इस प्रकार दोनों वित्तीय वर्षों में ब्याज की राशि अपने आप कम हो जाएगी, जिससे आपकी FD पर TDS से बचा जा सकेगा और ब्याज की आय को दो वित्तीय वर्षों में विभाजित किया जा सकेगा।

फिक्स्ड डिपॉज़िट को बांटना

यदि आप HUF पहचान के साथ एक निवेशक हैं, तो आपके पास दूसरा विकल्‍प है। आप एक फिक्‍स्‍ड डिपॉज़िट अपने बैंक अकाउंट में शुरू कर सकते हैं और दूसरा अपने HUF अकाउंट में। सबसे अच्‍छी FD दर के साथ एक FD प्‍लान चुनें और प्रत्‍येक को अपने और अपने HUF के तहत खोलें।

आप अपना FD अकाउंट ऑनलाइन या ऑफलाइन खोल सकते हैं। पहले वाले के लिए, बैंक की वेबसाइट पर जाएं और आवश्यक निर्देशों का पालन करें। ऑफलाइन के मामले में, अपनी नजदीकी शाखा पर जाएं और FD आवेदन फॉर्म के लिए अनुरोध करें। दोनों ही मामलों में, अपने पास जरूरी दस्तावेज रखें। टैक्स सेविंग FD को मासिक और तिमाही भुगतान के साथ भी बुक किया जा सकता है। 

टैक्स सेविंग FD एक लोकप्रिय निवेश है जो आपको कर लाभ लेने लायक बनाता है। आप पूरी हो गयी FD का दोबारा निवेश करके भी इन लाभों को पाना जारी रख सकते हैं।

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