कैसे घर से ही काम करने से आपकी कर देयता बढ़ सकती है

हालांकि कर्मचारी फिलहाल आवागमन के समय के बचने से खुश हैं,पर घर की सुविधा से काम करने के कुछ अलग खर्चे हैं- जैसे कर के खर्च का बढ़ना |

कैसे घर से ही काम करने से आपकी कर देयता बढ़ सकती है

देशव्यापी लॉकडाउन के कारण कई नियोक्ताओं ने घर से काम करने की प्रक्रिया अपनाई है ,जिससे वेतनभोगी करदाता उनके कर देयता में वृद्धि देख रहे हैं | किराये के अभाव में और यात्रा पर रोक लगने के कारण, वेतन के कारक जैसे कि घर किराया भत्ता, आवागमन भत्ता और अवकाश यात्रा भत्ता जिसे वैसे कर में छूट के रूप में दावा किया जाता था ,अब कर को आकर्षित करेगा |

आइये देखते हैं कि घर से काम करने से किस प्रकार कर का भार बढ़ जाता है |

घर किराया भत्ता

खर्चों में कटौती करने के इरादे से ,कई कर्मचारी अपने भाड़े के घरों को खाली करके अपने माता-पिता के साथ रहना शुरू कर चुके हैं | आयकर धारा 10 13(अ) के अंतर्गत, एक कर्मचारी ,घर किराये भत्ते का दावा तभी कर सकता है यदि वे किराया देते हो | छूट दी गई राशि या तो (i) असल घर किराया भत्ता के बराबर होती है (ii ) मेट्रो या गैर-मेट्रो शहरों की स्थिति में वेतन का 40% या 50% हो सकती है या (iii) 10 % मूल वेतन पर अतिरिक्त भाड़े के भुगतान हो सकती है, जो भी सबसे कम हो|

यदि कर्मचारी कोई किराया नहीं देता है , तो प्राप्त घर किराया भत्ता कर योग्य होगा | हालांकि, यदि कर्मचारी किसी परिवार के सदस्य को या रिश्तेदार को किराये का भुगतान करता है ,तो वे उसे कटौती के रूप में दावा कर सकते हैं| जो रिश्तेदार किराया प्राप्त कर रहा है, उसे उस राशि को कर योग्य आय में शामिल करना होगा | उदाहरण के लिए, एक व्यक्ति जो 12,000 रुपये प्रति महीने का घर किराया भत्ता प्राप्त करता है और उतनी ही राशि का किराया चुकाता है| अब, यदि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 महीनो के लिए वह किराया नहीं देता है ,तो उसकी कर योग्य आय 1,20,000 रुपये तक बढ़ जाएगी |ये मानकर कि वे 20% वाले कर स्लैब में आते हैं,उनकी कर देयता 24,000 रुपये तक बढ़ जाएगी |

अवकाश यात्रा भत्ता

वैश्विक महामारी के कारण यात्रा पर लगे प्रतिबन्ध का मतलब है कि कर्मचारी अब यात्रा पर नहीं जा पाएंगे और इसलिए इस वित्तीय वर्ष के लिए अवकाश यात्रा भत्ता का दावा भी नहीं कर पाएंगे | इसलिए, यह घटक भी कर योग्य होगा | हालांकि, अवकाश यात्रा भत्ता को 4 वर्ष में 2 बार लिया जा सकता है |

वाहन भत्ता :

कर्मचारी के वेतन पैकेज का एक और हिस्सा,वाहन भत्ता काम पर आने-जाने के लिए प्रतिपूर्ति के रूप में दिया जाता है | इसका दावा करने के लिए , कर्मचारियों को अपने आवागमन के खर्चों के सबूत प्रस्तुत करने होते हैं | हालांकि, घर से काम करने से आवाजाही ख़त्म हो गई है ,यह अब मुमकिन नहीं है और वाहन भत्ता भी अब कर योग्य है |

घर से काम करने का भत्ता

घर से काम करने का मतलब है कि एक कार्यस्थान बनाने और उसे संभालने के लिए अतिरिक्त खर्च पालना -लैपटॉप, यु.पी.एस., ब्रॉडबैंड का खर्च, फर्नीचर और बिजली बिल का बढ़ना | यह ध्यान में रखते हुए, कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को ऐसे खर्चों के लिए एक निश्चित राशि दे रही है ,और उसके लिए सबूत के रूप में बिल की मांग भी नहीं कर रही है | यह घर से काम करने का भत्ता ,कर्मचारी के कर योग्य आय में जुड़ जाएगा |

अंतिम पंक्तियाँ :

यात्रा करने या बाहर खाना खाने जैसी मनोरंजक गतिविधियों न होने के कारण, आप लॉकडाउन के दौरान सामान्य से थोड़ा अधिक बचत कर सकते हैं। लेकिन आपके पास एक बढ़ी हुई कर योग्य आय भी होने की संभावना है। घर से काम करने के कारण बढ़े हुए करों के प्रभाव को कम करने के लिए, एच.आर. विशेषज्ञ कर्मचारियों को उनके वेतन की फिर से संरचना करके उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कर या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको अलग से सलाह लेनी चाहिए।

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