Tax on Leave Encashment : छुट्टी के वेतन पर टैक्स

सरकारी कर्मचारियों को बची हुई छुट्टियों के नकदीकरण से मिलने वाले पैसे पर कर की छूट।

 leave encashment

Tax on Leave Encashment: बची हुई छुट्टियों के बदले में कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को नकदीकरण(Leave Encashment) के जरिए पैसे देती हैं। ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कर्मचारियों को कई तरह की छुट्टियाँ मिलने का प्रावधान होता है। इनमें बीमारी या मुश्किल (इमर्जेंसी) के समय ली गई छुट्टियाँ तो शामिल होती हैं, साथ ही अन्य छुट्टियाँ लेने का भी अधिकार प्राप्त होता है। छुट्टियाँ न लेने पर बकाया छुट्टियों के एवज में उसका नकदीकरण किया जा सकता है। कई स्थितियों में कंपनियां अपने कर्मचारियों को नौकरी खत्म होते समय बकाया छुट्टियाँ लेने के लिए कह सकती हैं या फिर नकदीकरण की राशि उनके वेतन में जोड़ दी जाती है। ऐसे में जानते हैं नकदीकरण के पैसों पर आयकर के कौन से नियम लागू होते हैं।

सरकारी कर्मचारियों के लिए आयकर के प्रावधान (leave encashment taxability) 

नौकरी छोड़ने के बाद बकाया छुट्टियों के नकदीकरण से जो राशि मिलती है उस पर सरकारी कर्मचारियों को आयकर में छूट का प्रावधान किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को यह छूट मिलती है। गौरतलब है कि छुट्टी पर मिलने वाले पैसों पर कर की रियायत उनके दिनों की संख्या पर निर्धारित नहीं होती। नकदीकरण की राशि पर कोई अधिकतम सीमा भी निर्धारित नहीं की गई है। यह छूट सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए ही है। पब्लिक सेक्टर के बैंक या बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को यह राहत नहीं मिलती जबकि राजस्व विभाग, रेलवे केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों के कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर बकाया छुट्टियों से प्राप्त पैसे पर कर में राहत दी जाती है। 

यह भी पढ़ें: कर-मुक्त बॉन्ड क्या है और कैसे काम करता है

गैर सरकारी या प्राइवेट कंपनियों के लिए कर के नियम(rule of leave encashment) 

गैर सरकारी या प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बकाया छुट्टी के नकदीकरण से मिलने वाली राशि पर आयकर की छूट का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए अधिकतम सीमा ₹3 लाख की रखी गई है। इससे अधिक राशि मिलने पर उस पर कर देय होगा। इसके अलावा बकाया छुट्टी के दिनों की संख्या के अनुसार भी कर पर राहत का प्रावधान है। कर्मचारी को प्रतिवर्ष 15 दिन की छुट्टी के बदले मिले हुए वेतन पर कर में राहत मिल सकती है। गौरतलब है कि यह अवधि कुल मिलाकर 10 महीनों से ज्यादा नहीं हो सकती। 

सवैतनिक छुट्टी (पेड लीव) पर कर के नियम 

यदि आपने नौकरी करते हुए वेतन सहित छुट्टी ली है तो उस पर रियायत का प्रावधान नहीं है। ऐसे में छुट्टी के दौरान मिला हुआ वेतन आपके मासिक वेतन का ही भाग माना जाता है। सवैतनिक छुट्टी पर कर की रियायत तभी लागू होती है जब कर्मचारी नौकरी छोड़ दे। लेकिन यदि आप एक कंपनी में नौकरी करते समय पेड छुट्टी लेते हैं तो वह आपके मासिक वेतन में ही गिनी जाती है जिसपर आयकर देय होता है ।

यह भी पढ़ें: संपत्ति के बदले कर्ज लेना क्या है

Leave Encashment Provisions

Tax on Leave Encashment: बची हुई छुट्टियों के बदले में कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को नकदीकरण(Leave Encashment) के जरिए पैसे देती हैं। ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कर्मचारियों को कई तरह की छुट्टियाँ मिलने का प्रावधान होता है। इनमें बीमारी या मुश्किल (इमर्जेंसी) के समय ली गई छुट्टियाँ तो शामिल होती हैं, साथ ही अन्य छुट्टियाँ लेने का भी अधिकार प्राप्त होता है। छुट्टियाँ न लेने पर बकाया छुट्टियों के एवज में उसका नकदीकरण किया जा सकता है। कई स्थितियों में कंपनियां अपने कर्मचारियों को नौकरी खत्म होते समय बकाया छुट्टियाँ लेने के लिए कह सकती हैं या फिर नकदीकरण की राशि उनके वेतन में जोड़ दी जाती है। ऐसे में जानते हैं नकदीकरण के पैसों पर आयकर के कौन से नियम लागू होते हैं।

सरकारी कर्मचारियों के लिए आयकर के प्रावधान (leave encashment taxability) 

नौकरी छोड़ने के बाद बकाया छुट्टियों के नकदीकरण से जो राशि मिलती है उस पर सरकारी कर्मचारियों को आयकर में छूट का प्रावधान किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को यह छूट मिलती है। गौरतलब है कि छुट्टी पर मिलने वाले पैसों पर कर की रियायत उनके दिनों की संख्या पर निर्धारित नहीं होती। नकदीकरण की राशि पर कोई अधिकतम सीमा भी निर्धारित नहीं की गई है। यह छूट सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए ही है। पब्लिक सेक्टर के बैंक या बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को यह राहत नहीं मिलती जबकि राजस्व विभाग, रेलवे केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों के कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर बकाया छुट्टियों से प्राप्त पैसे पर कर में राहत दी जाती है। 

यह भी पढ़ें: कर-मुक्त बॉन्ड क्या है और कैसे काम करता है

गैर सरकारी या प्राइवेट कंपनियों के लिए कर के नियम(rule of leave encashment) 

गैर सरकारी या प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बकाया छुट्टी के नकदीकरण से मिलने वाली राशि पर आयकर की छूट का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए अधिकतम सीमा ₹3 लाख की रखी गई है। इससे अधिक राशि मिलने पर उस पर कर देय होगा। इसके अलावा बकाया छुट्टी के दिनों की संख्या के अनुसार भी कर पर राहत का प्रावधान है। कर्मचारी को प्रतिवर्ष 15 दिन की छुट्टी के बदले मिले हुए वेतन पर कर में राहत मिल सकती है। गौरतलब है कि यह अवधि कुल मिलाकर 10 महीनों से ज्यादा नहीं हो सकती। 

सवैतनिक छुट्टी (पेड लीव) पर कर के नियम 

यदि आपने नौकरी करते हुए वेतन सहित छुट्टी ली है तो उस पर रियायत का प्रावधान नहीं है। ऐसे में छुट्टी के दौरान मिला हुआ वेतन आपके मासिक वेतन का ही भाग माना जाता है। सवैतनिक छुट्टी पर कर की रियायत तभी लागू होती है जब कर्मचारी नौकरी छोड़ दे। लेकिन यदि आप एक कंपनी में नौकरी करते समय पेड छुट्टी लेते हैं तो वह आपके मासिक वेतन में ही गिनी जाती है जिसपर आयकर देय होता है ।

यह भी पढ़ें: संपत्ति के बदले कर्ज लेना क्या है

Leave Encashment Provisions

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