नए आईटीआर फॉर्म का उपयोग कैसे करें?

अपने रिटर्न को फाइल करना कोई मुश्किल काम नहीं है - जब तक आप जानते हो कि क्या करना है!

नए आईटीआर फॉर्म का उपयोग कैसे करें?

टैक्‍स अधिकारी साल में एक बार आपसे जानकारी मांगते है- और यह वही समय है। इस साल टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख को बढाकर 31 अगस्त कर दिया गया है– और यही वह समय है जब आपको सभी महत्‍वपूर्ण जानकारियां जुटानी चाहिए और तैयार रहना चाहिए। सरकार ने आईटीआर फॉर्म (इनकम टैक्‍स रिटर्न) को और सरल बना दिया है, यह कई पन्‍नों वाली बुकलेट की बजाए एक पेज की शीट में बदल गया है, जिसे आपको भरना है।

आईटीआर फॉर्म का उपयोग करने में शामिल प्रक्रिया

एक बार जब आप यह जान जाते हैं कि आप आयकर अधिनियम के तहत आयकर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं – तभी से टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अपना टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया का पहला महत्वपूर्ण हिस्सा यह निर्धारित करना है कि कौन सा आईटीआर फॉर्म आपके लिए है। आयकर फॉर्म के नाम आईटीआर 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7 होते हैं।

व्यक्तिगत करदाता अपनी आय के स्रोतों के आधार पर आईटीआर - 1, 2, 3 या 4 का उपयोग करते हैं।

आईटीआर 5 का उपयोग फर्म, एलएलपी (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप), एओपी (एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स) और बीओआई (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स) द्वारा किया जाता है।

कंपनियां आईटीआर 6 और 7 का उपयोग करती हैं।

आपके टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने के लिए कुछ तार्किक कदम इस प्रकार हैं:

  • सभी संबंधित कागजों को एकत्र करना
  • आय की सभी प्रमुख मदों के तहत अपनी आय की गणना करना और उन्हें फॉर्म में सटीक रूप से भरना
  • धारा 80 के तहत अनुमत सभी कटौतियों की गणना
  • गणना की गई आय पर देय कर की गणना करना और धारा 88 के तहत उपलब्ध छूट को घटाना
  • पहले से भुगतान किए गए टैक्स जैसे टीडीएस, आदि को घटाना
  • यदि आप इसे ऑनलाइन जमा कर रहे हैं - कुछ और विवरणों के लिए नीचे देखें।

कागजी कार्रवाई जिस पर ध्‍यान देने की जरूरत है

आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई को कुछ व्यापक श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। अधिकतम सुविधा के लिए - अपने रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सभी कागजात और डेटा को ठीक प्रकार से व्यवस्थित रूप से फाइल में इकट्ठा करें।

आय के कागजात: आपकी आय से संबंधित सभी दस्तावेज एकत्र किए जाने चाहिए ताकि आय की गणना आय की उपयुक्त मदों के तहत की जा सके।

  • वेतन से आय के लिए फॉर्म 16 और मासिक सैलरी स्लिप
  • गृह संपत्ति से आय के लिए किराए की रसीदें
  • पूंजीगत लाभ से आय के लिए संपत्ति या शेयरों की खरीद और बिक्री का विवरण
  • अन्‍य स्रोत से आय के लिए बैंक ब्याज पासबुक, फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज की रसीदें, सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज

खर्च के कागजात: करयोग्‍य आय में से सभी कटौती योग्‍य खर्चों के कागजात- साथ ही साथ वे खर्च जो कटौती के योग्‍य हैं- इसमें किराए पर संपत्ति का रखरखाव खर्च, संपत्ति की बिक्री में खर्च के साथ-साथ एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा आदि के खर्च भी शामिल होंगे, जो खर्च में कटौती के लिए पात्र हैं।

टीडीएस प्रमाणपत्र और फॉर्म 26एएस (टीडीएस): फॉर्म 26एएस को ट्रेसेस वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है, इसमें सभी टीडीएस विवरण शामिल होते हैं। वास्तविक टीडीएस और फॉर्म 26एएस के बीच कोई विसंगति होने की स्थिति में इस पर गौर किया जाना चाहिए।

तारीखों को ध्यान में रखा जाना चाहिए

रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख आमतौर पर 31 जुलाई होती है। इस वर्ष वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए रिटर्न भरने की तारीख को बढाकर 31 अगस्त 2019 कर दिया गया है।

उन कारोबारों को जिन्‍हें ऑडिट रिपोर्ट के साथ रिटर्न दाखिल करना जरूरी होता है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख 30 सितंबर 2019 है।

उन कारोबारों को जिन्‍हें ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट के साथ रिटर्न दाखिल करना जरूरी होता है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख 30 नवंबर 2019 है।

टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने की दृष्टि से अन्य महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

एडवांस टैक्‍स की किस्तों के भुगतान के लिए तारीखें- इस प्रकार हैं:

15 जून – पहली किस्‍त

15 सितंबर– दूसरी किस्त

15 दिसंबर - तीसरी किस्त

15 मार्च - चौथी किस्त

31 मार्च 2020 - अंतिम तिथि जब तक वर्ष 2018-19 के लिए आय का विलंबित रिटर्न दाखिल किया जा सकता है।

आईटीआर की ई-फाइलिंग यदि ऑनलाइन प्रोसेस की जा रही है तो आवश्‍यक चीजों की लिस्‍ट:

यदि आप ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने का विकल्‍प चुनते हैं तो:

आप सबसे पहले लॉग इन करेंगे या अकाउंट बनाएंगे - आपको पैन, आधार नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स, एक वैध ईमेल और एक वैध मोबाइल नंबर जैसे विवरण की आवश्यकता होगी।

अकाउंट बनाने या लॉग इन करने पर - आपको वेतन आय विवरण भरना होगा - जैसे कि नियोक्ता का नाम और प्रकार, वेतन, टीडीएस कटौती, कटौती योग्‍य अलाउंस, कर योग्‍य आय। अन्य आय का विवरण भी इसी प्रकार दर्ज करना होगा।

इसके बाद, धारा 80 के तहत दावा की गई कटौती के विवरण भरे जाएंगे। अगला कदम टीडीएस के साथ-साथ एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स के रूप में चुकाए गए करों का विवरण भरना है।

एक बार सभी विवरण पूरी तरह भरे जाने के बाद – बेहतर होगा कि आप उसे दोबारा जांच लें।

अंतिम चरण के रूप में, इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने और समाप्‍त करने के लिए रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्ति द्वारा ई-वेरिफिकेशन जरूर किया जाना चाहिए।

संबंधित लेख

 

Most Shared