One third of the Car price is Tax: कार की कीमत का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा टैक्स

यदि निकट भविष्य में आप कार खरीदना चाहते हैं तो पहले जान लीजिए उस पर लगने वाले टैक्स का क्या हिसाब होता है?

Car tax

Car tax: हर नई कार जो आप अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करके खरीदते हैं उस पर सरकार को एक मोटी रकम आपको टैक्स के रूप में चुकानी पड़ती है। यदि आप इस बात से अनजान थे तो अब भी देर नहीं हुई। आइए समझते हैं कार की कीमत में टैक्स कितना है? 

मान लीजिए आपने कोई कार खरीदी है जिसकी कीमत ₹5.33 लाख है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उसका लगभग ₹1.75 लाख का हिस्सा टैक्स है। मसलन ₹6 लाख की गाड़ी पर तकरीबन ₹2 लाख के आसपास टैक्स में जाता है, यानी एक तिहाई हिस्सा।

इसी तरह यदि महंगी गाड़ियों के शीर्ष मॉडल यानी टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों की बात करें तो उनकी ऑन रोड कीमत होती है लगभग ₹60 लाख लेकिन इस पर तमाम तरह के टैक्स मसलन जीएसटी, सेस और रोड टैक्स आदि को मिला लें तो लगभग ₹31 लाख टैक्स के रूप में चुकता होता है। 

क्या सभी कारों पर समान टैक्स लगता है

यदि आप सोचते हैं कि सभी कारों पर एक जैसा टैक्स लगता है तो नहीं ऐसा नहीं होता। जीएसटी सभी कारों के लिए एक समान है लेकिन सेस हर कार के लिए अलग होता है। इसी तरह रोड टैक्स भी गाड़ियों और कारों की श्रेणियों के हिसाब से अलग-अलग लगता है। इतना ही नहीं हर राज्य में टैक्स का स्लैब भी अलग होता है। टैक्स के स्लैब ईंधन के हिसाब से पेट्रोल या डीजल इंजन के साथ एक्स शोरूम प्राइस पर तय किए जाते हैं। 

कितना लगता है कार पर रोड टैक्स? 

रोड टैक्स कार की श्रेणी पर निर्भर करता है। दिल्ली का ही उदाहरण लिया जाए तो ₹6 लाख की गाड़ी पर 4% का टैक्स है तो ₹6-10 लाख की गाड़ी पर 5% का टैक्स है। इसके अलावा डीजल इंजन की कार पर अधिक टैक्स लगता है। वहीं और ₹10 लाख या उसके ऊपर की क़ीमत की महंगी गाड़ियों पर 10% तो डीजल गाड़ियों के लिए रोड टैक्स 12.5% है। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

कितना देना होता है जीएसटी और सेस

जीएसटी और सेस आपकी गाड़ी का जितना पावर होगा यानी इंजन की क्षमता पर निर्भर करता है। जितनी लंबी गाड़ी हो, जितनी अधिक सीसी क्षमता और जितनी ज्यादा कीमत होगी सेस उतना अधिक लगता है। 

सेस की गणना गाड़ियों के आकार पर निर्भर करती है जैसे कि जिन गाड़ियों की लंबाई चार मीटर से कम हो और इंजन क्षमता 1200 सीसी से कम हो उनके लिए 28% जीएसटी है और 1% सेस।

इनमें वैगन आर से लेकर तमाम छोटी गाड़ियाँ, आई20, होंडा अमेज जैसी गाड़ियाँ शामिल हैं।

छोटी गाड़ियों के लिए कुल टैक्स हो जाता है 33% यानी 28% जीएसटी, 1% सेस और 4% रोड टैक्स। 

मंझोली गाड़ियों पर टैक्स 

चार मीटर से लंबी गाड़ियाँ और जिनकी इंजन क्षमता 1500 सीसी से कम होगी उनके लिए 28% जीएसटी लेकिन 17% सेस लगता है। साथ ही इनके लिए 10% रोड टैक्स होगा यदि गाड़ी की कीमत ₹10 लाख से ज्यादा है। इनमें होंडा सिटी, मारुति सुजुकी, स्कोडा आदि कारें शामिल हैं। इनके लिए कुल टैक्स 55% का हो जाता है। 

एसयूवी गाड़ियों पर टैक्स 

एसयूवी गाड़ियों पर लगभग 70% तक टैक्स देना पड़ जाता है। जिसमें गाड़ी की लंबाई और इंजन क्षमता 1500 सीसी से अधिक होने के कारण 28% जीएसटी, 22% सेस लगता है और रोड टैक्स 10%। यदि गाड़ी डीजल इंजन की हो तो 12.5%। कुल मिलाकर 62.5%। हैदराबाद में आपको गाड़ी सबसे महँगी यानी 70% टैक्स के साथ मिलेगी। 

इसके अलावा गाड़ियों पर कई और छोटे मोटे चार्ज लगाए जाते हैं जैसे दिल्ली में नगर निगम द्वारा पार्किंग का शुल्क लिया जाता है। ये सभी टैक्स और खर्च गाड़ी की ऑनरोड मूल्य में शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: मार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

Car tax: हर नई कार जो आप अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करके खरीदते हैं उस पर सरकार को एक मोटी रकम आपको टैक्स के रूप में चुकानी पड़ती है। यदि आप इस बात से अनजान थे तो अब भी देर नहीं हुई। आइए समझते हैं कार की कीमत में टैक्स कितना है? 

मान लीजिए आपने कोई कार खरीदी है जिसकी कीमत ₹5.33 लाख है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उसका लगभग ₹1.75 लाख का हिस्सा टैक्स है। मसलन ₹6 लाख की गाड़ी पर तकरीबन ₹2 लाख के आसपास टैक्स में जाता है, यानी एक तिहाई हिस्सा।

इसी तरह यदि महंगी गाड़ियों के शीर्ष मॉडल यानी टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों की बात करें तो उनकी ऑन रोड कीमत होती है लगभग ₹60 लाख लेकिन इस पर तमाम तरह के टैक्स मसलन जीएसटी, सेस और रोड टैक्स आदि को मिला लें तो लगभग ₹31 लाख टैक्स के रूप में चुकता होता है। 

क्या सभी कारों पर समान टैक्स लगता है

यदि आप सोचते हैं कि सभी कारों पर एक जैसा टैक्स लगता है तो नहीं ऐसा नहीं होता। जीएसटी सभी कारों के लिए एक समान है लेकिन सेस हर कार के लिए अलग होता है। इसी तरह रोड टैक्स भी गाड़ियों और कारों की श्रेणियों के हिसाब से अलग-अलग लगता है। इतना ही नहीं हर राज्य में टैक्स का स्लैब भी अलग होता है। टैक्स के स्लैब ईंधन के हिसाब से पेट्रोल या डीजल इंजन के साथ एक्स शोरूम प्राइस पर तय किए जाते हैं। 

कितना लगता है कार पर रोड टैक्स? 

रोड टैक्स कार की श्रेणी पर निर्भर करता है। दिल्ली का ही उदाहरण लिया जाए तो ₹6 लाख की गाड़ी पर 4% का टैक्स है तो ₹6-10 लाख की गाड़ी पर 5% का टैक्स है। इसके अलावा डीजल इंजन की कार पर अधिक टैक्स लगता है। वहीं और ₹10 लाख या उसके ऊपर की क़ीमत की महंगी गाड़ियों पर 10% तो डीजल गाड़ियों के लिए रोड टैक्स 12.5% है। 

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कितना देना होता है जीएसटी और सेस

जीएसटी और सेस आपकी गाड़ी का जितना पावर होगा यानी इंजन की क्षमता पर निर्भर करता है। जितनी लंबी गाड़ी हो, जितनी अधिक सीसी क्षमता और जितनी ज्यादा कीमत होगी सेस उतना अधिक लगता है। 

सेस की गणना गाड़ियों के आकार पर निर्भर करती है जैसे कि जिन गाड़ियों की लंबाई चार मीटर से कम हो और इंजन क्षमता 1200 सीसी से कम हो उनके लिए 28% जीएसटी है और 1% सेस।

इनमें वैगन आर से लेकर तमाम छोटी गाड़ियाँ, आई20, होंडा अमेज जैसी गाड़ियाँ शामिल हैं।

छोटी गाड़ियों के लिए कुल टैक्स हो जाता है 33% यानी 28% जीएसटी, 1% सेस और 4% रोड टैक्स। 

मंझोली गाड़ियों पर टैक्स 

चार मीटर से लंबी गाड़ियाँ और जिनकी इंजन क्षमता 1500 सीसी से कम होगी उनके लिए 28% जीएसटी लेकिन 17% सेस लगता है। साथ ही इनके लिए 10% रोड टैक्स होगा यदि गाड़ी की कीमत ₹10 लाख से ज्यादा है। इनमें होंडा सिटी, मारुति सुजुकी, स्कोडा आदि कारें शामिल हैं। इनके लिए कुल टैक्स 55% का हो जाता है। 

एसयूवी गाड़ियों पर टैक्स 

एसयूवी गाड़ियों पर लगभग 70% तक टैक्स देना पड़ जाता है। जिसमें गाड़ी की लंबाई और इंजन क्षमता 1500 सीसी से अधिक होने के कारण 28% जीएसटी, 22% सेस लगता है और रोड टैक्स 10%। यदि गाड़ी डीजल इंजन की हो तो 12.5%। कुल मिलाकर 62.5%। हैदराबाद में आपको गाड़ी सबसे महँगी यानी 70% टैक्स के साथ मिलेगी। 

इसके अलावा गाड़ियों पर कई और छोटे मोटे चार्ज लगाए जाते हैं जैसे दिल्ली में नगर निगम द्वारा पार्किंग का शुल्क लिया जाता है। ये सभी टैक्स और खर्च गाड़ी की ऑनरोड मूल्य में शामिल हैं।

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संवादपत्र

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