हर आयु-वर्ग के लोगो के लिए टैक्स योजना युक्तियाँ | Tomorrowmakers

जब बात व्यक्तिगत वित्त की हो, तो लोग बहुत आलसी हो जाते हैं , टैक्स योजना बनाना छोड़ देते हैं ,जो की वित्तीय योजना की आखिरी समय तक बहुत महत्वपूर्ण पहलु होता है |

Tax planning at every age groups

साथ ही, युवा भारतीय इस समूह में सबसे आलसी होते हैं | औसतन, भारतीय ज़रूरत से ज्यादा टैक्स का भुगतान करते हैं | इसके दो कारण हैं :

  • वे आयकर अधिनियम के विभिन्न वर्गों के तहत सभी टैक्स भत्तों का उपयोग नहीं करते | 
  • यहां तक की टैक्स बचत इंस्ट्रूमेंट्स में सक्रिय रूप से निवेश करने वाले भी टैक्स से बचने के लिए ऐसा करते हैं ,लम्बे वित्तीय लक्ष्यों को पाने के बजाय ,जिसमे निवेश योजना शामिल हैं और जिसके उद्देश्य टैक्स योजना से बहुत अलग हैं |
  • आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत टैक्स बचत :

लोग अक्सर टैक्स योजना को निष्पक्ष रूप से देखने में विफल रहते हैं और बीमा  उत्पाद सबसे पहली चीज़ है जो टैक्स योजना के वक़्त दिमाग में आती है | हम अक्सर ये भूल जाते हैं की जीवन बीमा एक वित्तीय सुरक्षा उपकरण है और सही मायने में एक निवेश नहीं है | बहुत ज्यादा मात्रा में बीमा उत्पादों को रखना, टैक्स योजना और निवेश योजना के लिए एक बहुत ही अप्रभावी विधि है |

tax planning at every digital age

किसी भी निवेश के फैसले के साथ, आपके जोखिम उठाने की चाह, उसमे शामिल जोखिम, और निवेश इंस्ट्रूमेंट्स की साथ जुड़े रिटर्न्स ,लॉक-इन के कार्यकाल का आंकलन और अपने वित्तीय लक्ष्यों को परिभाषित करना अनिवार्य है जिस तक आप आखिर में पहुंचना चाहते हैं | यह आपके निवेश करने योग्य टैक्स बचत इंस्ट्रूमेंट्स के आधार बनने चाहिए |

टैक्स योजना वह मौलिक चेतावनी है जो आपको याद रखनी चाहिए की समय के साथ,आपके बदलते जीवन की हालातों (विवाह, बच्चे, प्रोन्नति और गृह स्वामित्व आदि ) को दर्शाने की लिए आपके वित्तीय लक्ष्य भी बदल जाएंगे | अगर आपकी  मौजूदा योजना अपने बचत को धारा 80 सी के तहत अधिकतम करने की है तो आप अपने दीर्घकालीन भविष्य की तरफ न ध्यान देकर अपना नुक्सान कर रहे हैं और आपका अपने वित्तीय लक्ष्यों तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाएगा |

आपके 20 वे पड़ाव पर

समय भविष्य की लिए एक लांच पैड के रूप में काम करता है | जैसे ही करियर उड़ान भरने लगता है, हम फिर से जोखिम उठाने के लिए तैयार रहते हैं क्यूंकि हममे ज़िम्मेदारी की अच्छी समझ नहीं होती |

हालांकि मिलेनिअल्स / वाई-जनरेशन को नियमित बचत करने वाले के रूप में नहीं जाना जाता है ,यह भविष्य में निवेश की शुरुआत के लिए एक सटीक अवसर होता है | एक विस्तारित क्षितिज को देखते हुए इक्विटी केंद्रित इंस्ट्रूमेंट्स पर अभी निवेश करना फ़ायदेमंद है, ना की बाद में जब आप बूढ़े हो जाए और आपके पास अन्य ज़िम्मेदारियों की चिंता हो तब । और जितनी जल्दी आप शुरुआत करेंगे उतना ही आपको कंपाउंडिंग की शक्ति से लाभ होगा।

tax planning at every digital age1

 इस स्तर पर आपको एन्डोमेन्ट योजना और यूनिट लिंक्ड बीमा योजना में निवेश से बचने की सलाह दी जाती है।

 आपके 30वींपडाव पर:
 उम्र के इस दशक में आप आए और जिम्मेदारियाँ बढ़ती है क्योंकि आप की शादी हो जाती है और आपके परिवार की शुरुआत होती है। हालाँकि कुछ अभी भी भाड़े के घर पर रहेंगे, परंतु बहुत से लोग ख़ुद का घर ख़रीदने के लिए सोचेंगे। औसतन 30 के पडाव में जोखिम उठाने की क्षमता अभी भी ज़्यादा होती है, और दूसरे उत्पादों में बढ़ोतरी करने की बजाए वे अभी भी टैक्स बचत के लाभ उठा सकते हैं। इस अवस्था में, इन क्षेत्रों में पैसा डालना सलाहनिय है जिसमें आयकर अधिनियम की धारा 80 के विभिन्न भागों के अंतर्गत अच्छे टैक्स बचत के लाभ उपलब्ध है।

एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड: (आपकी बढ़ती आयी के साथ आपका योगदान बढ़ाता है)
 जीवन बीमा (आप की अकाल मृत्यु के समय पर आप के परिवार की वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करता है। आपकी प्रीमियम योगदान उस स्तर तक होनी चाहिए जहाँ आप लोन चुका पाए, अपने बच्चों की शिक्षा का ध्यान रख पाए और आपके परिवार के जीवन के ख़र्चे उठा पाएँ)

 ट्यूशन फ़ीस (आपके बच्चों के विद्यालय जाने के लिए)

होम लोन (धारा 24 B के अंतर्गत ब्याज के पुनः भुगतान का दावा किया जा सकता है और मूलधन के पुनः भुगतान का धारा 80 सी के अंतर्गत दावा कियाजा सकता है)
 
 सेहत बीमा (हमेशा महत्वपूर्ण ,परंतु अपने साथियों और परिवार के लिए कवरेज शामिल हैं)
 
 पब्लिक प्रोविडेंट फंड (अधिकतम जोखिम रहित, लंबे समय के लिए टैक्स रहित रिटर्न प्रदान करता है )

 कटौतियों के दावा करने के बाद यदि आप धारा 80 सी के अंतर्गत आने वाली चीज़ों पर और निवेश की स्थिति पर हैं तो अपने जोखिम सहनशीलता स्तर और अपने आवंटन रणनीति के अनुसार निवेश योजना बनाए। अगर आपके जोखिम उठाने की क्षमता भी ज़्यादा है तो सुनिश्चित कीजिए कि आपके निवेश इक्विटी के पक्ष SIP मार्ग द्वारा भारित किया गया है ।
 
 आपके 40वे पड़ाव पर:

यह पीढ़ियों से कहा जा रहा है कि जीवन की शुरुआत 40 से होती है। इसमें सच्चाई है, जैसे कि आप अपने करियर में अच्छे से बस गए हैं, आप की आय में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई हैं, आपके बच्चे अपने युवावस्था में पहुँच रहे हैं और अपनी उच्च शिक्षा के तरफ़ बढ़ रहे हैं। और एक बड़ा परिवर्तन जो इन सालों में होना चाहिए वह आपका ध्यान टैक्स बचत योजना से हटाकर ग़ैर निवेश संबंधित टैक्स बचत पर होना चाहिए।
 जैसा कि आप ke तीसवे पड़ाव पर जो आपने टैक्स बचत इंस्ट्रूमेंट्स की शुरुआत की थी, वह और मज़बूत हो रहा है । यदि आपने ग़ौर नहीं किया है, तो आपका ध्यान आपके रिटायरमेंट की योजना की तरफ होना चाहिए और पूर्ण ऋण के स्तर को कम करने पर होना चाहिए। तो अपने ई.पी.एफ योगदान को जारी रखे, ताकि अपने बच्चों की ट्यूशन फ़ीस के लिए राहत पाएँ, आपके और आपके परिवार के सेहत बीमा के लिए और आपके जीवन बीमा के लिए और जहाँ तक होम लोन हो पाए| यह आपके लिए बिलकुल सही समय है अपने ऋण के मूल धन को जितनी जल्दी हो पाए कम कर लीजिए।

 इस स्थिति में आपको अपने रिटायरमेंट वर्षों के लिए एक कोष के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह इनके उपयोग से संभव हो सकता है:

  • पेंशन योजना
  •  यू एल आयी पी
  •  उन खर्चों को पहचानिए जो टैक्स बचत के लिए उपयोगी है

 40 का पडाव उन लोगों के लिए बहूत अच्छा समय है अपने पोर्टफोलियो को पुनः संरेखित करते वक़्त जिन्होंने कुछ टैक्स बचत निर्णयों में गलतियां की बिना टैक्स बचत इंस्ट्रूमेंट्स में ज़्यादा निवेश किए हैं ।

 50वे पड़ाव पर:

 अपने 50वे पड़ाव पर आप आय के शिखर पर होंगे। आप रिटायरमेंट और एक बार किए जाने वाले योजनाओं की तरफ़ विचार करते हैं,समय आप की सबसे बड़ी पूंजी बन जाती है।

 लंबे समय से चले आ रहा ऋण जिसे आपने चुकाना कुछ वर्षों पहले शुरू कर दिया था, उसकी गति बढ़ानी चाहिए। आपके जीवन शैली के विकल्पों में भी रिटायरमेंट की तैयारी के कारण कुछ पतन दिखाई देगा परन्तु, सबसे महत्वपूर्ण है कि रिटायरमेंट के दौरान निवेश और बचत की तरफ़उठाव होना चाहिए और वह आप का मुख्य निवेश उद्देश्य होना चाहिए।

 यह स्वाभाविक है कि आपके बच्चे आगे की शिक्षा प्राप्त कर रहे होंगे और हो सकता है कि विदेश पढ़ने भी जाए, ट्यूशन शुल्क में कटौती और शिक्षा ऋण पर ब्याज चलता ही रहेगा। एक शिक्षा ऋण पर हर साल जो आप ब्याज दर चुकाते हैं उसकी कटौती की कोई उच्च सीमा नहीं होती। हालाँकि उनकी शिक्षा को अपने रिटायरमेंट योजना से ज़्यादा प्राथमिकता न देना बेहद महत्वपूर्ण है। आदर्श रूप में,एक बार आपके बच्चे काम करने लगेंगे, तो उन्हें उनकी शिक्षा के लिए वित्तीय किए गए ऋणों का पुनः भुगतान स्वयं पर लेना चाहिए।

 इसी तरह,जो भी राशि आपके होम लोन पर शेष है,उनका दावा कर , जल्द से जल्द उन्हें चुकाना चाहिए। साथ ही आपके ई.पी.एफ खाते में योगदान प्राप्त होना चाहिए, जिससे कि पिछले कई सालों से निर्मित आपके कोष में और भी ज़्यादा राशि जुड़ जाए। आपको कंपाउंडिंग की शक्ति याद है ना?

 आख़िरकार जब बात सेहत बिमा की होती है, तो अभी ही एक लेना बहूत ज़्यादा सलाहनीय है, क्यूंकि आपके और आपके साथी के लिए 60 की उम्र के बाद कवर लेना मुश्किल हो जाएगा। यह प्रीमियम आयकर अधिनियम की धारा 80 डी के अंतरगत कटौती योग्य है।

 आपकी 60वे पड़ाव पर:

 आपके रिटायर होने के बाद या अगर आप ज़्यादा ख़ुशक़िस्मत हैं जो 60 के बाद भी काम कर पा रहे हैं तो आपके पास केवल दो लक्ष्य होते हैं, कैपिटल सुरक्षा और सेहत बीमा। आपको मासिक वेतन का  सुख नहीं होगा। आपकी आय आपके निवेशों से उत्पन्न होगी,इसलिए ज़्यादातर निवेश ,ऋण या फिर फिक्सड् आय इंस्ट्रूमेंट्स से होने चाहिए। परंतु लंबे जीवन-काल होने के कारण ,चिकित्सा तकनीक में वृहद सुधार और इंफ्लेशन, आपके एसेट आवंटन रणनीति की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो को इक्विटी सम्बंधित इंस्ट्रूमेंट्स में शामिल रखना चाहिए। टैक्स बचत के कुछ विकल्प है :

वरिष्ठ नागरिक बचत खाता (इसकी सर्वाधिक राशि 15 लाख रुपये है)
बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट
सेहत बीमा

 निष्कर्श: यह स्वाभाविक है कि टैक्स योजना आपके कामकाजी और काम के पश्चात के जीवन की महत्वपूर्ण वित्तीय नियोजन उद्देश्य होनी चाहिए। एक टैक्स सलाहकार या चार्टेड अकाउंटेंट से सलाह के बाद समझदार टैक्स योजना के साथ ,आप केवल टैक्स की बचत ही नहीं परंतु आपकी लंबे निवेश उद्देश्यों को पाने के लिए एक अच्छे निवेश का फ़ैसला भी ले सकते हैं।

डिस्क्लेमर:

  यह लेख केवल सामान्य जानकारी हेतु दिया गया है और इसे निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए | आपको इन क्षेत्रो में सलाह के लिए एक स्वतंत्र सलाह लेनी चाहिए | को इन क्षेत्रो में सलाह के लिए एक स्वतंत्र सलाह लेनी चाहिए |


 

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