एडवांस टैक्स क्या है: क्या आप इसके दायरे में आते हैं?

टैक्स भरना मुश्किल काम लगता है और इसके कारण आप पर वित्तीय बोझ भी पड़ता है।

Understanding Advanced tax & effects

लेकिन एडवांस टैक्स आपकी परेशानी को कम करता है। इसमें आप पूरे वर्ष में कई किश्तों में टैक्स जमा कर सकते हैं जिससे एक साथ   पैसा जमा करने से छुटकारा मिल जाता है। 

एडवांस टैक्स में आप अपने ऊपर लगने वाले टैक्स को कुछ किश्तों में जमा करते हैं । कानूनन एडवांस टैक्स जमा करना जरूरी है। इसमें वर्ष के आखिर में पैसा जमा करने की जगह आप हर तीन महीने में अपने  टैक्स का एक हिस्सा जमा करते हैं। 

 एडवांस टैक्स किसको देना पड़ता है? 

जिस किसी कि आय पर एक वित्तीय वर्ष में 10000 रूपये या उससे ज़्यादा का   टैक्स बनता है उसे एडवांस टैक्स जमा करना होता है। इसमें एक व्यक्ति, हिन्दू गैर विभाजित परिवार, और कंपनियां शामिल हैं। आपको कई तरह की आय पर टैक्स भरना होता है। यह आय आपकी तनख्वाह, व्यापार से हुए मुनाफे, किराए, बैंक एफडी से मिले ब्याज़, या शेयर और म्युचुअल फंड पर हुए कैपिटल गेन से हो सकती है। 

अपने टैक्स का हिसाब लगाते समय टीडीएस ( टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) का भी ध्यान रखें। उदाहरण के लिए अगर आप की आय केवल नौकरी से मिलने वाली तनख्वाह   से है और आपका नियोक्ता तनख्वाह में से टीडीएस काट रहा है तो फिर आपको एडवांस टैक्स जमा करने की जरूरत नहीं है। 

 एडवांस टैक्स का हिसाब कैसे लगाएं? 

 अन्य स्रोतों से हुई आय: आय के दूसरे स्रोतों जैसे लॉटरी, ऑनलाइन प्रतियोगिताओं, टीवी शो आदि से हुई आय की गणना करें

अपने खर्चों को आय में से घटाएं: काम से जुड़े खर्च जैसे फ्रीलांसिंग, ऑफिस का किराया, यात्रा का खर्च, इंटरनेट और फोन का खर्च आदि। 

 आय में इनको शामिल करें: अपनी आय में किराये से हुई आय, ब्याज से हुई आय, आदि को जोड़कर उसमें से आप की तनख्वाह से कटे टीडीएस को घटा   कर आय का हिसाब लगाएं। 

 एडवांस टैक्स : अगर टैक्स की रकम 10,000 रूपये या उससे ज़्यादा है तो   आपको एडवांस टैक्स जमा करना होगा। 

आपको टैक्स कब जमा करना होगा? 

नीचे बताई गई चार किश्तों में एडवांस टैक्स जमा करना होता है:

जमा करने की तारीख

एडवांस टैक्स का कितना प्रतिशत हिस्सा जमा करना होगा

15 जून

15%

15 सितम्बर

45%

15 दिसम्बर 

75%

15 मार्च

100%

आपको पूरे वर्ष में आप की आय पर लगने वाले टैक्स का अनुमान लगाकर   उसको चार किश्तों में बांटना होगा। अगर आपको किसी समय अचानक किसी कारण से आय होती है, जैसे की   बोनस आदि, तो उस आय पर लगने वाले टैक्स को अगली तिमाही के लिए चुकाए जाने वाले टैक्स में शामिल कर सकते हैं।

 एडवांस टैक्स कैसे चुकाना है? 

आप www.tin-nsdl.com वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अपने एडवांस टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। बस उस पर जाकर अपना असेस्मेंट वर्ष ( यह वह वर्ष होगा जिसका टैक्स आपको जमा करना है) चुनें और अपना पैन नंबर भरकर एडवांस टैक्स चालान कोड   ( 100) चुनें। आपको अगली स्क्रीन पर आपका नाम दिखाई देगा। अगर आपका सही नाम नहीं दिखाई दे तो इसका मतलब है कि आपने सही पैन नंबर नहीं भरा है। 

सभी जानकारियां सही से भर जाने के बाद आप को आपके बैंक की वेबसाइट पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अपने बैंक की नेटबैंकिग पर लॉग-इन करें और जितना एडवांस टैक्स आप भरना चाहते हैं उसका भुगतान करें। आप बैंक की शाखा में जाकर एडवांस टैक्स चालान भर कर भी एडवांस टैक्स   चुका सकते हैं। 

 समय पर टैक्स जमा नहीं किया तो क्या होगा? 

अगर आप समय पर एडवांस टैक्स नहीं जमा करते हैं तो आपको टैक्स की रकम पर 1% प्रति महीने के हिसाब से ब्याज़ चुकाना होगा। उदाहरण के लिए, अगर जून 15 के लिए आपको 20,000 का टैक्स चुकाना है और आप  इसे     15 अगस्त तक चुकाते हैं  तो आपको देरी से टैक्स चुकाने के लिए 400 रूपये का ब्याज़ ( दो महीने के लिए 1% ब्याज़ के हिसाब से) चुकाना होगा।
 

क्या वरिष्ठ नागरिकों को इससे छूट है? 

अगर वरिष्ठ नागरिक ( 60 या उससे अधिक उम्र के लोग) नीचे बताई दो शर्तों को पूरा करते हैं तो उन्हें एडवांस टैक्स नहीं चुकाना होगा:

वे भारतीय नागरिक हैं और भारत में रहते हैं ( एनआरआई शामिल नहीं ) 
उनकी किसी व्यापार या पेशे से कोई आय नहीं है

सारांश

एडवांस टैक्स जमा करना कानूनन ज़रूरी है। इसे कई किश्तों में बांटकर चुकाने से आप की परेशानी भी कम हो जाती है। वर्ष के शुरूआत में अपने टैक्स का हिसाब लगाएं और उसे किश्तों में चुका दें। टैक्स का हिसाब लगाते समय टीडीएस को जरूर ध्यान में रखें और टैक्स चुकाने के लिए नेटबैंकिग का इस्तेमाल करें- इससे आपकी परेशानी भी कम होगी और  समय भी बचेगा। 

डिसक्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है और इसे निवेश, कर या कानूनी सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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