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व्यक्ति को अपनी वित्तीय सम्पत्ति का नियोजन करना महत्वपूर्ण है। योजनाओं को अस्थायी आधार पर या एक अस्थायी लक्ष्य के लिए या गलत उद्देश्य के लिए नहीं बनाना चाहिए। उचित कर नियोजन के द्वारा व्यक्ति न केवल करों की देनदारियों को कम कर सकता है बल्कि अपने जीवन की विभिन्न अवस्थाओं में निर्धारित लक्ष्यों के लिए भी बचत कर सकता है।

व्यक्ति को अपनी वित्तीय सम्पत्ति का नियोजन करना महत्वपूर्ण है। योजनाओं को अस्थायी आधार पर या एक अस्थायी लक्ष्य के लिए या गलत उद्देश्य के लिए नहीं बनाना चाहिए। उचित कर नियोजन के द्वारा व्यक्ति न केवल करों की देनदारियों को कम कर सकता है बल्कि अपने जीवन की विभिन्न अवस्थाओं में निर्धारित लक्ष्यों के लिए भी बचत कर सकता है।

उचित कर बचत वाहन के विकल्प का चुनाव करना मुख्य रूप से चार चीजों पर आधारित हैः करों में लाभ कैसे प्राप्त किया जाए, कर बचत का उपकरण, अवधि और करदेयता की स्थिति। कर बचत उपकरण का चुनाव करना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है जिसे एक विशिष्ट लक्ष्य के साथ जोड़ा जा सकता है।

कर लाभों को किस प्रकार प्राप्त किया जाना चाहिएः व्यक्ति धारा 80 सी पर विचार सकता है जो 1.5 लाख तक का वार्षिक कर लाभ एक या अधिक योग्य निवेशों में और विशिष्ट खर्चों में प्रदान कर सकता है। योग्य निवेशों में जीवन बीमा, इक्विटी से जुड़ी बचत योजनाएं  (ELSS), म्युचुअल फंड, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC), आदि शामिल हैं, जबकि खर्च और बहिर्वाह में ट्यूशन फीस, होम लोन के मूलधन का भुगतान आदि शामिल हैं। अगर करदाताओं की 1.5 लाख की वार्षिक सीमा समाप्त हो जाती है तो वे अपने सेवानिवृति के लिए  राष्ट्रीय पेंसन योजना (एनपीएस)  पर विचार कर सकते हैं और इस प्रक्रिया में अतिरिक्त कर की बचत कर सकते हैं। 2015-16 के बाद 50,000 तक की अतिरिक्त छूट भी संभव है। उच्चतम 30 प्रतिशत आयकर सीमा में किसी व्यक्ति के लिए लगभग 15,000 रुपये की अतिरिक्त वार्षिक बचत हो सकती है।

स्वयं और परिवार के सदस्यों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम 25,000 रुपये और 30,000 रुपये के लिए सेक्शन 80 डी के अंतर्गत उन लोगों के लिए कर लाभ प्रदान कर सकता है जो 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं। यदि किसी व्यक्ति ने होम लोन लिया हुआ है, इसके ब्याज के भुगतान पर भी सेक्शन 24 के अंतर्गत दावा किया जा सकता है। अन्य छूटों में शामिल हैं, सेक्शन 80 जी के अंतर्गत दिया गया दान, सेक्शन 80 ई के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्राप्त ऋण पर ब्याज का भुगतान शामिल हैं।

कर बचत के उपकरणों के प्रकार: सेक्शन 80 सी के अंतर्गत किए गए निवेशों के अंदर दो प्रकार के विकल्प मौजूद हैं - ”स्थायी एवं निश्चित रिटर्न“ और ”मार्केट से जुड़े रिटर्न“। पहले वाले विकल्प में ऋण सम्पत्तियां होती हैं, जिनमें कम से कम पांच साल की अवधि के लिए अधिसूचित बैंकों में जमा, एंडोमेंट, पीपीएफ, एनएससी, वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाएं a (SCSC), आदि शामिल हैं। ‘मार्केट से जुड़े रिटर्न’ श्रेणी में मुख्य रूप से इक्विटी सम्पत्ति वर्ग शामिल है। यहां पर म्युचुअल फंडों के ELSS को चुना जा सकता है और युलिप योजनाओं को शामिल किया जा सकता है जिनमें पेंसन योजनाएं और  NPS भी शामिल हैं।

अवधि: उपरोक्त सभी कर बचत उपकरण स्वाभाविक रूप से मध्यम से लम्बी अवधि के उत्पाद हैं-तीन वषीर्य सीमा -जिसमें ELSS शामिल हैं- से लेकर PPF की 15 वर्ष की सीमा शामिल है।

ब्याज पर कर देयता  विचार करने योग्य अन्य महत्वपूर्ण कारक है कर बचत करने के लिए किए गए निवेश के बाद प्राप्त होने वाला लाभ। उदाहरण के लिए, अधिकतर निर्धारित और सुनिश्चित लाभ उत्पाद जेसे NSC आपको सेक्शन 80 सी के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन वर्तमान में 8.1 प्रतिशत (पांच वर्ष) वार्षिक पर कर देय है। इससे उच्चतम करदाताओं के लिए कर के बाद 5.60 प्रतिशत लाभ लागू होता है। कर बचत के सभी उपकरणों में केवल  PPF, EPF, ELSS और बीमा योजनाओं में EEE की स्थिति लागू होती है, अर्थात निवेश, वृद्धि और निकास की तीन अवस्थाओं के दौरान धनवृद्धि पर छूट मिलती है। 6 प्रतिशत की वार्षिक महंगाई दर पर विचार करते हुए वास्तविक आय लगभग शून्य होती है! महंगाई विशेष रूप से लम्बे समय तक पैसे की खरीद शक्ति को कम देती है।

सही विकल्प का चुनाव करना

सबसे पहले, मध्यम और लम्बी अवधि के लक्ष्य की पहचान करें। एक इक्विटी आधारित कर बचत उपकरण लम्बी अवधि के लक्ष्यों के लिए उचित होगा क्योंकि इक्विटी में लाभ प्राप्त होने में लम्बा समय लगता है। लम्बी अवधि तक धन जमा होता रहता है इसलिए कर मुक्त निवेश करें। और एक कर योग्य निवेश पर विचार करने से पहले, आपके लिए लागू कर दर को देखें और कर के बाद आय पर विचार करें। महंगाई को समायोजित करने के बाद करों के बाद लाभ लम्बे समय के आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता नही करेगा।

निष्कर्ष

सक्षम कर नियोजन आदर्शतः प्रत्येक वित्त वर्ष के शुरू में किया जाना चाहिए। याद रखें, जल्दबाजी में कर बचत का नियोजन करने के जोखिम बाद में कई गुणा बढ़ जाते हैं। उदाहरण के लिए गलत उत्पाद का चुनाव किए जाने की संभावना है।

ऐसा कोई एक उपकरण नहीं है जो करों की बचत करने में आपकी सहायता कर सके और साथ ही सुरक्षित, निश्चित और उच्चतम लाभ प्रदान कर सके। आपका अंतिम चुनाव आदर्शतः विभिन्न कारकों पर आधारित होना चाहिए न कि केवल वित्तीय उत्पाद से प्राप्त होने वाले लाभ के आधार पर।

 

स्रोत: इकनॉमिक टाइम्स