केंद्रीय बजट 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित योजनाएं

यह लेख वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट 2022 में घोषित योजनाओं को संक्षेप में बताता है। अधिक जानने के लिए आगे पढ़ें।

केंद्रीय बजट 2022: वित्‍त मंत्री द्वारा घोषित योजनाएं

बजट 2022 से महिलाओं, किसानों, युवाओं और पिछड़े वर्गों को लाभ होने की उम्मीद है, क्‍योंकि पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान इन क्षेत्रों की उन्‍नति का मार्ग प्रशस्त करता है। गति शक्ति योजना के तहत आर्थिक विकास के लिए पहचाने गए स्तंभ हैं - समेकित विकास, उत्पादकता में वृद्धि, ऊर्जा संक्रमण, निवेश को वित्तीय मदद देना और अवसरों को उत्‍पन्‍न करना।

ताजा बजट खास तौर पर महत्वपूर्ण था क्‍योंकि इसने ‘अमृत काल’ फ्रेमवर्क के तहत आर्थिक विकास की नींव और खाका प्रस्‍तुत किया है, जो अगले 25 वर्षों के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की रूपरेखा तैयार करता है।

केंद्रीय बजट 2022 को पेपरलेस फॉर्मेट में प्रस्तुत किया गया था, और इसमें घोषित कुछ प्रमुख योजनाएं नीचे दी गई है:

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आर्थिक विकास

  • 2022-23 के लिए भारत के लिए अनुमानित विकास दर 9.27% है।
  • 2021-22 में निवेश और CAPEX में तेज वृद्धि
  • जनवरी 2022 के लिए जीएसटी का कुल संग्रह 1.4 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2017 में इसकी शुरुआत के बाद से सबसे अधिक है।
  • आत्मानिर्भर भारत फ्रेमवर्क के तहत शुरू की गई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना अगले 5 वर्षों में संभावित रूप से 60 लाख नई नौकरियां पैदा करने और 30 लाख करोड़ मूल्य के उत्पादन को जोड़ने में सक्षम है। 
  • महामारी के बीच निरंतर ऋण तनाव की पृष्ठभूमि में अगले वित्त वर्ष में आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) का विस्तार। नए मानदंडों के अनुसार 5 लाख करोड़ रुपये के विस्तारित गारंटी कवर की अनुमति है।
  • ब्लॉकचेन तकनीक का लाभ उठाकर अगले वित्तीय वर्ष में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को आरंभ करने का प्रस्ताव रखा गया।

सामान्य योजनाएं

  • पीएम आवास योजना के तहत 2022-23 में वंचितों के उत्थान के लिए 80 लाख घर बनाने का प्रस्ताव है। इस पहल के लिए 48,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
  • विभिन्न राज्यों में फाइव-रिवर लिंकेज परियोजना, 'नल से जल' योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • 1 करोड़ परिवारों तक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का विस्तार किया गया।
  • कृषि वानिकी को अपनाने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता का विस्तार।
  • GIFT IFSC के तहत विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय, जिसे घरेलू विनियमन से मुक्त करने का प्रस्ताव है।
  • नाबार्ड कृषि उपज मूल्य श्रृंखला आवश्यकताओं पर जोर देते हुए कृषि और ग्रामीण उद्योगों में स्टार्ट-अप को वित्तीय मदद देता है।
  • उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए विशेष विकास पहल,  विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए आजीविका गतिविधियों की सरल बनाने के लिए।

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उद्योग-विशिष्‍ट योजनाएं

स्वच्छ ऊर्जा के लिए प्रोत्साहन:

  • ग्रीन(स्‍वच्‍छ) विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा देने की पहल के रूप में, कई क्षेत्रों को केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निर्धारित किए जाने की संभावना है।
  • अगले 3 वर्षों में 400 ऊर्जा कुशल वंदे भारत ट्रेनों का प्रस्‍ताव किया गया हैं।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में भीड़भाड़ कम करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 8 रोपवे परियोजनाओं का प्रस्ताव किया है।

टेलीकॉम बूस्ट

  • 2022-23 में 5G सेवाओं के शुरू होने की संभावना है।
  • 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव।
  • पॉलिश्ड हीरे और रत्नों पर सीमा शुल्क घटाकर 5% कर दिया गया है, अब से केवल सावन हीरे को छूट दी जाएगी।
  • ई-कॉमर्स के माध्यम से ज्‍वैलरी के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, जून 2022 तक नियमों का एक सरलीकृत सेट लागू होने की उम्मीद है।

शिक्षा से संबंधित:

  • डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
  • प्राकृतिक, शून्य-बजट, जैविक खेती और आधुनिक तकनीकों को साथ में लाने के लिए कृषि पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम में संशोधन।

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निवेश, आयकर से संबंधित:

  • इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं।
  • वर्चुअल डिजिटल एसेट्स कर के दायरे में आएंगे; हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30%+1% कर लगाया जाएगा (इसमें क्रिप्टोकरेंसी, NFT, आदि शामिल हैं)।
  • लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स के हस्तांतरण पर अधिभार की सीमा 15% है।
  • केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों की कर कटौती की सीमा 10% से बढ़ाकर 14% करने की तैयारी है। इससे दोनों को समान सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेगा।
  • 2022-23 से आगे आय पर उपकर, या अधिभार, व्यावसायिक व्यय के रूप में अनुमत नहीं होगा।
  • कोई भी चूक और गलती होने पर आयकर रिटर्न को संशोधित किया जा सकता है। वन मिनट विंडो के माध्यम से परिवर्तन किया जाएगा, जो उस निर्धारण वर्ष के अंत से 2 वर्षों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा जिसमें टैक्‍स फाइल किया गया था।
  • मार्च 2024 तक शामिल नई निर्माण कंपनियों के लिए 15% कॉर्पोरेट कर की दर लागू की जाएगी।
  • सहकारी समितियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) को घटाकर 18.5 प्रतिशत कर दिया गया है; 1-10 करोड़ रुपये की कुल आय पर अधिभार 12% से घटाकर 7% कर दिया गया। 
  • गैर-सूचीबद्ध कंपनियों से बाहर निकलने पर अधिभार को 28.5% से घटाकर 23% किया गया।

कुल मिलाकर, बजट प्रगतिशील है, जिसमें मौजूदा आर्थिक स्थिति से संबंधित समस्‍याओं के समाधान पर ज़ोर दिया गया है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत ढांचा भी तैयार करता है।

संवादपत्र

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